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परतापुर में लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा, भाड़े के मकान में इलाज करवाने मजबूर 

Last Modified Aat : 07-Jul-18

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पखांजूर (नव प्रदेश)। ग्राम पंचायत परतापुर में अस्पताल को बने एक वर्ष हुआ पर अभी तक लोगों को इसका लाभ नही मिल पा रहा है। परतापुर प्राथमिक स्वस्थ केन्द्र मे स्वास्थ लाभ के लिए  आश्रित ग्राम भिंगीडार, पी.व्ही.69,71,वेरकोड, माहला, मुसरघाट, बुधनदण्ड, छोटेझाडकट्टा, बुधनदण्ड नेण्डगाँव, पण्डरीपानी, कृगांलमेस्पी, खेडेगाँव, कटगाँव, पुतेचुर, इत्यादि ग्राम के लोग इलाज हेतु आते है। पर लोग उसी जर्जर मिट्टी के कच्चे मकान जो किराया के मकान में चलाया जा रहा है,मे इलाज करवाने मजबुर है, ठेकेदार द्धारा मनमर्जी काम कर रहे है ! जिसमे देखा गया है की बोरिंग का नल खुला पड़ा है वही केंद्र के दरवाज़ा टुटा है और कोई सारे कमी है ! अस्पताल भवन को बनवाने ग्रामीणों को कई मुश्किलों का सामना करना पडा है 2007मे जब थाना नही था तब भवन बनाने के लिए ग्रामीणों को कई दफा नक्सलियों से सामना करना पडा तब जाकर भवन के लिये उनसे अनुमति देने के बाद निर्माण प्रारम्भ हुआ और 2018 मे 10वर्ष बाद पुर्ण हुआ।परन्तु परिस्थिति वही जो दस वर्ष पुर्व था परतापुर और इस क्षेत्र के लोगों की समस्या कोई नही समझ रहा है बस जनप्रतिनिधि चुनाव के समय ही नजर आते है और बडे-बडे दावे करते है।पुर्व में पुलिया के अभाव में कईयों ने बिमार और सर्पदंश से मौत के गाल मे समा गये। परन्तु आज पुलिया है विभागीय भवन है फिरभी पन्द्रह वर्ष पिछे का जीवन यापन करने क्षेत्रवासी मजबुर क्यों?इसे शासन-प्रशासन की अनदेखी कहा जाय या ग्रामीणों की सुस्त रवैया।सरकार ने जब लाखो रुपए खर्च कर भवन बनवाया फिर नये भवन को उद्घाटन करने  मे आना-कानी क्यों?यह इस क्षेत्र का एक मात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है जिस पर इलाज के लिये लोगों को आस है।अगर ये सही समय पर उद्घाटन हो जाता तो शायद इसका लाभ लोगों को मिल जाता।

ग्रामीण -अमृत लाल टांडिया ने कहा की भवन  हेतु जमीन उपलब्ध नही था तो मैने अपने काबिज का भूमि गाँव के विकास के लिये समझकर दिया। पर इसका कोई फायदा नही हुआ।ग्रामीण राधेलाल नाग ने कहा कि जर-बुखार सर्दी खांसी के लिये भी हमे 15कि.मी.दुर पखांजुर जाना पड़ता है।अगर अस्पताल भवन मे होता तो सारी सुविधा होता।सामाजिक कार्यकर्ता  राजा कोमरा ने कहा कि अगर शासन ने जल्दी से भवन मे सवास्थय कार्य सँचालित नही किया तो उग्र आन्दोलन के लिये मजबुर होँगे। इस सम्बन्ध में कोयलीबेड़ा खंड चिकित्स्या अधिकारी डॉ. एन.आर.नवरत्न का कहना है की विभाग द्धारा जानकारी दी गई है मगर कोई ध्यान नहीं दे रहा है !किराया के मकान में चिकित्स्या करना मुश्किल भरा काम है बचा काम पूरा हो जाता है तो स्वास्थ विभाग का इलाज वही पर चालू हो जायगा !