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पानी टंकी ढहने से मृत बच्चों के घर वालों को मिला मुआवजा : चंद्राकर

Last Modified Aat : 07-Jul-18

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रायपुर (नवप्रदेश)। विधानसभा के अंतिम दिन आज गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम खर्रा में पानी टंकी ढहने से दो बच्चों की मौत एवं एक बच्ची के गंभीर रूप से घायल होने का मामला ध्यानाकर्षण के माध्यम से विधानसभा सदस्य आरके राय ने उठाया। उन्होंने कहा कि पंचायत निधि से निर्मित पानी टंकी में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया, जिसके चलते इस तरह की घटना सामने आई है। शासन के लचीलेपन के कारण दो घरों में मातम पसर गया और बच्चों को अपनी जान से इसका परिणाम चुकाना पड़ा। पीडि़त परिवार को मुआवजा नहीं मिलने से पूरे गांव में तथा क्षेत्र में शासन-प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश है।  ध्यानाकर्षण के बाद अपने वक्तव्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री अजय चंद्राकर ने सदन में बताया कि यह सही है कि ग्राम पंचायत खर्रा, विकासखंड गुण्डरदेही में ग्राम पंचायत द्वारा 14 वें वित्त आयोग की राशि से नदी किनारे पानी टंकी का निर्माण कराया गया  था एवं दिनाँक 06/05/2018 को पानी टंकी के ढहने से दो बच्चों की मृत्यु तथ एक बच्ची घायल हो गई। ग्राम पंचायत खर्रा द्वारा 14 वें वित्त आयोग की राशि से नियमों एवं निर्देशों के विपरीत जाकर पानी टंकी का निर्माण कराया गया था। यह कहना गलत है कि तकनीकि मार्गदर्शन की आवश्यकता न होने से निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन हुआ। वास्तव में शासन द्वारा निर्माण कार्यो के लिए तकनीकि मार्गदर्शन एवं स्वीकृति आवश्यक की गई है। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जनपद पंचायत द्वारा निर्देश भी जारी किए गए थे। साथ ही 14 वें वित्त आयोग अंतर्गत निर्माण कार्याे के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी)में कार्य का अनुमोदन आवश्यक है। ग्राम पंचायत खर्रा द्वारा बिना नियम निर्देशों का पालन किए तथा बिना तकनीकि मार्गदर्शन  लिए निर्माण कार्य कराया गया जिसके कारण यह घटना घटित हुई। इस संबंध में जांच उपरांत प्रथम दृष्टया सरपंच/सचिव तथा अन्य दो पंच दोषी पाये गए  है, उनके विरूद्ध तत्काल पुलिस थाना गुण्डरदेही  द्वारा अपराध दर्ज कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई । ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत खर्रा को अनुशासनात्मक कार्यवाही  के तहत निलंबित किया गया है। यह कहना गलत है कि मुआवजा राशि संबंधित परिवारों को नहीं दी गई है बल्कि दुर्घटना में मृतक छात्र-छात्राओं के परिवारों को विद्यार्थी सुरक्षा बीमा योजना के तहत रूपए एक-एक लाख रूपए की राशि प्रदान की गई है।  दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही एवं मुआवजे की राशि प्रदाय किए जाने के कारण शासन-प्रशासन के विरूद्ध किसी प्रकार का रोष एवं आक्रोश व्याप्त नहीं है।