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संपादकीय: मोदी विरोधी महागठबंधन की कवायद

Date : 07-Jul-18

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संपादकीय: मोदी विरोधी महागठबंधन की कवायद

2019 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव के लिए मोदी विरोधी महागठबंधन बनाने की कवायद तेज होती जा रही है। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने प्रस्तावित महागठबंधन को मोदी विरोधी गठबंधन करार दिया था। उन्होंने कहा था कि सिर्फ उन्हें रोकने के लिए महागठबंधन बनाया जा रहा है जिनका एक सूत्रीय एजेंडा यह है कि उनकी सरकार न बनने दी जाए। पीएम मोदी के इस बयान के बाद तमाम भाजपा विरोधी राजनीतिक दलों ने महागठबंधन को आकार देने के काम में तेजी ला दी है। देश के आधा दर्जन राज्यों में लगभग ढाई सौ सीटों पर चुनाव पूर्व महागठबंधन बनाने का ब्लू प्रिंट तैयार हो चुका है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तरप्रदेश, बिहार और तामिलनाडु आदि राज्यों में महागठबंधन बनना लगभग तय हो चुका है। गौरतलब है कि इन राज्यों में पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को लगभग डेढ़ सौ सीटे मिली थी। इनमें सबसे महत्वपूर्ण उत्तरप्रदेश और बिहार जैसे राज्य है जहां भाजपा ने विपक्ष का सुपड़ा लगभग साफ कर दिया था। खासतौर पर उत्तरप्रदेश में यह महागठबंधन भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। जहां सपा और बसपा ने मिलकर फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव में भाजपा को शिकस्त देकर अपनी ताकत का अहसास करा दिया था। यही वजह है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी दौरे के दौरान भाजपा का कार्यकर्ताओं को नसीहत दी है कि वे सपा और बसपा की दोस्ती से चौकन्ने रहे। हालांकि अमित शाह ने यह दावा किया है कि यूपी में इस बार भाजपा पहले से ज्यादा सीटें जीतने में सफल होगी लेकिन हकीकत यह है कि महागठबंधन बन जाने से भाजपा की राह आसान नहीं रहेगी। बहरहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि यह महागठबंधन कैसा आकार लेता है और उनमें सीटों को लेकर कितना घमासान मचता है।