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खूफिया विभाग के दफ्तर से चोरी हो गई पुलिस अफसर की दुपहिया!

Date : 05-Jul-18

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  •  एसआईबी बिल्ंिडग की पार्किंग से गाड़ी पार

रायपुर (नवप्रदेश)।  खबर चौंकाने वाली है..मामला पुराने पुलिस मुख्यालय का है। सभी पर खूफिया निगाह रखने वाली पुलिस की एसबी शाखा के अफसर की एक्टिवा ही विभाग की नाक के नीचे से चोरी हो गई। चिंताजनक बात यह कि यह घटना उस जगह हुई जहां से स्टेट इंटेलिजेंस ब्यूरो और स्पेशल ब्रांच का दफ्तर संचालित होता है। पंद्रह फीट ऊंची सुराक्षा दीवार, कंटीले तारों से घिरा पुराना पुलिस मुख्यालय परिसर में एंट्री गेट पर सश जवान भी तैनात रहता है। तुर्रा यह कि पूरा प्रिमाइसिस भी सीसीटीवी कैमरे से लैस है। ऐसे में एक वाहन चोर बेधड़क बिना किसी जांच-पड़ताल के एसआईबी बिल्ंिडग तक पहुंचा। पास ही वाहन पार्किंग में कैमरा लगा होने के बाद भी बेखौफ नई एक्टिवा को ले उड़ा। जानकारी के मुताबिक मामला बुधवार की शाम का है। दिनभर लोगों की आवाजाही पुराने पीएचक्यू में रहती है। इसे सुरक्षित परिसर भी माना जाता है। पार्किंग में पुलिस अफसर-कर्मी अपनी गाडिय़ां रखते हैं। कल उपनिरीक्षक स्पेशल ब्रांच विनोद कोरी कार्यालय समय पर पहुंचकर दुपहिया वाहन क्रमांक-सीजी 04 एलएच 5397 पार्क कर चले गए। जब काम खत्म होने के बाद वे शाम को लौटे तो पार्किंग में जहां उन्हों ने अपनी ब्लैक कलर की एक्टिवा खड़ी कर के गए थे वो गायब थी। एसआई कोरी ने आसपास के लोगों से पता किया और सुरक्षा गार्ड से भी पतासाजी की पर गाड़ी की सहीं जानकारी नहीं मिली। वाहन चोरी की आशंका के बाद पार्किंग एरिया में लगा पुलिस का सीसीटीवी कैमरा चेक करवाने वे कंट्रोल रूम पहुंच तब भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

24 घंटे बाद भी नहीं लिखी एफआईआर

घटना के बाद जब वाहन चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए उपनिरीक्षक कोरी जब थाना गए तो ऑन लाइन रिपोर्ट लिखने के लिए बोला गया। तय फॉर्मेट पर ऑन लाइन रिपोर्ट लिखने के लिए वो जब दफ्तर आए तो लिंक ही फेल बताया और एफआईआर गाड़ी चोरी होने के 24 घंटे बाद भी दर्ज नहीं हो पाई। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ऑन लाइन कम्पलेंट वाला लिंक फेल था और आखिरकार पीडि़त अफसर  को लिखित में शिकायत दर्ज करवाना पड़ा।

पुलिस को नहीं चोर को मालूम था कैमरा है बंद

जानकारी के मुताबिक पुराने पीएचक्यू स्थित एसआईबी बिल्ंिडग के पास वाली पार्किंग में लगा पुलिस विभाग का कैमरा कई दिनों से बंद है। विभागीय लापरावाही का खामियाजा पुलिस उपनिरीक्षक को ही भुगतना पड़ा। उससे ज्यादा बुरी बात यह कि विभाग को ही नहीं मालूम था कि पार्किंग का कैमरा बंद है। मगर सूत्रों का दावा है कि वाहन चोर को इसकी खबर थी कि कैमरा खराब पड़ा है। बताते हैं कि पूर्व में भी एक गाड़ी पार हुई थी जो बाद में मिल गई।