nav Pradesh logo

माना एयरपोर्ट में डंप बांग्लादेशी बोइंग पैसेंजर प्लेन को 1 हजार 32 दिन पूरे

Last Modified Aat : 05-Jul-18

News image
<

 

  • टेकऑफ और पार्किंग चार्ज मिलाकर 1 करोड़ की लगेगी चपत
  •  बांग्लादेश की यूनाइटेड विमानन कंपनी ने खड़े किये हाथ

रायपुर(नवप्रदेश)। बांग्लादेश यूनाइटेड एयरवेज का प्लेन अब रायपुर के माना एयरपोर्ट के लिए गले की हड्डी बन गया है। ऐन मुसीबत के वक्त भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण की मदद का सिला यह कि बांग्लादेश अपने खराब और कंडम बड़े प्लेन का पार्किंग भाड़ा भी अदा करने की स्थिति में नहीं है। रायपुर के स्वामी विवेकानंद इंटरनेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी व उड्डयन विभाग ने दर्जनभर से ज्यादा पत्र और ई-मेल संदेश बांग्लादेश सरकार को दिया है। चौंकाने वाली बात यह कि अब किराया भाड़ा तो दूर अपने विमान को भूल चुका बांग्लादेश का विमानन मंत्रालय मेल का जवाब देना भी बंद कर दिया है।

इधर व्यवहारिक दिक्कतों की वजह से भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण के अफसर भी कोई ठोस निर्णय ले नहीं पाए हैं। जानकारी के मुताबिक प्लेन का पार्किंग रेंट ही 1 हजार 32 दिनों के हिसाब से तकरीबन 75 लाख 44 हजार के करीब पहुंच गया है। फिर बांग्लादेश से यहां आने, पायलट, क्रू मेंबर समेत इंजीनियरों की टीम व टेकऑफ की अनुमति में अतिरिक्त खर्च मिलाकर पूरा मामला 1 से डेढ़ करोड़ तक पहुंचेगा। बताते हैं कि पहले ही प्लेन की खराबी और 172 यात्रियों को भुगतान व बांग्लादेश व मस्कट भेजने में ही युनाईटेड एयरवेज की हवा टाइट हो गई। ऐसे में गरीबी से जूझ रहे बांग्लादेशी एयरवेज के लिए यह रकम संभवतया ज्यादा लग रही है।

कुर्की के बाद अब निलामी होगी

तकरीबन 1 हजार 32 दिन से रायपुर एयरपोर्ट माना के पार्किंग एरिया में खड़े इस विदेशी यात्री विमान की कभी भी बोली लगाई जा सकती है। हालाकि भारतीय उड्डयन मंत्रालय बांग्लादेश यूनाइटेड एयरवेज को एक और मौका दे रहा है। समय पर विमान को ले जाने के लिए तकरीबन दर्जनभर ई-मेल और पत्र प्रेषित किया गया है। पूर्व में खराबी के लिए वहां से टीम आई थी और खराब इंजिन को लेकर रवाना हो गई। उसके बाद से बांग्लादेश सरकार व विमानन कंपनी ने अब भारतीय मेल का जवाब भी देना बंद कर दिया है। कुर्की की प्रक्रिया भी की जा चुकी है जो कारगार नहीं रही। मजबूरन विमानन विभाग को प्लेन निलाम कर रायपुर एयरपोर्ट पार्किंग की किराया राशि देने वाला है।

इंटरनेशनल फ्लाइट की पहली इमरजेंसी लैंडिंग

सात अगस्त 2015 की शाम को सात बजे स्वामी विवेकानंद विमानतल में पहली बार इंटरनेशनल फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग हुई है। तकरीबन 30 हजार फीट की ऊंचाई में जेट प्रॉपेलर इंजिन में खराबी आई थी। उस वक्त प्लेन बांग्लादेश से मस्कट की उड़ान पर था और विमान में 172 यात्री थे। पायलट और माना एयरपोर्ट अथॉरिटी की सूझबूझ से आपात लैडिंग बिना किसी नुक्सान के कामयाब रही। यात्रियों को अन्य संसाधनों से बांग्लादेश व मस्कट की उड़ान के लिए व्यवस्था होने तक सभी को रायपुर के माना एयरपोर्ट में ही रखा गया था।

इंजीनियरों की टीम आई और चलती बनीं

बांग्लादेशी यूनाइटेड एयरवेज की तरफ से खराब इंजन को वापस सड़क मार्ग से ले जाने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी को पत्र सौंपा गया था। इजाजत मिलने के बाद दिया गया। खराब इंजन बांग्लादेश रवाना हो चूका था। वहीं विमान को बनाने पहुंचे इंजीनियर्स की पूरी टीम अपना काम फरवरी 2016 में पूरा करके खामोशी से लौट गई। फिर क्या हुआ इसका अनुमान लगाना मुमकिन नहीं है पर बांग्लादेशी सरकार व कंपनी चुप है और पार्किंग का पैसा उनके बजट से शायद बाहर है। 

एक नजर...

  • 1032 दिनों से रायपुर एयरपोर्ट में खड़ा है विमान 
  • हर रोज लगभग 4500 सौ रूपए है पार्किंग चार्ज
  • पार्किंग चार्ज 75 लाख 44 हज़ार के लगभग पहुंचा
  • यह 220 सीटर विमान तकरीबन 130 करोड़ का है
  • दो दर्जन मेल-पत्र भेजने के बाद अब नो रिस्पांस
  • इस संबंध में लीगल नोटिस भी की जा चुकि है जारी
  • पार्किंग भाड़ा वसूलने अब कुर्की की प्रक्रिया होगी शुरु

 

  • महीने की अंत मेंहोने वाली बैठक के बाद ही पता चलेगा कि यह फ्लाइट कब जाएगी। रोजाना पार्किंग चार्ज तकरीबन 8-9 हजार रुपए है। दस दिन पहले बांग्लादेश की विमान कंपनी से बड़ी मुश्किल से संपर्क व बात हुई थी तो वे इस माह के अंत तक प्लेन को ले जाने का भरोसा दिलाए हैं। अगर और समय लगेगा तो प्लेन कुर्क या निलाम करके किराया वसूला जाएगा।
  • राकेश सहाय, एपीडी.स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर