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राज्य सरकार ने प्रथम अनुपूरक में किए कई ऐतिहासिक प्रावधान : डॉ. रमन सिंह

Last Modified Aat : 05-Jul-18

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  • इस वित्तीय वर्ष का पहला अनुपूरक ध्वनिमत से पारित
  • लगभग 4,878 करोड़ रूपए का प्रावधान अब छत्तीसगढ़ के मुख्य बजट का आकार 92 हजार करोड़ से ज्यादा

रायपुर(नवप्रदेश)। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां विधानसभा में चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान अपनी सरकार के प्रथम अनुपूरक बजट में गांव, गरीब और किसानों सहित सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को भी कई सौगातें दी। पक्ष और विपक्ष के बीच गहन चर्चा के बाद चार हजार 878 करोड़ रूपए का यह अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। उन्होंने कहा-राज्य सरकार ने प्रथम अनुपूरक बजट में कई ऐतिहासिक प्रावधान किए हैं।

प्रदेश के मुख्य बजट का आकार अब 92 हजार करोड़ से ज्यादा

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के वर्तमान वित्तीय वर्ष 2018-19 के मुख्य बजट में 87 हजार 463 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया था। आज पारित अनुपूरक बजट का मिलाकर प्रदेश के इस वर्ष के बजट का आकार बढ़कर 92 हजार 341 करोड़ रूपए हो गया। मुख्यमंत्री ने प्रथम अनुपूरक के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुपूरक बजट के माध्यम से विकास की अनेक बड़ी जरूरतों के लिए वित्तीय प्रबंध किया गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना तीन साल में 11 लाख गरीबों के बनेंगे पक्के मकान

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरों क्षेत्रों को मिलाकर 17 हजार 605 करोड़ रूपए की लागत से 11 लाख गरीब परिवारों के लिए पक्के मकानों का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य चल रहा है। जिन परिवारों को पक्के मकान मिल गए हैं, उनके चेहरों की खुशियों को देखें। पक्के मकान के साथ उन्हें उज्ज्वला योजना में रसोई गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। उजाला योजना में बिजली से उनके घरों में रौशनी हो रही है और स्वच्छ भारत मिशन के तहत उनके लिए पक्के शौचालय भी बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा-ये होता है, गरीबों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन। प्रधानमंत्री की यह योजना गरीबों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए एक बेहतर योजना है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी Óहर गरीब का सपना-घर हो पक्का अपना इस सपने को पूरा करने के लिए वचनबद्ध हैं। वर्ष 2022 तक देश के हर गरीब परिवार का पक्का मकान होगा। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2016-17 और वर्ष 2017-18 में चार लाख 39 हजार मकानों के निर्माण का लक्ष्य था। इसमें से अब तक तीन लाख 81 हजार अर्थात 87 प्रतिशत परिवारों के मकान बन चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ सरकार की तत्परता और गुणवत्ता को देखते हुए इस वित्तीय वर्ष 2018-19 का लक्ष्य एक लाख 84 हजार 549 से बढ़ाकर लगभग तीन लाख 49 हजार कर दिया है। इस प्रकार छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में अब तीन वर्ष में दस हजार 142 करोड़ रूपए की लागत से सात लाख 88 हजार गरीब परिवारों के लिए पक्के मकान बनेंगे। राज्य के शहरी क्षेत्रों में भी इस अवधि में सात हजार 463 करोड़ रूपए (हितग्राही के अंशदान को छोड़कर) की लागत से तीन लाख परिवारों के लिए पक्के मकानों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रकार पूरे राज्य में 17 हजार 605 करोड़ रूपए की लागत से 11 लाख परिवारों के पक्के मकानों का सपना साकार होगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए एक हजार 269 करोड़ 17 लाख रूपए की नवीन स्वीकृति राज्य को मिली है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन और नियमितीकरण आदि के लिए एक हजार 025 करोड़ रूपए, संचार क्रांति योजना के तहत स्मार्ट फोन और मोबाइल टावरों की स्थापना के लिए 566 करोड़ 79 लाख रूपए, आयुष्मान भारत योजना में राज्य के अंशदान के लिए 305 करोड़ रूपए, एक अप्रैल 2018 से प्रारंभ मुख्यमंत्री पेंशन योजना में चार लाख 89 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है। इस पेंशन योजना में वृद्धावस्था पेंशन योजना और विधवा तथा परित्यक्त महिलाओं की पेंशन योजना के लाभ से वंचित रह गए चार लाख 89 हजार लोगों को फायदा होगा। इसके लिए अनुपूरक बजट में 200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा-प्रदेश के किसानों को उनकी मेहनत के एवज में राज्य सरकार द्वारा एक हजार 706 करोड़ रूपए का धान बोनस पहले ही दिया जा चुका है। प्रत्येक किसान को औसतन 73 हजार रूपए की दर से 12 लाख 06 हजार किसानों को धान का बोनस दिया गया है। अब छत्तीसगढ़ के चना उत्पादक किसानों को भी प्रोत्साहन के लिए 1500 रूपए प्रति एकड़ की दर से राशि दी जाएगी। इसके लिए प्रथम अनुपूरक में 120 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश में छह नवीन तहसीलों की होगी स्थापना

डॉ. सिंह ने इस अवसर पर छह नवीन तहसीलों की स्थापना के लिए भी अनुपूरक बजट में आवश्यक प्रावधान किए जाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि नई तहसीलों की स्थापना राजनांदगांव जिले के गंडई, जिला बलौदाबाजार के लवन और भटगांव, जिला कोरिया के चिरमिरी, जिला कबीरधाम के रेंगाखार कला और जिला जांजगीर चांपा के शिवरीनारायण में की जाएगी।

शिक्षाकर्मियों के संविलियन-नियमितीकरण के लिए एक हजार करोड़ से ज्यादा राशि का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने शिक्षाकर्मियों के संविलियन और नियमितीकरण के बारे में राज्य सरकार के फैसले पर प्रकाश डालते हुए कहा-उनकी इन मांगों के सभी पक्षों पर सहृदयतापूर्वक विचार करते हुए राज्य सरकार ने संविलियन और नियमितीकरण का निर्णय लिया है। अब आठ वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मियों को नियमित वेतन का लाभ दिया जाएगा और भविष्य में उन्हें नियमानुसार प्राचार्य तथा प्रधान अध्यापक के पद पर पदोन्नति की भी पात्रता होगी। लगभग एक लाख शिक्षाकर्मियों को इस निर्णय का तत्काल फायदा एक जुलाई 2018 से मिलना शुरू हो जाएगा और क्रमश: आठ वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर सभी शिक्षाकर्मी इस लाभ के पात्र होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा-इस व्यवस्था के लिए प्रथम अनुपूरक में एक हजार 025 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

रमन सरकार के कर्मचारी हितैषी फैसले

उन्होंने प्रदेश सरकार के कर्मचारी हितैषी फैसलों पर भी प्रकाश डाला। डॉ. सिंह ने कहा-राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को एक जनवरी 2016 से सातवें वेतन मान का लाभ देना शुरू किया है। इससे लगभग ढाई लाख शासकीय सेवकों को औसतन 15 प्रतिशत बढ़े हुए वेतन का लाभ मिल रहा है।

पेंशनरों को भी सातवें वेतनमान के अनुरूप मिलेगी पेंशन

मुख्यमंत्री ने पेंशनरों के हित में एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि एक जनवरी 2016 के पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को सातवें वेतनमान के अनुरूप मूल पेंशन का 2.57 गुना पेंशन और परिवार पेंशन का फायदा एक अप्रैल 2018 से दिया जाएगा। लगभग 80 हजार पेंशनरों को इस बढ़ी हुई पेंशन का लाभ मिलेगा। डॉ. सिंह ने बताया-राज्य शासन द्वारा एक जनवरी 2016 के बाद सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को मिलने वाली गेच्युटी की अधिकतम राशि दस लाख रूपए से बढ़ाकर 20 लाख रूपए कर दी गई है।

मितानिनों के लिए 66.81 करोड़ रूपए का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने बताया-स्वास्थ्य विभाग की मितानिनों को राज्यांश से दिए जाने वाले मानदेय की राशि में भी वृद्धि की गई है। इससे 70 हजार मितानिनों की मासिक आमदनी में 400 रूपए से लेकर 1000 रूपए तक वृद्धि हुई है। इसके लिए प्रथम अनुपूरक में 66 करोड़ 81 लाख रूपए का प्रावधान किया गया।

जल संसाधन विभाग के 500 से ज्यादा उप अभियंताओं का होगा प्रमोशन

डॉ. रमन सिंह ने बताया- जल संसाधन विभाग में 30 से 40 वर्ष की सेवा करने वाले 500 से अधिक उप-अभियंताओं के प्रमोशन के लिए सांख्येत्तर पदों की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के लिए 87.75 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की गई थी। 1 अपै्रल 2018 से लगभग 91 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को इसका लाभ मिलना शुरू हो गया है। बढ़े हुए मानदेय की राशि हेतु अनुपूरक में 87 करोड़ 75 लाख अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

कोटवारों को अब डेढ़ गुना मानदेय

पंचायत सचिवों को उच्चतर वेतनमान और विशेष भत्ता

राज्य शासन द्वारा वर्ष 2018-19 में कोटवारों को प्रदाय मानदेय को डेढ़ गुना एवं पटेलों के मानदेय राशि को 1 हजार से बढ़ाकर 2 हजार किया गया है। ग्राम पंचायतों में सचिवीय व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु 15 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले पंचायत सचिवों को उच्चतर वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे 2400 का लाभ दिया गया है। 15 वर्ष से कम सेवा अवधि वाले पंचायत सचिवों को वर्तमान वेतनमान के साथ प्रतिमाह 1 हजार 500 की दर से विशेष भत्ता दिया जा रहा है। इससे 10 हजार 971 पंचायत सचिव लाभान्वित हो रहे हंै।

रोजगार सहायकों के मानदेय में वृद्धि

मनरेगा योजना के तहत पदस्थ रोजगार सहायकों के मानदेय में वृद्धि करते हुए 5 वर्ष से अधिक सेवा वालों को 5 हजार 450 एवं 5 वर्ष से कम सेवा वालों को 5 हजार का भुगतान 1 अप्रैल 2018 से किया जा रहा है।