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छुरिया तहसील के ग्राम घोघरे में मुरुम का अवैध खुदाई, तहसीलदार ने की कार्यवाही

Last Modified Aat : 04-Jul-18

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  • वन व खनिज क्षेत्र में लम्बे समय से खनन माफिया कर रहे है रेत मुरुम का काला कारोबार
  • खनिज विभाग व वन विभाग के सिपासलार सो रहे है गहरी नींद में कार्यवाही सिर्फ नाम मात्र
छुरिया। क्षेत्र में लम्बे समय से खनन माफिया का राज चल रहा है जिसे लेकर समाचार पत्रों के माधयम से शासन प्रशासन के संबंधित विभागों को सूचित किया जाता रहा है पर संबंधित विभागो के सिपासलारो के कान में जू तक नहीं रेगती जब मिडिया में सामचार लगातार प्रकाशित होता है तब कही जाकर विभाग जगती है और एकात कार्यवाही कर अवैध खनन पर सिर्फ पर्दा डालने का काम करते है। जिसका उधारण कल घोघरे में हुए कार्यवाही में देखने को मिला छुरिया तहसीलदार श्री कवंर को सूत्र से जानकारी मिली की घोघरे में शासकीय भूमि से मुरुम का जे.सी.बी. द्वारा अवैध खनन कर छुरिया के किसी नए प्रगति शील शासकीय भवन पर माजदा से ले जाया जा रहा है तब श्री कवंर ने मौके पर छापा मारा जहाँ पर मुरुम से भरी हुयी दो माजदा वाहन क्रमांक सी.जी.08 एल 1942 और की.जी.08 ई.3533 को रंगे हाथो पकड़ा जिसका पंचनामा भी तैयार कर वाहन जप्ती किया गया, लेकिन जिससे खोदाई कर माजदा में भरने वाले जे.सी.बी. को नहीं पकड़ा गया जिसका जिक्र भले ही पंचनामा में न हो पर मिडिया कर्मी के कैमरे में कैद होने से कोई रोक नहीं पाया अब सवाल यह उठता है की जब मुरुम से भरी माजदा को पकड़ा गया तो फिर जे.सी.बी.को क्यों नहीं क्या जे.सी.बी. के मालिक को फ़ाईन न हो का अभयदान तो नहीं दिया गया, यह चर्चा का विषय है। सूत्र तो यह भी बताते है की खनिज विभाग और स्थानीय वन विभाग के चंद रुपयों में बिकने वाले कुछ सिपाहीयों के कारन ही खनन माफियाओ का हौसला बुलंद है और यही वजह है की वन क्षेत्र व राजस्व क्षेत्रो से खूलेआम रेत मुरुम का अवैध कारोबार कर खनन माफिया सरकार को लाखो रूपए राजस्व का चुना लगाकर लखपति बन रहे है, अब देखना यह होगा की आज के इस प्रकाशन से शासन प्रशासन का नींद खुलती भी या नहीं ।