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एनएसयूआई नेत्री से छेड़छाड़ वाले मामले में फैरोज ने की तैयारी, दाग छुपाने के लिए फोटो का सहारा

Last Modified Aat : 04-Jul-18

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  •  चाल, चरित्र और चेहरा बचाने पेश किये जाएंगे कई सबूत

रायपुर (नवप्रदेश)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष फैरोज खान को बचाने के लिए उसके राजनीतिक गुरु ऐड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। एआईसीसी में दो आला नेता फैरोज की तरफदारी में लग गए हैं। फैरोज को कश्मिरी छात्र राजनीति से दिल्ली तक का सफर तय करवाने में अहम किरदार निभाने वाले एआईसीसी के दो दिग्गज हैं। अध्यक्ष राहुल गांधी की कभी सबसे विश्वासपात्र रहीं एक महिला नेत्री और गांधी परिवार के काफी नजदीक रहे कश्मिरी नेता फैरोज के लिए पूरी तैयारी कर चुके हैं। हालाकि दोनों की लाख कोशिशों के बाद भी फैरोज खान का पद में रहना मुश्किल है, लेकिन दोनों दिग्गज नेता उसपर आरोप लगाने वाली भिलाई की एनएसयूआई नेत्री को ही गलत पेश करने की रणनीति बना चुके हैं। एनएसयूआई सूत्रों की मानें तो पहले 3 जुलाई को कथित आरोप लगाने वाली छात्र नेता अभिनीत और राष्ट्रीय अध्यक्ष फैरोज का बयान तीन सदस्यी जांच कमेटी के समक्ष होना था। बताते हैं कि आरोप लगाने वाली एनएसयूआई नेत्री अमिनीत(परिवर्तित नाम)की परीक्षा के चलते 5 जुलाई बयान का वक्त तय किया गया है। पार्टी फोरम में जांच कमेटी के समक्ष अभिनीत बैंगलोर सम्मेलन से लेकर अब तक का सोशल मीडिया के जरिये फैरोज द्वारा की गई बातें बतौर सबूत पेश किया जाएगी। पूर्व में भी कुछ युवा नेत्रियों से की गई कथित बातों का उल्लेख अभिनीत करेंगी। इधर फैरोज पर चाल, चरित्र और खराबी का आरोप लगाने वाली अभिनीत के खिलाफ भी कई पुख्ता सबूत दोनों दिग्गज नेताओं द्वारा एकत्र किया गया है। बताते हैं कि पब, बार, रेस्टोरेंट और कई ऐसी फोटो बतौर सबूत पार्टी फोरम में फैरोज पेश करेंगे जिसमें युवा नेत्री का पार्टी लाइन के खिलाफ की गई गतिविधियां दिक्कतें बढ़ा सकता है। वहीं कई तकनीकि और व्यवहारिक कारणों से भी अभिनीत को मुश्किलें आ सकती हैं। उसके आरोप से फैरोज के लिए निलंबन, पदच्युत करने जैसा ही फैसला होगा। परंतु कानूनी कार्रवाई के लिए अभिनीत को बैंगलोर से शुरुआत करना होगा।

बैंगलोर में हैं फैरोज के राजनीतिक गुरु

पार्टी हलकों में चर्चा है कि जहां से अभिनीत के साथ गलत हुआ वहां एफआईआर करवाना आसान नहीं होगा। क्योंकि वहां कांग्रेस का राज है और वहां के प्रभारी भी फैरोज के क्षेत्र के हैं। बताते हैं कि कश्मिरी छात्र नेता फैरोज को दिल्ली लाने में उनकी अहम भूमिका थी। आजाद के अलावा राहुल की सबसे विश्वासपात्रों में शुमार महिला नेत्री भी फैरोज को फेवर करती हैं। ऐसे में कानूनी मामलों में अभिनीत को खासी कवायद करना होगा।

अभिनीत के खिलाफ जुटाए गए ये सबूत

भिलाई की छात्र नेता अभिनीत(परिवर्तित नाम)के एफबी एकाउंट से कई पुरानी फोटो फैरोज जांच कमेटी के समक्ष रख सकते हैं। फोटो में हाथ में ड्रिंक का ग्लास पकड़े और कई ऐसे पोज हैं जिसे पार्टी लाइन के नियमों में सहीं नहीं माना जाता। दिल्ली के पब, होटल, रेस्टोरेंट्स व बार की कई फोटो हैं। वहीं फैरोज कमेटी के समक्ष उनके कथित मैसेज को नकार सकते हैं और सोशल मीडिया अकाउंट को फेक बोलकर जांच के नाम पर मामले को लंबा खींचने का प्रयास भी होगा।

फैरोज को तब्दीलियां ले डूबीं!

माना जा रहा है कि कश्मीर की छात्र राजनीति और मध्यम वर्गीय परिवार से संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर फैरोज ने किया है। इसके साथ ही संगठन में आते ही 22 पदों में पुरानों को हटाकर नए चेहरों को लाने से उनका अंदर ही अंदर विरोध शुरु हो गया था। हालाकि दिल्ली में हमेशा जीतने वाली एबीवीपी को शिकस्त देनें का क्रेडिट फैरोज को ही जाता है। इसलिए उन्हों ने संगठन में 22 लोगों को निकालकर तकरीबन 17 अपने लोगों को बिठाया। इन वजहों से भी विरोध और बढ़ गया था। सूत्रों की मानें तो दिल्ली, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के दिग्गज छात्र नेता मौके की तलाश में ही थे। इसमें संगठन के कुछ पुराने खाटी व बड़े नेताओं ने भी मामले को हवा दी है। खैर, कथित घटनाक्रम की सच्चाई और तीन सदस्यी जांच कमेटी का फैसला किसके फेवर में आएगा यह वक्त के गर्त में है। परंतु इतना साफ है कि इसे इशू बनाने वालों को कई तरह से संगठनात्मक लाभ मिलेगा पर अभिनीत और फैरोज को इसका दीर्घकालिक नुक्सान होगा।