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इंटर स्टेट बॉर्डर एक्शन प्लान से घबराए लाल लड़ाके, बलौदाबाजार और महासमुंद में बढ़ी नक्सली मूवमेंट 

Last Modified Aat : 04-Jul-18

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  •  डीजीपी ने मांगी पुलिस अधीक्षकों से रिपोर्ट

 रायपुर(नवप्रदेश)।छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार और महासमुंद जिले में नक्सलियों का मूवमेंट दर्ज किया गया है। लाल लड़ाकों की हरकत बढऩे की खबर को देखते हुए एंटी नक्सल आपरेशन स्पेशल डीजीपी दुर्गेश माधव अवस्थी ने बलौदा बाजार और महासमुंद के पुलिस अधीक्षकों से मामले में रिपोर्ट मांगी है। डीजीपी के निर्देश के बाद सोमवार को दोनो जिलों के कप्तानों ने अपने अधीनस्थ निरिक्षकों के साथ बैठक की और नक्सलियों के मूवमेंट और उनकी घटनाओं की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी है।

पुलिस मुख्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बस्तर में पुलिस की सक्रियता को देखते हुए नक्सली सुरक्षित ठिकाने की तलाश में कवर्धा, महासमुंद, बलौदा बाजार की तरफ रूख कर रहे है। कवर्धा, महासमुंद, बलौदा बाजार में लगातार नक्सली समर्थको के पकड़ाने और सर्चिंग के दौरान नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोग में किए जाने वाले सामान मिलने की सूचना पर जून माह के अंत में डीजीपी डीएम अवस्थी ने बलौदा बाजार एसपी आरएन दास और महासमुंद एसपी संतोष सिंह से मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। डीजीपी के निर्देश पर रिपोर्ट बनाने से पहले बलौदा बाजार और महासमुंद एसपी ने अपने-अपने जिले में पदस्थ निरीक्षकों के साथ बैठक की और विस्तृत जानकारी हासिल करके रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय का भेजी है।

ज्वाइंट एक्शन के बाद बार्डर में जाने से डरे नक्सली

पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों की मानें तो तेलंगाना, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के नक्सलियों के खिलाफ  संयुक्त एक्शन प्लान के बाद नक्सली डरे हुए है। इन राज्यों के बीच में पडऩे वाले बार्डर में जाने से नक्सली अब खौफ खाने लगे है। एक तरफ  से खदेडे जाने पर जब वो दूसरे राज्यों के बार्डर में जा रहे तो वहां से भी सुरक्षाबल उन्हें खदेड़ रहे है या इनकाउंटर कर मौत के घाट उतार रहे है। सुरक्षाबल के इस रवैये के बाद महफूज ठिकाना ढूंढने के लिए बलौदा बाजार, कवर्धा और महासमुंद की ओर पलायन करना शुरु कर दिया है।

राजधानी में बैठक होने का हल्ला

जून माह में नक्सलियों के थिंक टैंक की बैठक राजधानी में होने की सूचना पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों को मिली थी. पुलिस मुख्यालय के अधिकारी ने राजधानी में पदस्थ एक वरिष्ठ अफसर को इसकी सूचना दी और गुपचुप तरीके से मामले में जांच करने के निर्देश दिए. अफसर के निर्देश पर चार थानों के थाना प्रभारी  अलावा क्राइम ब्रांच की पूरी टीम लगी हुई थी, लेकिन पूरे दिन की जांच के बाद के बाद भी पुलिसकर्मी थिंक टैंक के बैठक स्थान में नहीं पहुंच पाए थे. स्थान पता नहीं कर पाने वाली टीम को अफसरों की फटकार सुनने को भी मिली थी।

  • जिन-जिन इलाको में नक्सलियों की मूवमेंट बढ़ती है, वहां के पुलिस अधीक्षकों से रिपोर्ट ली जाती है. ये रूटीन का काम है. बस्तर में पुलिस का बढ़ता दबाव देखकर नक्सली सुरक्षित ठिकाना ढूंढ रहे है। उनके हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
  • डी. रविशंकर, एसपी एसआईबी