nav Pradesh logo

बायोमेट्रिक्स को अंगूठा लगाकर शिक्षक हो जाता है लापता, पहले भी हो चूंकि है जांच अब तक कोई असर नहीं

Last Modified Aat : 03-Jul-18

News image
News image
News image
News image
News image
News image
News image
News image
News image
<

 

दन्तेवाड़ा।  शिक्षा सत्र के आरंभ होते ही स्कूलों की तरफ शिक्षक जरूर नजर आ रहे है। क्योंकि बायोमेट्रिक्स अटेंडर होने की वजह से इस बार शुरू से ही स्कूलों में शिक्षकों की मौजूदगी बड़ी है। लेकिन कुआकोंडा विकासखण्ड के पोटाकेबिन क्रमांक 2 में एक ऐसा शिक्षक पदस्थ है जो बायोमेट्रिक्स में अंगूठा लगाकर निकल जाते है। और शाम को ही वापस विद्यालय हाजरी की खानापूर्ति करने पहुँचते है। पोटाकेबिन में पदस्थ गणित के शिक्षक मेहतर राम कश्यप पूरे विद्यालय के लिए लम्बे समय से परेशानी का सबब बने हुए है। क्योंकि ये पूरे 2 साल में कभी भी नियमित स्कूल की तरफ पढ़ाने के नाम से नही पहुँचते है। ऐसा विद्यालय के समस्त स्टाफ कहना है। जानकारी के मुताबिक 02 जुलाई को भी स्कूल लगते ही शिक्षक मेहतर कश्यप सभी शिक्षकों की तरह पहुँचे और बायोमेट्रिक अटेंडर में अंगूठा लगाकर नदारत हो लिये। उसके बाद से स्कूल में पहुँचे ही नही है। जबकि इस शिक्षक पर कई मर्तबे प्रशासकीय जांच का डंडा भी घूम चुका है। जानकारों की अगर माने तो  इन सबके  बावजूद  भी इन पर कोई फर्क नही पड़ता नजर आता है। क्योंकि हर बार ये अपने राजनीतिक रसूख के बल पर प्रशासन से होने वाली कार्यवाहियों को रुकवा देते है। पिछले सत्र में भी इनको  कुआकोंडा से दीगर ब्लाक कटेकल्याण के मारजुम पाठशाला दी गयी थी। वहां पर भी समय से शाला में उपस्थित नही होने की वजह से मेहतर कश्यप शिक्षक के 14 महीनों का वेतन रुका हुआ है। विकास खण्ड कुआकोंडा में इस वक्त 143 प्राथमिक विद्यालय,53 माध्यमिक विद्यालय,9 हाई स्कूल,5 हायर सेकेंडरी स्कूल है। जिनमे शिक्षाकर्मी एलबी 577 और रेगुलर शिक्षक 103 अपनी सेवाएं दे रहे है। जिनकी उपस्थिति भी इस बार बढ़ी है। लेकिन कुआकोंडा पोटाकेबिन क्रमांक 02 जैसा नजारा आस-पास के कुछ स्कूलों में भी होने की खबर मिल रही है। जहाँ शिक्षक सिर्फ बायोमेट्रिक के डर से समय से पहुँच रहे है। पर मशीन पर थम्ब इम्प्रेशन देने के बाद लौट आए रहे है। और वापस जाकर शाम की पाली में फिर इसी क्रम को अपना कर दिनभर के कोटे कि हाजरी भर ले रहे है।
 
बीईओ कुआकोंडा:- भंडारी राम कश्यप
               पहले भी इन पर कार्यवाही हुई है। इस तरह से नदारत रहते है तो प्राचार्य को अवगत कराना चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही शिक्षा के प्रति हुई तो कार्यवाही की जाएगी लापरवाही बरतने वाले शिक्षक की भी तस्वीर हैं।