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भाजपा के एजेन्ट का काम कर रहे है कलेक्टर -भूपेश 

Date : 03-Jul-18

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  •    कलेक्टर व डीजे को सौंपा न्यायालय का आदेश व ज्ञापन

दुर्गं । प्रदेश कांग्रेस कमेटी  के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने  आरोप लगाया है कि दुर्ग कलेक्टर भारतीय जनता पार्टी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। जमीन को लेकर लोक अदालत में उनके पक्ष में फैसला आ चुका है लेकिन कलेक्टर न्यायालय के ऊपर उठ कर भाजपा के इशारे पर मेरी और कांग्रेस की छबि खराब करने में लगे हुए है। श्री बघेल ने आज कलेक्टर और जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय में एक ज्ञापन भी जमा कराया है। जिसमें उन्होंने मय दस्तावेज भिलाई-3 की लगभग 30 एकड़ जमीन पर मालिकाना हक जताया है। उल्लेखनीय है कि पूर्व राज्यमंत्री विधान मिश्रा व गुंडरदेही के विधायक आरके राय द्वारा जिला प्रशासन से शिकायत की गई है कि ग्राम भिलाई पटवारी हल्का नंबर-1 तहसील पाटन जिला दुर्ग में स्थित खसरा नंबर 319/2, 326/6 और 326/7 कुल रकबा 29.90 एकड़ जो मूलत: राजस्व अभिलेखों में अध्यक्ष ग्राम शिक्षा समिति भिलाई के नाम दर्ज है। वह जमीन 1998-99 में भूपेश बघेल वल्द नंदकुमार निवासी कुरुदडीह के नाम से दर्ज हो गया है। लोक अदालत खंडपीठ के प्रकरण क्रमांक 36 -अ-94 के आधार पर पटवारी तहसीलदार द्वारा उक्त शासकीय भूिम को भूपेश बघेल के नाम कर दिया गया है। इसकी जानकारी शासन, स्कूल, नगर निगम को नहीं दी गई है। उन्होंने इस नामांतरण को अवैध बताते हुए स्कूल शाला के नाम दर्ज करने का अनुरोध किया है। इस शिकायत के आधार पर जिलाधीश द्वारा मामले की जांच की जा रही है। इस संबंध में जिला एवं सत्र न्यायाधीश से भी प्रतिवेदन मांगा गया था। जहां से दिए गए प्रतिवेदन में प्रकरण क्रमांक 36- अ -94 प्रकरण के संबंध में कोई जानकारी नहीं होने का उल्लेख किया गया है। इस आधार पर कलेक्टर ने तहसीलदार पाटन को भूपेश बघेल के नाम दर्ज भूिम खसरा नंबर 319/2, 326/6 और 326/7 कुल रकबा 29.90 एकड़ के रिकार्ड  में संशोधन कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के इस निर्देश के बाद पूरे जिले भर में बवाल मच गया है। इस संबंध में भूपेश बघेल सोमवार को जिला कार्यालय व जिला न्यायालय पहुंचे और उन्होंने एक ज्ञापन देकर रिसीव लिया। जिसमें उक्त विवादित जमीन के संबंध में लोक अदालत में पारित अवार्ड की प्रतिलिपि भी संलग्न किया गया है। इस दौरान उनके साथ जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तुलसी साहू, राजनांदगांव जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुरेंद्र दास वैष्णव, जिला पंचायत सदस्य जयंत देशमुख व कांग्रेस नेता राजेंद्र साहू भी थे। 

न्यायालय से ऊपर नहीं कलेक्टर

      जिला कार्यालय पहुंचे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि जमीन के संबंध में लोक अदालत में फैसला हो चुका है। इस आधार पर जमीन का नामांतरण उनके नाम किया गया है। उन्होंने न्यायालय के आदेश की प्रतिलिपि प्रस्तुत कर दी है। उन्होंने अपने ज्ञापन में कहा है कि न्यायालय की डिक्री पारित होने के बावजूद जमीन को लेकर राजस्व न्यायालय द्वारा नोटिस जारी किया जाना सीधे-सीधे न्यायालय की अवमानना है। उन्होंने कलेक्टर से अधीनस्थ कर्मचारियों को न्यायालय के डिक्री के अनुसार प्रकरण का निराकरण के लिए निर्देशित करनेका अनुरोध किया है। पत्रकारों से चर्चा के दौरान श्री बघेल खासे आक्रामक मूड में थे। उन्होंने कहा कि कलेक्टर न्यायालय से ऊपर नहीं हो सकते। लोक अदालत में प्रकरण के निराकरण के बाद जमीन के संबंध में उन्हें नोटिस जारी करना सीधे-सीधे अवमानना की श्रेणी में आता है। श्री बघेल ने आरोप लगाया कि कलेक्टर भाजपा के एजेंट के रूप मे ंकाम कर रहे हैं और उनकी व कांग्रेस की छबि बगाडऩे की सुिनयोजित कोशिश की जा रही है। लेकिन कलेक्टर को यह भी नहीं भूलना चािहए कि सरकारें आती जाती रहती है। उन्हें लोक सेवक की तरह नियमानुसार काम करना चािहए। श्री बघेल ने कहा कि जमीन के संबंध में पूरे दस्तावेज उनके पास है और इसके लिए वे हर स्तर की लड़ाई लडऩे तैयार है। 

मिला ज्ञापन - जिलाधीश 

 जिलाधीश उमेश अग्रवाल का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भूपेश बघेल से उनकी मुलाकात नहीं हुई है। श्री बघेल ने ज्ञापन दिया है। जिसमें उल्लेखित तथ्यों का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। श्री बघेल का आरोप राजनीितक है। इस संबंध में वे कोई भी टिप्पणी नहीं करना चाहते।