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मानसून सत्र के पहले दिन सरकार पर आरोंपो की बरसात 

Last Modified Aat : 03-Jul-18

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रिंकू खनूजा की संदेहास्पद मौत की सीबीआई जांच की मांग पर घिरी सरकार
रायपुर । रिंकू खनूजा के मामले में कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव के विषय में पत्रकारों से चर्चा करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि रिंकू खनूजा की पत्नी के आवेदन की कॉपी में स्पष्ट लिखा हुआ है कि एक दो तीन तारीख तक सीबीआई लगातार उसे पूछताछ कर रही थी। चार तारीख को वह घर से निकला और उसकी लाश मिली। इस बीच सीबीआई ने ना तो उससे पूछताछ के लिये बुलाया, ना ही फोन किया, न ही उसके बारे में पता किया, बल्कि उल्टा उसके परिवार वालों को गुमराह करते रहे। उन्होंने कहा कि परिवार वालों ने सीबीआई पर सवाल उठाया है, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है, जहां लाश मिली उस जगह को सील नहीं किया गया न ही फोरेंसिक एक्सपर्ट से जांच करायी गयी, न ही मृतक के खून का टेस्ट कराया गया। घटना को 28 दिन हो चुके हैं, अभी तक परिवार वालों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति नहीं दी गयी है। सरकार क्या छुपाना चाहती है? राजधानी की घटना है। हाई प्रोफाइल घटना है। रिंकू खनूजा ने सीबीआई को ऐसी क्या जानकारी दी जिसके कारण उसे मौत की नींद सोना पड़ा? यह बात उजागर होना चाहिए। रिंकू खनूजा के पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। रिंकू खनूजा ने रोजाना सीबीआई को जो जानकारी दी है वह सार्वजनिक हो। रिंकू खनूजा के फोन कॉल डिटेल निकाले जाने चाहिए। रिंकू खनूजा ने किस-किससे बात की और किस-किसने रिंकू खनूजा से बात की, यह भी सार्वजनिक किया जाये? घटना स्थल के आसपास सीसी कैमरे की जांच भी करनी चाहिये थी जो जानबूझकर नहीं की गयी। पुलिस इस गंभीर प्रकरण में लापरवाही क्यों बरत रही है? रिंकू खनूजा के प्रकरण में ऐसा कौन अपराधी है जिसे  बचाने का रास्ता ‘‘सेफ पैसेज’’ दिया गया? एक बड़ा सवाल है और यह सारे सवाल इस बात को अंकित कर रहे हैं, सरकार है रमन सिंह जी अपराधियों को बचाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं और यही कारण है एक तरफ कार्यवाही में ढिलाई क्यो बरती गई और दूसरी तरफ सदन से चर्चा करने में सरकार भाग रही है।