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चिकित्सक दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन 

Date : 01-Jul-18

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  •  पिपरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों समेत नगरवासियों ने किया रक्तदान

कबीरधाम। चिकित्सक दिवस के अवसर पर रविवार 1 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिपरिया के चिकित्सकों द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। डॉ आर.पी.नोनहारे और डॉ गौरव परिहार के विशेष प्रयासों से आयोजित इस शिविर में कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य समिति के पदेन अध्यक्ष अवनीश शरण विशेष रूप से उपस्थित हुए , उन्होंने चिकित्सकों से चर्चा की और रक्त दान की हार्दिक इच्छा भी जाहिर की, लेकिन इसी दौरान बिजली गुल हो जाने के कारण उन्हें रक्तदान आगामी समय के लिए टालना पड़ा। श्री शरण द्वारा सीएचसी विजिट कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का अवलोकन कर सीएचसी में 30 से कम क्रियाशील बिस्तर होने पर आश्चर्य जताते हुए जानकारी ली गई, सीएमएचओ डॉ त्रिपाठी द्वारा इस विषय मे विस्तार के प्रस्ताव से अवगत कराया गया। निरीक्षण के दौरान डा नोन्हारे ने शल्य क्रिया की सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी दी। 

      इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अखिलेश त्रिपाठी सपत्नीक उपस्थित हुए, उन्होंने सभा को सम्बोधित करते हुए चिकित्सक दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाला साथ ही चिकित्सकों की दशा-दिशा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि चिकित्सकों के द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन रखा गया है, यह दर्शाता है कि चिकित्सक तन-मन और समर्पण से जनहित में सेवा भावना रखकर काम कर रहे हैं। इस अवसर पर आज चिकित्सकों समेत 9 लोगों ने रक्तदान किया। चूंकि पिपरिया में पहली बार इस तरह का आयोजन हुआ है, इसलिए 10 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य चिकित्सकों ने रखा था। इस अवसर पर ब्लड बैंक इंचार्ज एवं सिविल सर्जन डॉ एस आर चुरेन्द्र, वरिष्ठ सर्जन डॉ नोनहारे, डॉ गौरव परिहार, डॉ नवनीत ठाकुर, डॉ विनय चन्द्रवंशी, नगर पंचायत पिपरिया के अध्यक्ष विक्की अग्रवाल , जिला मीडिया प्रभारी तूलिका शर्मा समेत बड़ी संख्या में नगरवासी एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे।

 भारत में चिकित्सक दिवस की शुरुआत

डॉ त्रिपाठी ने अपने उदबोधन में चिकित्सक दिवस के इतिहास को बताते हुए कहा कि अलग-अलग देशों में 'चिकित्सक दिवस' अलग-अलग तिथि को मनाया जाता है। भारत में 1 जुलाई का दिन चिकित्सकों के लिए समर्पित है। वर्ष 1991 से भारत में इस दिन को 'राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस' के रूप में मनाने की शुरूआत हुई थी। 1 जुलाई को देश के प्रख्यात चिकित्सक, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सेवी डॉ. बिधान चन्द्र राय का जन्मदिन और पुण्य तिथि दोनों ही हैं। 1 जुलाई, 1882 को बिहार में जन्मे बिधान चन्द्र राय 'भारतीय स्वतंत्रता संग्राम' के एक अहम सिपाही रहे थे। आज़ादी के बाद उन्होंने अपना सारा जीवन अपने व्यवसाय यानि चिकित्सा सेवा को समर्पित कर दिया। पश्चिम बंगाल में अपने मुख्यमंत्री काल के दौरान उन्होंने कई अहम विकास कार्य किए। मुख्यमंत्री रहते हुए भी वे चिकित्सकीय सेवा देते रहे। अपने अथक प्रयासों और समाज कल्याण के कार्यों के लिए उन्हें 1961 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से भी सम्मानित किया गया था। 1 जुलाई, 1962 को उनका निधन हुआ।