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8 घंटे से ज्यादा तो हो जाए सावधान, वरना...

Last Modified Aat : 01-Jul-18

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अच्छी नींद और बीमारियों से बचने के लिए बहुत जरूरी है कि हर व्यक्ति पूरी नींद लें। एक सामान्य व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य के लिए 6-8 घंटे सोना जरुरी है। कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी पूरी नींद ले पाते। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी है जो रोजाना जरूरत से ज्यादा सोते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कम सोना ही नहीं बल्कि जरुरत से ज्यादा सोना भी सेहत के लिए हानिकारक होता है। जरूरत से जमयादा नींद लेना न सिर्फ मोटापे का कारण बनता है बल्कि इससे आप डायबिटीज जैसी बीमारियों की चपेट में भी आ जाते हैं। आइए जानते हैं जरूरत से ज्यादा सोने पर शरीर को क्या-क्या नुकसान होते हैं।

 ज्यादा सोने के नुकसान
1. अधिक सोने से बढ़ता है मोटापा
जब आप ज्यादा सोते हैं और कोई फीजिकल एक्सरसाइज नहीं करते तो खाने के द्वारा शरीर में जमा कैलोरी और वसा बर्न नहीं होती और चर्बी के रुप में शरीर में इकट्ठा होने लगता है। इससे आप धीरे-धीरे मोटे होने लगते हैं। इसके अलावा नींद की कमी शरीर में लेप्टिन और ग्रहलिन हार्मोन के उत्पादन को धीमा कर देती है, जिससे आपको पेट भर खाने के बाद भी भूख लगती है। इसलिए कम सोने से भूख बढ़ती है और आप ज्यादा खाते हैं, जो मोटापे को बुलावा देती है।

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2. हार्ट डिजीज का खतरा
ज्यादा देर तक सोने की वजह से दिल की बीमारी, हार्ट डिजीज, हार्ट स्ट्रोक, एनजाइना का खतरा रहता है। रिसर्च के मुताबिक, जो लोग 9 से 11 घंटे की नींद लेते हैं उन्हें हार्ट अटैक की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए दिल को स्‍वस्‍थ रखने के लिए अधिक देर तक न सोए।

3. पीठ में दर्द
ज्यादा सोने से मसल्स अकड़ जाती हैं, जिससे आपको पीठ दर्द की शिकायत हो सकती है। अधिक देर तक बिस्तर में ही रहने की वजह से शरीर मे दर्द, कमर, कंधे और गर्दन दर्द की प्रॉब्लम भी हो सकती है।

4. डायबीटीज का खतरा
ज्यादा सोना टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को दुगुना कर देता है। इसलिए शरीर को एक्टिव और फिट रखें। जिससे 8 घंटे में नींद पूरी कर सकें और बीमारियों से बचें।

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5. क्लॉक प्रणाली पर बुरा असर
जरूरत से ज्यादा सोना शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक की प्रणाली को असंतुलित करता है। इससे आपको आलस, सुस्ती, मूड खराब होना, सरदर्द, पीठदर्द और थकावट जैसी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।
 

6. प्रजनन क्षमता घटना
अधिक सोने वाली स्त्रियों की गर्भधारण क्षमता हार्मोन स्राव और मेंसट्रूअल साइकिल पर गलत असर पड़ता है, जिससे फर्टिलिटी घट सकती है। इससे महिलाओं को गर्भधारण करने में प्रॉब्लम हो सकती है। इसके अलावा अनियमित सोने से हार्मोन स्राव और मासिक धर्म चक्र बिगड़ जाता है।
 

7. डिप्रैशन
अधि‍क नींद लेना दिमाग को स्वस्थ रखने के बजाए आपको डि‍प्रेशन का शि‍कार बना सकता है। शोध में यह बात साबित हुई है कि 7 घंटे से अधि‍क सोने वालों को मानसिक तनाव अधि‍क होता है। 9 घंटे से अधि‍क नींद लेना डिप्रैशन का खतरा 49 प्रतिशत तक बढ़ा देता है।

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