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संपादकीय: घुसपैठियों का देश निकाला जरूरी

Date : 13-Sep-18

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संपादकीय: घुसपैठियों का देश निकाला जरूरी
हिन्दुस्तान को शरणिस्तान बनाने वाले घुसपैठियों को देश से बाहर निकालना जरूरी हो गया है। खास तौर पर बांग्लादेशी घुसपैठियों ने तो पश्चिम बंगाल और असम को मिनी बांग्लादेश बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अपना वोट बैंक बनाने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन घुसपैठियों की सबसे बड़ी हिमायती बन गई है। अब सरकार ने इन घुसपैठियों को देश निकाला देने का मन बना लिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को चुन-चुन कर बाहर निकाला जाएगा और हिन्दू शरणार्थियों को सरकार नागरिकता प्रदान करेगी। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि घुसपैठियों के मानवाधिकार की दुहाई देकर ये अपना वोट बंैक बनाना चाहते हैं। बांग्लादेशी घुसपैठियों के साथ ही देश में लाखों की संख्या में घुस आए रोहिग्याओं को भी देश से बाहर खदेडऩे की सख्त जरूरत है, जो पश्चिम बंगाल, असम और जम्मू कश्मिर के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में घुसपैठ कर चुके हैं। वोटों के सौदागरों ने इनके पहचान पत्र और राशन कार्ड भी बनवा दिए हैं। गौरतलब है कि रोहिग्याओं को इस्लामिक देश भी अपने यहा घुसने नहीं दे रहे हैं। किन्तु ये भारत में बेरोकटोक घुसे आ रहे हैं। रोहिग्याओं की वापसी का मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। सरकार को चाहिए कि वह देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे रोहिग्याओं को देश से बाहर करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में पूरी मजबूती के साथ अपना पक्ष रखे ताकि बांग्लादेशी घुसपैठियों के साथ ही रोहिग्याओं को भी बाहर का रास्ता दिखाया जा सके। उम्मीद की जानी चाहिए कि घुसपैठियों के खिलाफ केन्द्र सरकार जल्द-जल्द कड़ी कार्यवाही करेगी और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में बांग्लादेशी हो या रोहिंग्या वे इस देश में घुसपैठ न कर पाएं।