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खुलासा : PMO को भेजी थी हाई प्रोफाइल फ्रॉड करने वालों की लिस्ट

Date : 12-Sep-18

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PunjabKesariरघुराम राजन ने क्या कहा
राजन ने कहा, ‘‘जब मैं गवर्नर था तो रिजर्व बैंक ने धोखाधड़ी निगरानी प्रकोष्ठ बनाया था, जिससे धोखाधड़ी के मामलों की जांच एजेंसियों को रिपोर्ट करने के कार्य में समन्वय किया जा सके। मैंने पीएमओ को बहुचर्चित मामलों की सूची सौंपी थी। मैंने कहा था कि हम कम से कम एक या दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। मुझे नहीं पता कि इस मामले में क्या प्रगति हुई। इस मामले को हमें तत्परता के साथ सुलझाना चाहिए।’’

PunjabKesariजांच एजेंसियां करती हैं परेशान
राजन सितंबर, 2016 तक 3 साल के लिए केंद्रीय बैंक के गवर्नर रहे थे। अभी वह शिकागो बूथ स्कूल आफ बिजनेस में पढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रणाली अकेले किसी एक बड़े धोखाधड़ी मामले को अंजाम तक पहुंचाने में प्रभावी नहीं है। उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी सामान्य गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) से भिन्न होती है। उन्होंने कहा, ‘‘जांच एजेंसियां इस बात के लिए बैंकों को दोष देती हैं कि वे धोखाधड़ी होने के काफी समय बाद उसे धोखाधड़ी का दर्जा देते हैं। वहीं, बैंकर्स इस मामले में धीमी रफ्तार से इसलिए चलते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि एक बार वे किसी लेन-देन को धोखाधड़ी करार देते हैं तो धोखेबाजों को पकडऩे की दिशा में कोई खास प्रगति हो न हो, उन्हें जांच एजेंसियां परेशान करेंगी।’’ 

PunjabKesariराजन का यह बयान नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी द्वारा जाली गारंटी पत्रों के जरिए पंजाब नेशनल बैंक को करीब 14,000 करोड़ रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आने के मद्देनजर महत्वपूर्ण हो जाता है। पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई शाखा ने धोखाधड़ी के तरीके से नीरव मोदी समूह की कंपनियों को मार्च, 2011 से गारंटी पत्र या एलओयू जारी किए थे। 

जारी किए गए एलओयू 

नीरव मोदी और उससे जुड़े समूह तथा संबंधियों को कुल 1,213 एलओयू जारी किए गए थे, वहीं मेहुल चोकसी तथा उसके संबंधियों और गीतांजलि समूह को 377 एलओयू जारी किए गए थे। यह पूछे जाने पर कि क्या नियामक इस बारे में बेहतर कर सकता था, राजन ने कहा कि स्व आकलन करना काफी मुश्किल है, लेकिन रिजर्व बैंक को बैंकों के ऋण कारोबार में उछाल के शुरुआती चरण में इस बारे में ऋणों की गुणवत्ता के बारे में संभवत: और अधिक सवाल उठाने चाहिए थे।