nav Pradesh logo

 आहिस्ता से बदलने लगा है

Date : 23-Aug-18

News image
News image
<

बदहाल इस चमन का कोई तो इलाज होगा, मेरे वतन में यारो कभी तो सुराज होगा। कितनी मदद मिलेंगी अमीरों के द्वारा हमको, सबसे बड़ा जहां में ख़ुदा ही नवाज़ होगा। आहिस्ता से बदलने लगा है हमारा कल्चर, घर अपने भी, भविष्य में क्या क्या रिवाज़ होगा। गो उनकी बेवफ़ाई से बर्बाद हूं मैं, मुझको, पर उनके ढाये ज़ुल्मों पे ता-उम्र नाज़ होगा। बदमाशी ,लहरें कितनी भी कर लें तू सुन समंदर, हर हाल फिर किनारों पे मेरा जहाज होगा। बढने लगा है प्रेम विवाहों का सिलसिला अब, ऐसे में कल न जाति न कोई समाज होगा।

डा: संजय दानी