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 और अब बच्चा उत्सव 2 

Date : 10-Aug-18

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गिरीश पंकज

विपक्ष की बोलती बंद हो जाती। सरकार फिर किसी घोषणा पर ध्यान केंद्रित करती और जनता सरकार के निर्णय पर तालियां पीटने लगती। सरकार ने जनता को सम्मोहित कर दिया थाण् ज्यादातर मतदाता गरीब थे और गरीबों के लिए खाने.पीने का सामान एकदम सस्ता हो गया थाण् कोई कुछ काम करना नहीं चाहता था क्योंकि सरकार घर बैठे उसको तरह तरह की सुविधाओं से लादे दे रही थीण् माळेमुफ्त दिल बेरहम हो कर अनेक लोग टुन्न पड़े रहते।  और एक दिन मोबाइल का युग आ गया।   बेचारे जो  गरीब लोग थे उनके हाथों में मोबाइल नहीं था। यह देख सरकार का दिल पसीज गया। वह रोने लगी  और उसने संकल्प कर लिया कि हर हाथ को मोबाइल देना है। वह भी स्मार्ट मोबाइल।  भले ही हम उसे रोजगार ना दे सके लेकिन दिल बहलाने के लिए कुछ तो उपाय किया ही जा सकता है । बेरोजगार गरीब आपने हमको गलत करने के लिए मोबाइल उसे खेलते रहेगा। मोबाइल में आजकल तरह-तरह के मनोरंजन के साधन उपलब्ध है। सबसे बड़ा नटखट.साधन तो यू  ट्यूब  है। उसे देखते रहो।  दिन क्या रात निकल जाएगी। दुखी मन बहल जाएगा। पूरा का पूरा जीवन मस्ती में  निकल जाएगा। सरकार ने  जब सबको मोबाइल फोन उपलब्ध करा दिया,  तो सरकार की जय-जय होने लगी।  विपक्ष बेचारा सर पीट कर रोने लगा। एक बोलाए यह सरकार हमे बर्बाद कर के छोड़ेगी।  अब तो संन्यास ही लें आ पडेगाए लगता है।  सत्ता में वापसी के आसार नजऱ नहीं आते। दूसरा बोला ठीक कह रहे हो सरकार कुछ खराब तो करे तभी तो जनता के बीच माहौल बनाएं।  यह तो रोज़ाना सबको मालामाल किए जा रही है घ् हम सबकी तो जमानत जब्त हो जाएगी क्या। उधर समारू ने बुधारू से कहा  इस बार इसी सरकार को वोट देना है। बुधिया ने सुरसतिया  से कहा इस बार मय हा घलो इहिच सरकार ला वोट दे हूं। मंगलू ने झंगलू से कहा सरकार रोजगार उत्सव कब शुरू करेगी।झंगलू ने बत्तीसी दिखायी तू भी कभी-कभी जोक अच्छा मार लेता है।  मंगलू बोला ये जोक का बला है झंगलू बोला, जिसकी चर्चा करते ही हँसी फूट पड़े, उसे अँगरेज़ी में जोक  और हिंदी में चुट्कुल्ला  कहते है।उधर एक दिन सरकार के लोग बैठकर चर्चा कर रहे थे कि हमने तरह-तरह की घोषणाएं कर दी,  उसे लागू भी कर दिया और अपने लाखों वोट सुरक्षित कर लिए हैं।  भाई अब सोचो कि घोषणा करने के लिए और क्या बचा है। बचा शब्द सुनकर एक मुँह लगे कार्यकर्ता ने कहा सर बचा सुनकर मुझे एक आईडिया सूझ रहा  है।  आप कहे तो पेश कर दूँ।  सरकार बोली, ,िबल्कुल पेश कर दो।  अच्छा सुझाव होगा तो उसे हम लागू कर देंगे। ,कार्यकर्ता बोला,  क्यों ना हम निसंतान लोगों को  बच्चा देने की योजना भी शुरू कर दे जो निसंतान है, उनकी गोद में अगर एक बच्चा खेलने लगे तो इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है।यह सुझाव सुनकर सरकार गदगद हो गई और बोली, अति सुंदर योजना है।  लेकिन हजारों बच्चे हम लाएंगे कहाँ से। कार्यकर्ता बोला  बहुत से बच्चे झूलाघरों में पलते रहते हैं।उन  बच्चों को हम निसंतान लोगों को भेंट कर देंगे और उनकी पूरी पढ़ाई का खर्चा उठाने का वादा भी करेंगे।  ऐसा करने से लोग प्रभावित होंगे। निसंतान को संतान मिल जाएगी और ऐसा करने से हमें दुनिया की कोई ताकत नहीं हरा सकेगी।  सरकार को यह सुझाव बहुत पसंद आया। ...और सरकार ने इस विषय पर  ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया।