नारायणपुर  । विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आज रायपुर के इंडोर स्टेडियम में नारायणपुर के पोटा केबिन के विद्यार्थियों ने भारत के पारंपरिक विधा ’ मलखम्ब ’ का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने स्वयं खड़े हो कर इन बच्चों की हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में अबूझमाड़ के बच्चों द्वारा मल्लखम्भ के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 22 जनजातीय समूहों के उच्चारण विभेदों और मात्रात्मक त्रुटियों को सुधारा गया है, जिससे इन जनजातीय समूहों के लगभग 40 लाख लोगों के जाति प्रमाण पत्र बनने में आ रही दिक्कतंे दूर हुई हैं।
 आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने आदिवासी समाज के लिए संचालित राज्य शासन की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि साढ़े चार लाख वनवासियों को वन अधिकार पट्टे वितरित किए गए हैं। आज बस्तर के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर बन रहे हैं और उच्च प्रशासनिक पदों पर चयनित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आदिवासी समाज लगातार आगे बढ़ रहा है।
 इस अवसर पर गृह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा, वन मंत्री श्री महेश गागड़ा, संसदीय सचिव श्रीमती सुनीता राठिया, बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री भोजराज नाग, विधायक श्री आर.के.राय, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री जी.आर.राना, उपाध्यक्ष श्री विकास मरकाम, छत्तीसगढ़ मत्स्य बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. सियाराम साहू, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य श्री तौकीर रजा, लोक सेवा आयोग के सदस्य श्री मोहन मंडावी, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री रामकिशुन सिंह, राज्य युवा आयोग के सदस्य श्री रघुराज सिंह उईके और छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती जया लक्ष्मी ठाकुर विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में आदिम जाति विभाग की विशेष सचिव सह आयुक्त श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले और संचालक श्री जी.आर.चुरेन्द्र सहित विभिन्न समाजों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।