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मुंगेली क्षेत्र में अबकी बार त्रिकोणीय संघर्ष के आसार, जिला तो बना पर दफ्तरों में सुविधाओं और कर्मचारियों की कमी बड़ा मुद्दा

Date : 09-Aug-18

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मुंगेली (नवप्रदेश)/ जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनावी सरगर्मियां प्रारंभ हो गयी है। अभी वर्तमान में तीन में से दो सीटों पर भाजपा का कब्जा है। जिले के तीन सीटों में एक सीट आजजा के लिए है वहीं दो सीट सामान्य वर्ग के लिए है। इन तीनों ही सीटों पर इस बार घमासान मचने की संभावना है। जहां तक मुंगेली विधानसभा क्षेत्र का सवाल है यहां के मतदाताओं में हर बार कांगे्रस एवं भाजपा को बारी-बारी से मौका दिया है। लगातार दो पंचवर्षीय वर्षो में भाजपा ने अपना दबदबा बनाया है। पिछले चुनाव में मुंगेली जिला की घोषणा का लाभ बीजेपी को मिला था। इस वर्ष बीजेपी विकास के मुद्दे पर चुनाव मैदान में उतर रही है। वहीं कांग्रेस विगत 10 वर्षो में नहीं हुए कार्यों की लंबी फेरिस्त रखकर मतदाताओं के पास जा रही है। जिला बनने  के बाद कई विकास कार्य भी हुए, लेकिन आज जनता से जुड़ी सुविधाओ के लिए लोगों को तरसना पड़ रहा है। जैसे जिला बना दिया गया पर अधिकारी व कर्मचारी की कमी स्कूल खोल व उन्नयन कर दिये पर भवन व शिक्षकों की कमी, गार्डन बनाए गये किन्तु संसाधनों की कमी ऐसे ही अनेक विकास जिले मे हुुए है।  अविभाजित मध्यप्रदेश के जमाने से राजनीति का केंद्र बिन्दु रहा मुंगेली से अविभाजित बिलासपुर जिले की राजनीति संचालित होते रहा है। विधानसभा चुनाव में प्राय भाजपा एवं कांग्रेस उम्मीदवारों के मध्य ही संघर्ष होता है। इस बार छजका के आने से त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति बन सकती है। भाजपा से 4 बार सांसद एवं 5 बार विधायक रहे श्री मोहले को अपराजय योद्धा के रूप में देखा जा रहा है। वहीं कांग्रेस इस बार परिवर्तन की उम्मीद मानकर जोरशोर से प्रत्याशी चयन के कार्यो में जुटी हुई है। पिछली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे चंद्रभान बारमते का मामूली अंतर से ही हार हुई थी। इस बार छजका प्रत्याशी के रूप में पूरे जोर शोर से चुनावी समर में उतरे हुये है। भाजपा शासन में क्षेत्र की वर्षो पुरानी मांग जिला और रेल लाईन की मांग रही है। गत चुनाव में जिला बनाने के पश्चात क्षेत्र के लोगों ने भाजपा के प्रति अपनी निष्ठा जताई थी। जिला बनने के 6 वर्षो बाद भी अधिकांश कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। जिससे आम जनता काम काम प्रभावित होते रहता है। 

किसान कर्ज में डूबे, नहीं मिला मुआवजा राशि

जिला बना किंतु जिला मुख्यालय के स्वरूप में कोई परिवर्तन नहीं आ पाया है। अधिकांश विभागों में अधिकारी-कर्मचारियों के पद रिक्त है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी, सिटी बस सेवा प्रारंभ नहीं हो पाने, जिला चिकित्सालय बना रिफर सेंटर। जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की उपस्थिति नहीं रहने से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बाईपास रोड आधा-अधूरा पड़ा हुआ है। सूखा पीडि़त क्षेत्र के किसान बीमा कराने के बाद भी न तो उनको मुआवजा मिल रहा है और न ही सूखा राहत की राशि प्राप्त हुई। कई किसान कर्ज में डूबे हुए है। 

चंद्रभान बारमते, पूर्व विधायक

 

विकास कार्यों का मिलेगा लाभ

भाजपा शासन काल में गांव-गांव में बनाई गई सड़क शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं जिसमें उज्जवला योजना अंतर्गत गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर, स्काई योजना के तहत स्मार्ट फोन, किसानों को धान का बोनस, क्षेत्र में वर्षो पुरानी रेल लाई्रन की प्रक्रिया शुरू होने से क्षेत्र की जनता में भाजपा के प्रति विश्वास बढ़ा है। जनता इस बार भी अपना आशीर्वाद भाजपा को ही देगी।

-पुन्नूलाल मोहले, क्षेत्रीय विधायक एवं खाद्यमंत्री