श्रीमती साहू ने बताया कि वर्ष 2012 से संचालित इस परियोजना के सॉफ्टवेयर से 3 सेकंड में और 10 गुना काम लागत में पत्राचार प्रदेश के अंतिम विकासखंड तक संभव हुआ है। विकासखंड स्तर तक डिजिटाइजेशन ¼digitation½ संभव हुआ। गोल्ड अवार्ड से सम्मानित होने वाली दूसरी परियोजना ‘वजन त्यौहार’ (Vajan Tyhor - Gold) है, जिसमें प्रति वर्ष अभियान चलाकर हर बच्चे का वजन कर कुपोषण पर नियंत्रण किया गया। तीसरी परियोजना संस्कार अभियान (Sanskar Abhiyan - Copper) को ताम्र सम्मान प्राप्त हुआ है।
       इस अभियान में खेल-खेल में सीख की अवधारणा से आंगनबाड़ी को बच्चों के लिए आकर्षक बनाया गया है। इस अभियान के परिणाम स्वरूप आंगनबाड़ियों में दी जा रही सेवाओ की गुणवत्ता बढ़़ी है। श्रीमती रमशीला साहू ने बताया कि भारत वर्ष की लगभग 1700 परियोजनाओं में से श्रेष्ठ 200 परियोजनओं में छत्तीसगढ़ की इन तीन का चयन स्कॉच ग्रुप द्वारा किया गया है।चयन की प्रक्रिया तीन चरणों में गहन समीक्षा उपरांत होती है। इस अवसर पर महिला एवम बाल विकास विभाग की सचिव डॉ. एम गीता और संचालक श्री राजेश सिंह राणा भी उपस्थित थे।