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हाईकोर्ट ने दी करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाने की अनुमति

Date : 08-Aug-18

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चेन्नई । मद्रास उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम करुणानिधि को मरीना बीच पर दफनाये जाने की अनुमति बुधवार को प्रदान कर दी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हुलुवाडी जी रमेश और न्यायमूर्ति एस एस सुन्दर ने द्रमुक सांसद आर एस भारती की त्वरित याचिका पर कल रात और आज सुबह हुई विस्तृत बहस के बाद यह आदेश पारित किया।  न्यायालय ने श्री करुणानिधि को उनके मार्गदर्शक एवं पूर्व मुख्यमंत्री सी एन अन्नादुरई के मरीना बीच पर बनाये गये स्मारक के निकट दफनाने का आदेश पारित किया। मरीना बीच पर ही अन्नाद्रमुक के संस्थापक एम जी रामचन्द्रन और पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के स्मारक हैं।

श्री भारती की याचिका पर सुनवाई के दौरान हुई बहस में राज्य सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि श्री करुणानिधि को वहां दफनाये जाने में कानूनी अड़चनें हैं और न्यायालय में मामले भी लंबित हैं। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एवं श्री करुणानिधि के पुत्र एम के स्टालिन इस आदेश के बाद भावुक हो गए और फैसले का स्वागत किया। वह इस समय राजाजी हाल में अपने पिता के पार्थिव शरीर के निकट खड़े हैं जहां बड़ी संख्या में द्रमुक कार्यकर्ता विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और तमिल फिल्मों से जुड़ी हस्तियां अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए आ रहे हैं।

मोदी ने दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को यहां राजाजी हाल में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी। श्री मोदी के साथ राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष तमिलिसाई सौन्दराजन, केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पी. राधाकृष्णन और राज्यसभा सदस्य एल गणेशन भी थे। उन्होंने श्री करुणानिधि के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया। प्रधानमंत्री बाद में द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एवं श्री करुणानिधि के पुत्र एम के स्टालिन, उनकी बहन एवं राज्यसभा सदस्य कनिमोझी और परिवार के अन्य सदस्यों से मिले और दुख की इस घड़ी में उन्हें सांत्वना दी। इससे पहले श्री करुणानिधि के निधन का समाचार सुनने के तुरंत बाद श्री मोदी ने कहा था कि वह द्रमुक प्रमुख के निधन से बहुत दुखी हैं।

श्री मोदी ने ट्विटर पर कहा, श्री करुणानिधि देश के वरिष्ठ नेताओं में से एक थे। उन्होंने कहा, हमने एक लोकप्रिय नेता, महान विचारक, सुप्रसिद्ध लेखक खो दिया है, उनका जीवन गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा, कलैनार करुणानिधि क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रगति के लिए हमेशा आगे रहे। वह तमिलों के कल्याण की खातिर हमेशा प्रतिबद्ध रहे और यह सुनिश्चित किया कि तमिलनाडु की आवाज प्रभावी ढंग से सुनाई दे। श्री मोदी ने कहा, मुझे करुणानिधि जी के साथ कई अवसरों में बातचीत करने का अवसर मिला। वह लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध रहे और आपातकाल के जोरदार विरोध के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा, दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और उनके असंख्य समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। श्री मोदी ने कहा, भारत और विशेष तौर पर तमिलनाडु हमेशा उनकी कमी महसूस करेगा। उनकी आत्मा को शांति मिले।