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मजदूरी भुगतान में हेराफेरी कर लाखों रूपए की बंदरबाट 

Date : 07-Aug-18

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पखांजूर (नवप्रदेश)/ कोयलीबेड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत चंदनपुर के ग्रामीण,सरपंच पर गम्भीर आरोप लगाते हुए,शासन प्रशासन से मामले का निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे है,उक्त पंचायत में सरपंच पति उत्तम अधिकारी (उप सरपंच) आपसी साठ-गांठ से शासकीय कार्यो, निजी कार्य तथा मजदूरी भुगतान में हेराफेरी कर लाखो का बंदरबाट करने का मामला प्रकाश में आया।और भी शिकायत ग्रामीणों द्धारा किया गया बैला कोठा का भी पैसा हितग्राही को नहीं मिला दो साल बीत रहा है अमल तालुकदार का पैसा भी बैला कोठा का आज तक अप्राप्त है । गांव में रहने वाले गरीबो के साथ सरपंच पति का व्यबहार इस प्रकार का है । दरअसल ग्राम पंचायत चंदनपुर एक दूरस्थ अति संवेसनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र है,उक्त पंचायत के अंतर्गत पिव्ही 70,71 तथा 72 तीन आश्रित ग्राम है,इन ग्रामो में विकास कार्यो के नाम से खुलेआम लूट मचा है,जिससे सभी ग्रामीण खासे निराश है।यहाँ पंचायत प्रतिनिधि उत्तम अधिकारी (उप सरपंच) साल से मजदूरों को भुगतान के लिए,घुमाया जा रहा है,जबकि मजदूरी भुगतान का सारा राशि पहले ही आहरण कर लिया जा चूका,ग्रामीणों ने सरपंच से कहते कहते थक चुके पर आज तक दो साल बीत चुके है उनका भुगतान नही किये गए ।सरपंच  से शिकायत कर-कर के थक चुके थे, ग्रामीणों ने कहा की अगर हम इनके बिरुद्ध शिकायत की बात करते है ,हमे डराया धमकाया जाता है ग्रामीण अमल तालुकदार,उत्तम सरकार,श्रीमती लक्ष्मी सरकार, राधे विस्वास,सुकंठ मृधा,कमल मृधा, श्रीमती-कमला तालुकदार,सुबल बर्मन, ससान मंडल, कृष्णा बर्मन आदि ने बताया कि पूरे पंचायत में सरपंच हर कार्य में मनमानी कर, आधा अधूरा कार्य कर पूरा राशि आहरण कर रहे है,आज तक पंचायत में कोई भी निर्माण कार्य शासकीय मापदण्डो के अनुरूप नही हुआ,क्योंकि कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी आज तक निर्माण कार्यो की सुध लेने नही आये।जिस कारण चंदनपुर पंचायत में अंधेरगर्दी मचा हुआ है।

उक्त पंचायत में दर्जनों हितग्राही को डबरी निर्माण स्वीकृत हुआ,जिसमे कुछ डबरी तो बनाया ही नही और कुछ आधे पड़े है,लेकिन सरपंच,रोजगार साहयक,तथा विभागीय अधिकारी कर्मचारी की मिलीभगत से पैसो का बंदरबाट किया गया।पिव्ही 71 निवाशी श्रीमती मंजू सरदार,परिमल सरकार,पिता जतिन सरकार पिव्ही 70,इन हितग्राहियो को पिछले दो वर्ष पूर्व एक लाख पचास हज़ार का डबरी निर्माण स्वीकृत हुए,हितग्राही द्वारा डबरी निर्माण में अपने पूरे परिवार के साथ जी तोड़ मेहनत किये,बावजूद इसके इन लोगो को सरपंच एकभी पैसे देने मुनासिव न समझा,इन पैसों को सरपंच ने ड़कर लिया।शासन के प्रारूप के अनुसार उक्त राशि हितग्राही के खाते में जमा होने है।जहाँ फर्जी मास्टर रोल भर सरपंच पति उत्तम अधिकारी ने पोस्ट मास्टर के साथ साठ गांठ कर, सारे पैसो का आहरण कर लिए,हितग्राही को मामले का कोई जानकारी नही हुआअमल तालुकदार,उत्तम,कमल,राधेस्यां,सुबल,कृष्णा आदि हितग्रहियों ने कहा,सरपंच द्वारा हमे मौखिक रूप से आदेश देने पर हमने डबरी बनाये,सरपंच ने मात्र 10000 रु ही दिए,बाकि अबतक कुछ नही दिए।ऐसे कई मामले है,वे दर्जनों डबरी निर्माण का पैसे खाकर बैठ गए उप सरपंच उत्तम अधिकारी बदनाम हो रहे है सरपंच जबकि सरपंच उप सरपंच के पत्नी है 

बिदित हो उक्त पंचायत महिला आरक्षित कोटा,जहाँ सरपंच श्रीमती यूथिका अधिकारी के पति उत्तम अधिकारी ही सारे कामकाज का देखरेख करते है,लोग इनसेे,ख़ौप खाते है,इनके विरुद्ध आवाज उठाने से कतराते है ग्रामीणों ने अपने दुखड़ा सुनाते हुए कहा,सरपंच यूथिका  अधिकारी निर्वाचित होने,के बाद आज तक पंचायत में नही आये।सरपंच प्रतिनिधि के दबंगाई के कारण,शासन के जनकल्याणकारी योजनाए, पात्र हितग्राही तक नही पहुच पा रहे है पंचायत द्वारा ग्रामीणों को शासन की योजनाओं के बारे में कोई जानकारी नही दिया जाता है।व्यापक पैमाने पर हो रहे भ्रष्टचार पर लगाम लगाने शासन-प्रशासन कोई दिलचस्पी नही ले रहे।सरकार द्वारा भ्रष्टाचार उन्मूलन पर लंबे चौड़े दावे तो किये जा रहे,परन्तु जमीनी हकीकत कुछ और ही बया कर रहे,इस पंचायत में तमाम पेंशन योजना में भी गड़बड़ी,शासकीय मूल्य पर व्यक्तिगत हितों को महत्व देना आदि समस्याओं का अंबार लगा है। विश्वजीत देवनाथ जो की  अभी-अभी इस पंचायत में आये है सचिव के बात को भी दर किनार कर आपने मन मर्जी करते  रहते है ! 

ग्रामीण अजय मंडल पिता स्व.सुरेंद्र मंडल ग्राम शांतिपुर ने लिखित शिकायत अनुविभागीय अधिकारी (रा) को किया ।अब देखना होगा की आगे की कार्यवाही दवंग उपसरपंच सरपंच पति उत्तम अधिकारी पर क्या होगा ।