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महिला कमांडोज को पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर ने किया सम्मानित   

Date : 06-Aug-18

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मुंगेली (नवप्रदेश)/ सामाजिक बुराइयों से निपटने और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए गठित की गई महिला कमांडोज को पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर ने रविवार को सम्मानित किया। मुंगेली शहर के सामुदायिक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिले की तकरीबन एक हजार से अधिक महिला कमांडो और उनके समूह प्रमुखों को बेहतर कामकाज के लिए सम्मानित किया गया।

बढ़ते सामाजिक अपराध और पुलिस-बल की सीमित संख्या के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर ने महिला कमांडो को कम्युनिटी पोलिसिंग के साथ ही इसे महिला सशक्तिकरण का सबसे बेहतर विकल्प बताया। महिला कमाण्डो के काम-काज की तारीफ करते हुए पारुल माथुर ने कहा कि इनके गठन के बाद से जिले में शराबखोरी,छेड़छाड़ और जुआ सत्ता जैसे सामाजिक अपराधो के रोकथाम में पुलिस को काफी मदद मिल रही है। आयोजन में शामिल जिले के कोदवा बानी ग्राम की महिला कमांडो माधुरी जायसवाल,सरगांव से आई हीरा साहू, रामगढ़ की फातिमा बेगम और शहर के पड़ाव चैक निवासी महिला कमांडो राजकुमारी ने पुलिस के इस अभियान की जमकर तारीफ की और सामाजिक बुराइयों के रोकथाम में अपनी भागीदारी को लेकर संतुष्टि जताई।इन महिला कमांडो के मुताबिक सामाजिक बुराइयों कैसे शराबखोरी, छेड़छाड़, जुआ,सत्ता और बाल अपराधों से स्थानीय स्तर पर काफी मदद मिल रही है। इन महिलाओं ने पुलिस विभाग की ओर से आत्मनिर्भर बनाने प्रधानमंत्री स्किल विकास कार्यक्रम के तहत दी जा रही स्वाबलंबन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लेकर खुशी जाहिर की।

कार्यक्रम के दौरान शहर के विभिन्न स्कूलों के मेधावी छात्र-छात्राओं का भी सम्मान किया गया।इसके अलावा मुंगेली जिले के सर्व धर्म सेवा समिति ने महिलाओं को अपराध और उनसे संरक्षण के लिए बने कानूनों की जानकारी देते हुए, शासन द्वारा प्रदान किए गए विधिक सहायता की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम संयोजक ने बताया कि पुलिस की रक्षा टीम के साथ मिलकर उनकी संस्था मुंगेली शहर को महिला अपराध मुक्त शहर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।और जल्द ही इसके लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में महिला अधिकारों को लेकर महिलाओं को जागरुकता करने अभियान चलाया जाएगा। महिलाएं किसी भी परिवार की महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं, लिहाजा परिवार को सही दिशा प्रदान करने में भी उसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है।साथ ही, वह संवेदनशील भी होती है।इसी बात को फोकस करते हुए महिलाओ को परिवार और समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। जिले में इस वर्ष 6 फरवरी को महिला कमांडो का गठन दो सौ की संख्या से शुरू किया गया था जो अब जिले के सभी तीनो विकासखण्ड में वर्तमान में यह संख्या कुल मिलाकर एक हजार से अधिक हो चुकी है।

लोगों के बीच अलग पहचान के लिए इन कमांडोज को फोटो पहचान पत्र,लाल रंग की साड़ी, टोपी और आत्मरक्षार्थ एक लाठी किट के तौर पर प्रदान की गई है।

समय-समय पर इन महिलाओं की बैठक ले कर इन्हें सामाजिक जन जागृति और बुराइयों के रोकथाम के कामकाजको लेकर अपग्रेड भी किया जाता है। पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर के निर्देश पर शहर के कुछ चिन्हित इलाको में वेश्यावृत्ति में लिप्त महिलाओं को पुनर्वासित करने के उद्देश्य से प्रशिक्षित कर महिला कमांडो में शामिल किया गया है, ये पुनर्वासित महिलाएं समाज के मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जीने की राह पकड़ चुकी है। प्रधानमंत्री स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम के तहत इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई,कढ़ाई, बुनाई, और अन्य कुटीर उद्योगों का प्रशिक्षण भी दिलवाया जा रहा है।

इसके अलावा महिला कमांडो समाज मे शराब, जुआ,सट्टा,दहेज प्रथा, बाल विवाह, लैंगिक शोषण,छेड़छाड़ और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक बुराईयों और अपराधों के रोकथाम की दिशा में जुटी हुई हैं। एसपी पारुल माथुर स्वयं महिला कमांडो के प्रोत्साहन के लिए समय समय उनके रुटीन गश्त के दौरान मौके पर मौजूद रहती समय समय पर खुद लेती रहती हैं। हैं, डीएसपी नवनीत कौर छाबड़ा और महिला रक्षा टीम की निरीक्षक कविता धुर्वे रक्षा टीम के सदस्यों के साथ मिलकर महिला कमांडो के कामकाज की मॉनिटरिंग करती रहती है और पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त निदेशों के मुताबिक महिला कमांडो की गतिविधियों को जिले में संचालित करती हैं।

मुंगेली जिले की महिला कमांडो की टीमें रचनात्मक और प्रतिबंधात्मक कामों के साथ-साथ विशिष्ट अतिथियों के कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था की ड्यूटी में भी पुलिस का सहयोग कर रही हैं।