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भाजपा के लगभग 100 सांसदों टिकट कटने का खतरा, मिला 6 महीने का अल्टीमेट

Last Modified Aat : 27-Jun-18

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 नई दिल्ली। भाजपा के लगभग 100 सांसदों पर लोकसभा का टिकट कटने का खतरा मंडरा रहा है। इनमें डेढ़ दर्जन केन्द्रीय मंत्री भी शामिल हैं। पार्टी के विभिन्न राज्यों के संगठन मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों के आकलन में सांसदों के कामकाज और जनता में लोकप्रियता की कसौटी पर आंकड़ा तैयार किया है। इन सभी सांसदों को स्थिति बेहतर करने के लिए 6 माह का समय दिया जाएगा, साथ ही वैकल्पिक उम्मीदवार की तलाश भी की जाएगी। केन्द्र सरकार के 4 साल पूरे होते ही भाजपा में हर लोकसभा सीट की समीक्षा व तैयारी का काम शुरू कर दिया गया है।संघ व संगठन के फीडबैक, निजी एजैंसियों के सर्वे और नमो एप से हर क्षेत्र व हर सांसद की जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार हाल में सूरजकुंड में भाजपा के देश भर के सभी राज्यों के संगठन मंत्रियों की बैठक में अनौपचारिक विचार-विमर्श में भाजपा के 104 लोकसभा सांसदों की स्थिति को कमजोर माना गया है। सांसद के कामकाज व जनता की राय को इसमें प्रमुख आधार माना गया है।

 विपक्षी गठबंधन के बिना किया गया है आकलन  

सूत्रों के अनुसार इसमें उत्तर प्रदेश के 19 सांसद शामिल हैं। इसके बाद राजस्थान का नम्बर आता है। बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात व कर्नाटक में सांसदों के प्रति भी नाराजगी सामने आई है। यू.पी. और बिहार में अभी विपक्षी गठबंधन को लेकर विचार नहीं किया गया है। अभी केवल सांसद की स्थिति पर ही राय तैयार की गई है।

 जनवरी में तय होंगे उम्मीदवार

भाजपा के प्रमुख नेता ने कहा कि जिन सांसदों का रिपोर्ट कार्ड खराब है उनको कामकाज सुधारने के लिए 6 महीने का समय दिया जाएगा। इस दौरान उस क्षेत्र में वैकल्पिक उम्मीदवार का नाम भी तय किया जाएगा। इस बीच 2 सर्वे करवाए जाएंगे। आखिरी सर्वे 4 राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद किया जाएगा।

 नमो एप पर लिया जा रहा फीडबैक

मोदी भी नमो एप पर सांसदों के कामकाज की जनता से सीधे प्रतिक्रिया ले रहे हैं। जनता से सांसदों के कामकाज के साथ उनकी लोकप्रियता, क्षेत्र के सबसे लोकप्रिय नेता की जानकारी जुटाई जा रही है। इसका आकलन संसद के मानसून सत्र से पहले किया जाएगा। सत्र दौरान संसदीय दल की बैठक में  मुलाकात करके भी प्रधानमंत्री सांसदों को उनकी स्थिति से अवगत करवा देंगे।