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विशेष आलेख

धारा 377: ये रिश्ता क्या कहलाता है

धारा 377: ये रिश्ता क्या कहलाता है

आकांक्षा शर्मा देश में एक बार फिर से धारा 377 पर बहस छिड़ी हुई है। सर्वोच्च न्यायालय 2013 के अपने ही फैसले के खिलाफ दी गई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। धारा 377 की वैधता पर चर्चाएं गर्म है और यह सवाल फिर से मुंह बाए खड़ा है कि...

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ऐसे कैसे सुधरेंगे दिल्ली के हालात?

ऐसे कैसे सुधरेंगे दिल्ली के हालात?

उपराज्यपाल अभी भी कर रहे हैं मनमानी योगेश कुमार गोयल भले ही गत 4 जुलाई को देश की सर्वोच्च अदालत की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने बहुप्रतीक्षित फैसले में दिल्ली में उपराज्यपाल और निर्वाचित सरकार के बीच सरकार के गठन के बाद से चली आ रही अधिकारों की लड़ाई...

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 बच्चों की नौकरी लेकर अपना गुस्सा निकालेंगे योगीजी

 बच्चों की नौकरी लेकर अपना गुस्सा निकालेंगे योगीजी

  शिवम भट्ट उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के लेखपाल पिछले करीब 10 दिनों से अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। सरकार जहां इन्हें पूरा करने के लिए कुछ समय चाहती हैए वहीं पिछले करीब 3 सालों से अपनी मांगों को लेकर समय.समय पर विरोध प्रदर्शन करनेवाले...

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थाइलैंड : मौत की गुफा से जब खिलखिलाती निकली जिंदगियां!

थाइलैंड : मौत की गुफा से जब खिलखिलाती निकली जिंदगियां!

  प्रभुनाथ शुक्ल थाइलैंड में इंसानी जिंदगी बचाने का चमत्कारिक मिशन पूरा हो गया। थाइलैंड की थैम लुआंग गुफा में फंसे 12 जूनियर फुटबॉलर और कोच को सुरक्षित निकाल लिया गया। मिशन पर पूरी दुनिया की निगाह टिकी थी। दुनिया भर में मासूम खिलाडिय़ों के लिए दुआएं हो रहीं थीं।...

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छोटे उद्योगों पर पड़ रही जीएसटी की मार

छोटे उद्योगों पर पड़ रही जीएसटी की मार

भरत झुनझुनवाला मध्यमार्गी अर्थशास्त्रियों की मानें, तो जीएसटी पूरी तरह सफल है। इससे करदाताओं की संख्या में लगभग 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे अंतरराज्यीय व्यापार सरल हो गया है और दीर्घकाल में इसके अच्छे प्रभाव सामने आएंगे। प्रश्न है कि जीएसटी लागू होने के बाद अर्थव्यवस्था में गति...

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लोकसभा और विधानसभाओं के साथ साथ चुनाव

लोकसभा और विधानसभाओं के साथ साथ चुनाव

चर्चा समय की बर्बादी के अलावा और कुछ नहीं उपेन्द्र प्रसाद  लोकसभा और राज्यों के विधानसभाओं के चुनाव साथ साथ होने को लेकर चल रही चर्चा रुकने का नाम नहीं ले रही है, जबकि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक साथ चुनाव हमेशा हो पाना संभव ही नहीं। नरेन्द्र मोदी ने...

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खंड-खंड महापुरुष

खंड-खंड महापुरुष

योगेश मिश्र जिस देश और समाज को उसके इतिहास का ज्ञान नहीं होता। इतिहास पर गर्व नहीं होता। वह काल के साथ कवलित हो जाता है। हमारे इतिहास से शुरू से छेड़छाड़ हो रही है। पाठ्यक्रमों में इतनी भ्रामक सूचनाएं हैं कि सरकार बदलते ही छात्र को पुराना इतिहास बेमानी...

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सुधा भारद्वाज और मीडिया

सुधा भारद्वाज और मीडिया

कनक तिवारी सुधा भारद्वाज को लेकर, एक विवादित खबर अर्णव गोस्वामी के रिपब्लिक टी.वी. के कारण कुछ लोगों ने पोस्ट की है सुधा भारद्वाज के बारे में। मैं शुरू से बता दूं सुधा और मेरा बहुत पुराना परिचय है। दुर्ग जिले में राजहरा में श्रमिक आंदोलन के बहुत बड़े नेता...

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प्रसंगवश : गांव, गरीब किसान पर भारी पड़ा तंत्र, मंत्र का पाखंड: यशवंत धोटे

प्रसंगवश : गांव, गरीब किसान पर भारी पड़ा तंत्र, मंत्र...

कल संपन्न हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में गांव, गरीब किसानों के समस्याओं पर तंत्र, मंत्र का पाखंड भारी पड़ गया। मीडिया की सुर्खियां बना तांत्रिक बनाम भाजपा कार्यकर्ता की खबरें ज्यादा छपी बनिस्बत गांव, गरीब, किसान के। इस कथित तांत्रिक ने विधानसभा को इसलिए बांध दिया है, कि...

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दुनिया में बढ़ती भूख की चुनौती

दुनिया में बढ़ती भूख की चुनौती

भूखमरी हमारे लिए एक सामाजिक कलंक है प्रभुनाथ शुक्ल घर के ठंडे चूल्हे पर खाली पतीली है, बताओ कैसे लिख दूं धूप फागुन सी नशीली है, मशहूर शायर अदम  गोंडवी की भूख से सराबोर यह शेर हमें सोचने पर मजबूर करता है। जबकि सपने बेंच कर सिंहासन हासिल करने वाली...

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जीएसटी राज का एक साल, आखिरकार बदल ही गई परोक्ष कर व्यवस्था

जीएसटी राज का एक साल, आखिरकार बदल ही गई परोक्ष...

उपेन्द्र प्रसाद वस्तु सेवा कर (जीएसटी) का एक साल पूरा हो गया है और यह इसकी समीक्षा करने का सही वक्त है। यह भारत के इतिहास का सबसे व्यापक कर सुधार था और इसकी पूरी संभावना थी कि इसके कारण व्यापार और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है और...

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कश्मीर: वही पुराना तरीका, इसे सिर्फ  भूगोल का हिस्सा समझना गलत है

कश्मीर: वही पुराना तरीका, इसे सिर्फ  भूगोल का हिस्सा समझना गलत...

अनिल सिन्हा मोदी सरकार के ताजा फैसले बताते हैं कि सरकार यह मान कर चल रही है कि कश्मीर की समस्या के हल का कोई रास्ता तुरंत खुलने वाला नहीं है।  इसका मतलब यही है कि समस्या से जुड़े पक्षों-हुर्रियत, राजनीतिक दल और पाकिस्तान- से कोई बातचीत नहीं होगी, कम...

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घटते विदेशी मुद्रा भंडार से भारत के लिए मुश्किलें बढ़ीं

घटते विदेशी मुद्रा भंडार से भारत के लिए मुश्किलें बढ़ीं

जयंतीलाल भंडारी बीते 30 जून को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 410 अरब डॉलर से भी कम रह गया। महीना भर पहले यह 425 अरब डॉलर के स्तर पर था। विदेशी मुद्रा कोष के तेजी से घटने के कुछ कारण स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमत...

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सांस के जरिये मिलती असाध्य बीमारियों की सौगात

सांस के जरिये मिलती असाध्य बीमारियों की सौगात

खतरे की घंटी है मौसम चक्रका बदलाव योगेश कुमार गोयल पिछले कुछ समय से देशभर में कुदरत जो कहर बरपा रही है, उसकी अनदेखी उचित नहीं और समय रहते अगर हम नहीं चेते तो आने वाले समय में इसके भयानक दुष्परिणामों के लिए हमें तैयार रहना होगा। पिछले कुछ महीनों...

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डण्डे से भेंड़ हाँकिए, लोकतंत्र को नही, लेखक : अनिल द्विवेदी

डण्डे से भेंड़ हाँकिए, लोकतंत्र को नही, लेखक : अनिल...

संदर्भ : पुलिस द्वारा विधायक की पिटाई मामला अनिल द्विवेदी देश में राजनीति की सबसे बडी नर्सरी कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश में राजगददी का हस्तांतरण हुए जुम्मा—जुम्मा कुछ ही दिन हुए थे. अखिलेश यादव जब यूपी के मुख्यमंत्री बने तो मेरठ में भाजपा विधायक के साथ एक आइपीएस ने दुव्र्यवहार...

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 प्रसंगवश : विशेषज्ञ नहीं, तरीका बदलें,  लेखक : अमन सिंह

 प्रसंगवश : विशेषज्ञ नहीं, तरीका बदलें, लेखक : अमन सिंह

अमन सिंह केंद्र सरकार ने संयुक्त सचिव के पद पर सीधी भर्ती का निर्णय लिया तो ऐसा लगा जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बर्रे के छत्ते में हाथ डाल दिया हो. एक आईएएस अधिकारी को पदोन्नति के बाद इस पद पर पहुंचने में 16-17 साल लग जाते हैं. इस पद...

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गरियाबंद विशेष लेख: घने जंगलों के बीच लिखी जा रही विकास की गाथा

गरियाबंद विशेष लेख: घने जंगलों के बीच लिखी जा रही...

आदिवासी बाहुल्य ग्राम सुखरीडबरी अब सुखीडबरी बनने की ओर मनरेगा से तैयार हुआ विकास का समन्वित माॅडल    जिला मुख्यालय से महज 35 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच बसा ग्राम पंचायत कोपेकसा का एक टोला सुखीडबरी इन दिनों विकास नई कहानी लिख रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी...

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जलवायु परिवर्तन भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा

जलवायु परिवर्तन भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा

शशांक द्विवेदीदुनिया के जलवायु ढांचे में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। बेमौसम आंधी.तूफान और बरसात से हजारों लोगों की जान जा रही है। ऋतु चक्रों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर काफी बातें हो रही हैंए सम्मेलन.सेमिनार आदि आयोजित हो रहे हैं। लेकिन...

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जरा इनका भी पसीना सूंघेंं

जरा इनका भी पसीना सूंघेंं

कनक तिवारीऐसा नहीं है कि पुलिस व्यवस्था केवल खलनायकी है। तमाम विवशताओं के बावजूद भारतीय पुलिस बल में अपना रेकार्ड अच्छा रखने का हौसला है। कनिष्ठ पुलिसकर्मियों में अब भी ऐसे हैं जो अपने कर्तव्य के प्रति मुस्तैद हैं। उनकी आर्थिक स्थितियां चिन्तनीय हैं। अपराधियों की दुनिया अमीर, सुविधासम्पन्न, आधुनिकतम...

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आजादी का आन्दोलन और हिन्दू महासभा

आजादी का आन्दोलन और हिन्दू महासभा

कनक तिवारी 6 जुलाई डॉक्टर श्यामाप्रसाद मुखर्जी का जन्मदिन है। प्रख्यात शिक्षाशास्त्री, सांसद, संविधानविद, देशभक्त और हिन्दूवादी नेता के रूप में उनका महत्व और यश इतिहास में दर्ज रहेगा। उनकी सेवाओं का मूल्यांकन इतिहास करेगा ही। उनके राजनीतिक वंशज पौने तीन सौ की संख्या के पार संसद में पहुंच गए...

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