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विशेष आलेख

 2019 में नरेंद्र मोदी को कैसे हराएंगे राहुल गांधी?

2019 में नरेंद्र मोदी को कैसे हराएंगे राहुल गांधी?

प्रमोद प्रवीण लोकसभा चुनाव से करीब सात-आठ महीने पहले तेल की बढ़ती कीमतें और गिरते रुपये के मूल्य पर कांग्रेस ने भारत बंद का आह्वान किया और इसी बहाने एक बार फिर से तमाम विपक्ष को एक मंच पर लाने की कोशिश की। लगे हाथ राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार...

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 दलदल में राजनीति

दलदल में राजनीति

डॉ. वेदप्रताप वैदिकअजा जजा अत्याचार निवारण कानून को लेकर कभी अनुसूचित जाति-जनजाति द्वारा और कभी सवर्णों द्वारा बार-बार भारत बंद का जो नारा दिया जा रहा है, वह आखिर किस बात का सूचक है? वह प्रमुख राजनीतिक दलों के दिवालिएपन का सूचक है। जो दल शुद्ध जातिवादी राजनीति करते हैं...

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देश पर आज भी अंग्रेजियत हावी है

देश पर आज भी अंग्रेजियत हावी है

अंग्रेजी के दो-चार शब्द बोल देना बुद्धिमत्ता की पहचान बन गई हैभरत मिश्र प्राची जहां गुड मार्निंग से सूर्योदय होता हो, गुड इवनिंग से सूर्यास्त, निशा की गोद में सोया-सोयो इंसान बुदबुदाता हो गुड नाईट-गुड नाईट। किसी के पैर पर पैर पड़ जाये तो सॉरी,  गुस्सा आने पर नॉनसेंस, गेट आऊट,...

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छांटों, बांटों, राज करो

छांटों, बांटों, राज करो

योगेश मिश्रअपने उपनिवेश भारत पर राज्य करने के लिए अंग्रेजों ने एक नीति बनाई थी- 'बांटो और राज करो।' स्वराज आने के बाद भी हमारे रहनुमाओं ने इस नीति पर अमल जारी रखा है। ये समाज को खंड-खंड करके देखने के आदी हो गए हैं। अखंड देश सिर्फ उनके फलसफे...

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 ऐसे डॉक्टरों की डिग्रियां छीन लें

ऐसे डॉक्टरों की डिग्रियां छीन लें

 डॉ. वेदप्रताप वैदिककिसी भी राष्ट्र को संपन्न और शक्तिशाली बनाने के लिए सबसे जरुरी दो चीजें होती हैं। शिक्षा और चिकित्सा। हमारे नेताओं ने पिछले 70 साल में इन दोनों मामलों में जितनी लापरवाही दिखाई है, वह माफ करने लायक नहीं है। भाजपा की सरकार के पिछले चार साल भी...

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विपक्ष बीजेपी से बेहतर स्थिति में,  कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों को एक होने के लिए अपने- अपने अहम त्यागने होंगे

विपक्ष बीजेपी से बेहतर स्थिति में, कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों...

नित्य चक्रवतीतीन सितंबर को घोषित कर्नाटक में स्थानीय निकायों के चुनावों के नतीजे बताते हैं कि कांग्रेस राज्य के अर्ध शहरी इलाकों में बीजेपी के खिलाफ मजबूत स्थिति में है और लोकसभा चुनाव में वह जेडी (एस) गठबंधन के साथ भाजपा को करारी शिकस्त दे सकती है। कर्नाटक में भाजपा...

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जरूरत पूर्ण जाति जनगणना की है, 2021 की जनगणना में ओबीसी के आंकड़े

जरूरत पूर्ण जाति जनगणना की है, 2021 की जनगणना में...

उपेन्द्र प्रसादओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के बाद मोदी सरकार अब आगामी दस वर्षीय जनगणना में ओबीसी के आंकड़े जुटाने की बात कर रही है। यह जनगणना 2021 में होनी है और उसके पहले 2019 में लोकसभा के आमचुनाव होंगे, जो यह तय करेंगे कि मोदी सरकार आगे रह...

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 यह शिगूफेबाजी भी कब तक चल पाएगी?

यह शिगूफेबाजी भी कब तक चल पाएगी?

भीमा-कोरेगांव की आड़ में गिरफ्तारी का मामलाअनिल जैन बहुचर्चित भीमा-कोरेगांव में कुछ महीनों पहले हुई भीषण जातीय हिंसा के मामले में देश के विभिन्न शहरों में छापेमारी कर पांच प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने और कुछ कार्यकर्ताओं के घरों की तलाशी लिए जाने के गहरे राजनीतिक निहितार्थ हैं। पुणे पुलिस...

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 मानसून की दगाबाजी या पर्यावरण असंतुलन का दुष्परिणाम? बाढ़, तबाही और सबक

मानसून की दगाबाजी या पर्यावरण असंतुलन का दुष्परिणाम? बाढ़, तबाही...

योगेश कुमार गोयल बीते 28 अगस्त की सुबह दिल्ली में हुई चंद घंटों की बारिश ने ही दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। जगह-जगह सड़कें दरिया बन गई और घरों, दुकानों इत्यादि तक में इस कदर पानी भर गया कि हर तरफ बड़े-बड़े तालाबों जैसा नजारा दिखाई देने लगा।...

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बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है उत्तराखंड

बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है उत्तराखंड

डॉ. भरत मिश्र प्राची प्राकृृतिक अपार सम्पदा व सौंदर्य से अच्छादित देवों, ऋषियों, एव महर्षियों की तपोस्थली उश्रराखंड बेरोजगारी की ज्वलंत समस्या से आज जूझ रहा है। एक आकड़े के मुताबिक 9 लाख बेरोजगार रोजगार के लिये सड़क पर भटक रहे है। देहरादून रोजगार कार्यालय के आकड़े ये बता रहे है...

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 अब गोवा की बारी!

अब गोवा की बारी!

योगेश मिश्रप्रकृति ने हमें जो भी उपहार में दिया है। यदि हम उसका उपयोग करते रहें तो अनंत पीढिय़ों तक प्रकृति का दिया हुआ कोई भी उपहार खत्म होने वाला नहीं। लेकिन हम प्रकृति प्रदत्त वस्तुओं का उपयोग की जगह उपभोग करने लगते हैं। उपयोग का भी पैमाना और फार्मूला-'सस्टेनेबल...

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लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव की प्रासंगिकता, इसका कोई औचित्य नहीं

लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव की प्रासंगिकता, इसका कोई...

डॉ.भरत मिश्र प्राची देश के बदलते राजनीतिक हालात में जहां देशभर में राजनीतिक छोटे दलों की बहुतायत है, जहां आज भी आया राम गया राम की राजनीतिक प्रक्रिया हावी है, जिससे राजनीतिक अस्थिरता बने रहने की संभावनाएं सदैव बनी रहती है, लोकसभा के साथ विधान सभा के चुनाव कराने का...

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पूनम की कविता में आदिवासी चेतना युद्ध नहीं चाहती

पूनम की कविता में आदिवासी चेतना युद्ध नहीं चाहती

गीताश्री  नदी समझती है औरत के निर्वस्त्र होकर उससे लिपट जाने वाली देह की भाषा नदी के पानी के लिए यह सामान्य सी बात है  एक नन्ही चिडिय़ा जानती है नदी में डुबकी लगाती औरत की देह का प्रेम में टूटकर मकरन्द हो जाने की कथा इंद्रावती नदी के उस...

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सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा  भाजपा को हराने की कांग्रेस की इच्छाशक्ति मर चुकी है

सिद्धू की पाकिस्तान यात्रा भाजपा को हराने की कांग्रेस की...

  उपेन्द्र प्रसाद क्रिकेटर इमरान खान के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के दौरान भारत के पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू वहां उपस्थित थे। उन्हें इमरान ने अपने शपथग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था। उनके अलावा पूर्व क्रिकेटर सुनीन गावस्कर और कपिलदेव को भी आमंत्रित किया गया था। ये...

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एशियाई खेलों का जन्मदाता है भारत

एशियाई खेलों का जन्मदाता है भारत

योगेश कुमार गोयल  18 अगस्त से 2 सितम्बर तक इंडोनेशिया के दो शहरों जकार्ता, जो इंडोनेशिया की राजधानी है और पालेमबंग, जो दक्षिण सुमात्रा की राजधानी है, में आयोजित हो रहे एशियाई खेलों का इतिहास बेहद दिलचस्प है। एशियाई खेलों के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब इनका आयोजन...

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 राजीव गांधी: प्रतिमा के खंडित बिम्ब

राजीव गांधी: प्रतिमा के खंडित बिम्ब

20 अगस्त: राजीव गांधी जन्मदिन कनक तिवारी'राजीव गांधी मेनी फेसेट्स' शीर्षक की पुस्तक हरिशचंद्र ने 62 प्रमुख लोगों के इंटरव्यू में शामिल कर प्रकाशित की थी। उस मंत्रालय से पुरस्कार प्राप्त लेखक होने से मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने भूमिका लिखी। अर्जुन सिंह ने पुस्तक को 'अति पठनीय'...

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  चार राज्यों के साथ होंगे लोकसभा चुनाव?

  चार राज्यों के साथ होंगे लोकसभा चुनाव?

उपेन्द्र प्रसाद भारत के निर्वाचन आयोग ने कहा है कि वह राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम के साथ इस साल के दिसंबर में लोकसभा चुनाव करवाने को तैयार है। यह कुछ अटपटा लगता है, क्योंकि अभी तक सरकार ने आयोग से आधिकारिक तौर पर लोकसभा चुनाव समय से पहले करवाने...

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विशेष संपादकीय :  क्या इतिहास स्वंय को दोहराएगा? :  यशवंत धोटे 

विशेष संपादकीय :  क्या इतिहास स्वंय को दोहराएगा? :  यशवंत धोटे 

     आज हम स्वतंत्रता की 72 वीं वर्षगंाठ मना रहे हैं। इन 72 सालों में देश ने कई उतार चढ़ाव देखे और अपनी गति से देश तरक्की भी कर रहा हैं। इसके बावजूद अब वकत आ गया है कि हम अपने निजी या राजनीतिक हितंो की तिलाजंलि देकर देश को...

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अरे इन ने राह न पाई 

अरे इन ने राह न पाई 

योगेश मिश्र कभी संत कवि कबीर दास ने हिंदू और मुसलमान दोनों के बारे में कहा था कि 'अरे! इन दोउ ने राह न पाई।' तकरीबन छह सौ साल बाद भी दोनों को इस हिदायत की जरूरत महसूस हो रही है। इक्कीसवीं शताब्दी के कालखंड में जब स्त्री मुक्ति, स्त्री...

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स्वस्थ शिशु ही हैं स्वस्थ भारत का भविष्य,  नवजातों पर मौत का नश्तर

स्वस्थ शिशु ही हैं स्वस्थ भारत का भविष्य, नवजातों पर...

योगेश कुमार गोयल  पिछले दिनों महाराष्ट्र में एक आरटीआई के जरिये नवजात शिशुओं की मृत्यु को लेकर चैंकाने वाला आंकड़ा सामने आया कि मरने वाले 65 प्रतिशत शिशुओं की सांसें 28 दिनों के भीतर ही बंद हो जाती है। राज्य के परिवार कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में...

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 राज्य की संचार योजना यानी पॉकेट में रॉकेट

 राज्य की संचार योजना यानी पॉकेट में रॉकेट

अमन कुमार सिंह  बस्तर के दुर्गम और दूरस्थ अंचल में रहने वाली संगीता निषाद, विमला ठाकुर, बलवंत नागेश ने 26 जुलाई 2018 को कैसा महसूस किया होगा? यह सवाल सिर्फ इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि इन्हें भारत के राष्ट्रपति के हाथों से स्मार्ट फोन मिला था, बल्कि इसलिए भी अहम...

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राष्ट्रहीन लोगो के लिए एक अलग देश बने

राष्ट्रहीन लोगो के लिए एक अलग देश बने

एलएस हरदेनिया इस बात की पूरी संभावना है कि भारतीय जनता पार्टी सन् 2019 का लोकसभा चुनाव ''बांग्लादेषियों को भारत से निकालो'' के नारे पर लड़ेगी। यदि ऐसा होता है तो यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा। इस नारे से भाजपा मतदाताओं का धु्रवीकरण करने में सफल होगी और बाकी...

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 चीफ  जस्टिस का पद संक्षिप्त क्यों है?

 चीफ  जस्टिस का पद संक्षिप्त क्यों है?

कनक तिवारी छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस टीबी राधाकृष्णन का तबादला इसी पद पर आंध्र और तेलंगाना उच्च न्यायालय के लिए सवा साल के अंदर ही हो गया। तबादले की खबर चार छह महीनों से अफवाहों में तैर रही थी। सौम्य, शांत और जिज्ञासु मुख्य न्यायाधीश उन परिस्थितियों से...

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लोकसभा, 13 राज्यों में 'एक साल, एक चुनाव- कानूनी अड़चनें...

लोकसभा, 13 राज्यों में 'एक साल, एक चुनाव- कानूनी अड़चनें...

विराग गुप्ता  प्रधानमंत्री मोदी का 'एक देश एक चुनाव का विजन सफल नहीं होने पर उसको 'एक साल एक चुनाव में बदलने की तैयारी है. विधि आयोग ने इस बारे में 17 अप्रैल 2018 को पब्लिक नोटिस जारी करके सभी पक्षों से राय मांगी थी. विधि आयोग द्वारा 24 अप्रैल...

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 महागठबंधन की संभावनाएं धूमिल

महागठबंधन की संभावनाएं धूमिल

अनिल सिन्हा साल 2019 में हो रहे लोकसभा चुनावों में दक्षिण भारत के राज्यों में मतदाता का क्या रूख होगा, इसका अंदाजा लगाना बड़े-बड़े चुनाव-पंडितों के लिए भी मुश्किल है। अभी जो हालात हैं वे यही बताते हैं कि वहां ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस महागठबंधन नहीं बना पाएगी और भाजपा...

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एनआरसी ड्राफ्ट: देश देख रहा है :    डॉ नीलम महेंद्र

एनआरसी ड्राफ्ट: देश देख रहा है :   डॉ नीलम...

     डॉ नीलम महेंद्र आज राजनीति केवल राज करने अथवा सत्ता हासिल करने मात्र की नीति बन कर रह गई है उसका राज्य या फिर उसके नागरिकों के उत्थान से कोई लेना देना नहीं है। यही कारण है कि आज राजनीति का एकमात्र उद्देश्य अपनी सत्ता और वोट बैंक...

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पाक का ताज अपने आप में एक राज है

पाक का ताज अपने आप में एक राज है

डॉ.भरत मिश्र प्राची पड़ोसी राष्ट्र पाकिस्तान में हुये आम चुनाव में जो परिणाम सामने आये है जिसमें 26/11 के हमले के मास्टर माइंड आतंकी हाफिज सईद की पार्टी मुस्लिम लिग को वहां की अवाम ने बिल्कुल नकार कर यह साबित करने का भरपूर प्रयास किया है कि वह भी खून...

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राहुल गांधी को सोच बदलनी होगी

राहुल गांधी को सोच बदलनी होगी

डॉ.भरत मिश्र प्राची  संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार की नीतियों प्रर प्रहार करते हुए अपने भाषण के अंतिम दौर में भावना में बहकर जो भाव व्यक्त करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री जी! मैं आज भी आपके लिये पप्पू हूं...

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विवादित बयान इत्तेफाक या साज़िश

विवादित बयान इत्तेफाक या साज़िश

डाँ नीलम महेंद्र वैसे तो शशि थरूर और विवादों का नाता कोई नया नहीं है। अपने आचरण और बयानों से वे विवादों को लगातार आमन्त्रित करते आएँ हैं। चाहे जुलाई 2009 में भारत पाक के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और युसुफ रजा गिलानी के बीच हुई बातचीत के बाद जारी...

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 यह जिद नीतीश को क्यों पड़ सकती है भारी?

 यह जिद नीतीश को क्यों पड़ सकती है भारी?

मनीष कुमार पिछले दो दिनों से संसद से बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में एक ही मुद्दे पर हंगामा हो रहा है, वह है राज्य के मुजफ्फरपुर में एक बालिका गृह से सम्बंधित स्कैंडल का. खुद पुलिस और समाज कल्याण विभाग द्वारा अब तक 42 बालिकाओं की मेडिकल रिपोर्ट में...

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कैसे आगे बढ़ेगा कांग्रेस का कारवां

कैसे आगे बढ़ेगा कांग्रेस का कारवां

उमेश चतुर्वेदी पिछले दिनों कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में यह फैसला किया गया कि पार्टी अपने सहयोगी दलों को साथ लेकर चलेगीए यानी वह गठबंधन बनाकर लोकसभा चुनाव में उतरेगी। गठबंधन बनाने का जिम्मा राहुल गांधी को सौंप दिया गया। इस फैसले ने पंद्रह साल पहले की गर्मियों में हुई...

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हिंदुत्व तमाशा है या हिंदुओं की आत्मिक आशा?

हिंदुत्व तमाशा है या हिंदुओं की आत्मिक आशा?

डा.सामबे  संपूर्ण भारतवर्ष ने हिंदुत्व का तमाशा संसद में देखा। राजनेताओं ने हिंदुत्व को तमाशा बना दिया है। सवाल है कि क्या हिंदुत्व तमाशा है या हिंदुओं की आत्मिक आशा अथवा आत्मिक पिपाशा ? गलत हाथों में कोई अच्छे और ऊंचे मूल्य एवं आदर्श चले जाएं, तो वह या तो...

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अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से शक्ति परीक्षण

अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से शक्ति परीक्षण

डॉ.भरत मिश्र प्राची देश में सन 2019 में लोकसभा के चुनाव होने वाले है जिसे लेकर सश्रा पक्ष एवं विपक्ष में जोरदार रूप से तैयारी शुरू हो गई है। वर्तमान में समस्त विपक्ष सश्रा पक्ष के खिलाफ एक साथ खड़ा दिखाई दे रहा है। यह जानते हुए भी वर्तमान में...

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एक अविस्मरणीय व्यक्तित्व के धनी स्व. बिसाहू दास महंत 

एक अविस्मरणीय व्यक्तित्व के धनी स्व. बिसाहू दास महंत 

  (40वीं पुण्यतिथि पर विशेष) स्व. बिसाहू दास महंत का जन्म 1 अप्रैल 1924 को ग्राम सारागॉव के एक कृषक परिवार में हुआ। उनके पिताजी का नाम कुंजराम तथा माताजी  का नाम गायत्री देवी था। छत्तीसगढ की संस्कृति कृषक सस्कृति है। ग्रामीण अंचल मे परिश्रम के अवतार कृषक निवास करते...

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  न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का दांव

  न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का दांव

अजेय कुमार खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्यों एमएसपी में हाल में की गई बढ़ोतरी किसानों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है। पिछले चार वर्षों में मोदी सरकार ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया, उलटे उनके लिए मुश्किलें जरूर पैदा कीं। इस वर्ष खाद की कीमतों में...

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झमाझम बारिश के लिए राजधानीवासी कर रहे इंतजार

झमाझम बारिश के लिए राजधानीवासी कर रहे इंतजार

उपेन्द्र प्रसाद  अमित शाह बिहार की अपनी यात्रा से वापस आ चुके हैं। वहां उन्होंने नीतीश कुमार से भी बातचीत की। उनके यहां डिनर भी किया। बाद में उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव नीतीश उनकी पार्टी के साथ मिलकर ही लड़ेंगे और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को...

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 विकास की आड़ में फूंका चुनावी बिगुल

 विकास की आड़ में फूंका चुनावी बिगुल

एक्सप्रेस-वे पर उतरा मोदी का मिशन-2019 प्रभुनाथ शुक्ल राजनीतिक लिहाज से सबसे अहम राज्य उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में अपने दो दिवसीय दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी मिशन-2019 का आगाज कर दिया। गोरखपुर के मगहर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन बड़ी रैलियां पूर्वांचल मे हुई, जिनमें...

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वर्तमान परिवेश में एक देश एक चुनाव कैसे संभव?

वर्तमान परिवेश में एक देश एक चुनाव कैसे संभव?

डॉ. भरत मिश्र प्राची स्वतंत्रता उपरान्त देश में कई वर्षो तक लोकसभा एवं विधानसभा के चुनाव एक साथ ही होते रहे तब आज जैसी अनेक राजनीतिक पार्टिया नहीं हुआ करती। उस समय देश में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस थी एवं अन्य छोटे - छोटे राजनीतिक दल कांग्रेस विचारधारा से...

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धारा 377: ये रिश्ता क्या कहलाता है

धारा 377: ये रिश्ता क्या कहलाता है

आकांक्षा शर्मा देश में एक बार फिर से धारा 377 पर बहस छिड़ी हुई है। सर्वोच्च न्यायालय 2013 के अपने ही फैसले के खिलाफ दी गई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। धारा 377 की वैधता पर चर्चाएं गर्म है और यह सवाल फिर से मुंह बाए खड़ा है कि...

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ऐसे कैसे सुधरेंगे दिल्ली के हालात?

ऐसे कैसे सुधरेंगे दिल्ली के हालात?

उपराज्यपाल अभी भी कर रहे हैं मनमानी योगेश कुमार गोयल भले ही गत 4 जुलाई को देश की सर्वोच्च अदालत की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने बहुप्रतीक्षित फैसले में दिल्ली में उपराज्यपाल और निर्वाचित सरकार के बीच सरकार के गठन के बाद से चली आ रही अधिकारों की लड़ाई...

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 बच्चों की नौकरी लेकर अपना गुस्सा निकालेंगे योगीजी

 बच्चों की नौकरी लेकर अपना गुस्सा निकालेंगे योगीजी

  शिवम भट्ट उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के लेखपाल पिछले करीब 10 दिनों से अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। सरकार जहां इन्हें पूरा करने के लिए कुछ समय चाहती हैए वहीं पिछले करीब 3 सालों से अपनी मांगों को लेकर समय.समय पर विरोध प्रदर्शन करनेवाले...

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थाइलैंड : मौत की गुफा से जब खिलखिलाती निकली जिंदगियां!

थाइलैंड : मौत की गुफा से जब खिलखिलाती निकली जिंदगियां!

  प्रभुनाथ शुक्ल थाइलैंड में इंसानी जिंदगी बचाने का चमत्कारिक मिशन पूरा हो गया। थाइलैंड की थैम लुआंग गुफा में फंसे 12 जूनियर फुटबॉलर और कोच को सुरक्षित निकाल लिया गया। मिशन पर पूरी दुनिया की निगाह टिकी थी। दुनिया भर में मासूम खिलाडिय़ों के लिए दुआएं हो रहीं थीं।...

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छोटे उद्योगों पर पड़ रही जीएसटी की मार

छोटे उद्योगों पर पड़ रही जीएसटी की मार

भरत झुनझुनवाला मध्यमार्गी अर्थशास्त्रियों की मानें, तो जीएसटी पूरी तरह सफल है। इससे करदाताओं की संख्या में लगभग 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे अंतरराज्यीय व्यापार सरल हो गया है और दीर्घकाल में इसके अच्छे प्रभाव सामने आएंगे। प्रश्न है कि जीएसटी लागू होने के बाद अर्थव्यवस्था में गति...

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लोकसभा और विधानसभाओं के साथ साथ चुनाव

लोकसभा और विधानसभाओं के साथ साथ चुनाव

चर्चा समय की बर्बादी के अलावा और कुछ नहीं उपेन्द्र प्रसाद  लोकसभा और राज्यों के विधानसभाओं के चुनाव साथ साथ होने को लेकर चल रही चर्चा रुकने का नाम नहीं ले रही है, जबकि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक साथ चुनाव हमेशा हो पाना संभव ही नहीं। नरेन्द्र मोदी ने...

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खंड-खंड महापुरुष

खंड-खंड महापुरुष

योगेश मिश्र जिस देश और समाज को उसके इतिहास का ज्ञान नहीं होता। इतिहास पर गर्व नहीं होता। वह काल के साथ कवलित हो जाता है। हमारे इतिहास से शुरू से छेड़छाड़ हो रही है। पाठ्यक्रमों में इतनी भ्रामक सूचनाएं हैं कि सरकार बदलते ही छात्र को पुराना इतिहास बेमानी...

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सुधा भारद्वाज और मीडिया

सुधा भारद्वाज और मीडिया

कनक तिवारी सुधा भारद्वाज को लेकर, एक विवादित खबर अर्णव गोस्वामी के रिपब्लिक टी.वी. के कारण कुछ लोगों ने पोस्ट की है सुधा भारद्वाज के बारे में। मैं शुरू से बता दूं सुधा और मेरा बहुत पुराना परिचय है। दुर्ग जिले में राजहरा में श्रमिक आंदोलन के बहुत बड़े नेता...

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प्रसंगवश : गांव, गरीब किसान पर भारी पड़ा तंत्र, मंत्र का पाखंड: यशवंत धोटे

प्रसंगवश : गांव, गरीब किसान पर भारी पड़ा तंत्र, मंत्र...

कल संपन्न हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में गांव, गरीब किसानों के समस्याओं पर तंत्र, मंत्र का पाखंड भारी पड़ गया। मीडिया की सुर्खियां बना तांत्रिक बनाम भाजपा कार्यकर्ता की खबरें ज्यादा छपी बनिस्बत गांव, गरीब, किसान के। इस कथित तांत्रिक ने विधानसभा को इसलिए बांध दिया है, कि...

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दुनिया में बढ़ती भूख की चुनौती

दुनिया में बढ़ती भूख की चुनौती

भूखमरी हमारे लिए एक सामाजिक कलंक है प्रभुनाथ शुक्ल घर के ठंडे चूल्हे पर खाली पतीली है, बताओ कैसे लिख दूं धूप फागुन सी नशीली है, मशहूर शायर अदम  गोंडवी की भूख से सराबोर यह शेर हमें सोचने पर मजबूर करता है। जबकि सपने बेंच कर सिंहासन हासिल करने वाली...

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जीएसटी राज का एक साल, आखिरकार बदल ही गई परोक्ष कर व्यवस्था

जीएसटी राज का एक साल, आखिरकार बदल ही गई परोक्ष...

उपेन्द्र प्रसाद वस्तु सेवा कर (जीएसटी) का एक साल पूरा हो गया है और यह इसकी समीक्षा करने का सही वक्त है। यह भारत के इतिहास का सबसे व्यापक कर सुधार था और इसकी पूरी संभावना थी कि इसके कारण व्यापार और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है और...

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कश्मीर: वही पुराना तरीका, इसे सिर्फ  भूगोल का हिस्सा समझना गलत है

कश्मीर: वही पुराना तरीका, इसे सिर्फ  भूगोल का हिस्सा समझना गलत...

अनिल सिन्हा मोदी सरकार के ताजा फैसले बताते हैं कि सरकार यह मान कर चल रही है कि कश्मीर की समस्या के हल का कोई रास्ता तुरंत खुलने वाला नहीं है।  इसका मतलब यही है कि समस्या से जुड़े पक्षों-हुर्रियत, राजनीतिक दल और पाकिस्तान- से कोई बातचीत नहीं होगी, कम...

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घटते विदेशी मुद्रा भंडार से भारत के लिए मुश्किलें बढ़ीं

घटते विदेशी मुद्रा भंडार से भारत के लिए मुश्किलें बढ़ीं

जयंतीलाल भंडारी बीते 30 जून को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 410 अरब डॉलर से भी कम रह गया। महीना भर पहले यह 425 अरब डॉलर के स्तर पर था। विदेशी मुद्रा कोष के तेजी से घटने के कुछ कारण स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमत...

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सांस के जरिये मिलती असाध्य बीमारियों की सौगात

सांस के जरिये मिलती असाध्य बीमारियों की सौगात

खतरे की घंटी है मौसम चक्रका बदलाव योगेश कुमार गोयल पिछले कुछ समय से देशभर में कुदरत जो कहर बरपा रही है, उसकी अनदेखी उचित नहीं और समय रहते अगर हम नहीं चेते तो आने वाले समय में इसके भयानक दुष्परिणामों के लिए हमें तैयार रहना होगा। पिछले कुछ महीनों...

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डण्डे से भेंड़ हाँकिए, लोकतंत्र को नही, लेखक : अनिल द्विवेदी

डण्डे से भेंड़ हाँकिए, लोकतंत्र को नही, लेखक : अनिल...

संदर्भ : पुलिस द्वारा विधायक की पिटाई मामला अनिल द्विवेदी देश में राजनीति की सबसे बडी नर्सरी कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश में राजगददी का हस्तांतरण हुए जुम्मा—जुम्मा कुछ ही दिन हुए थे. अखिलेश यादव जब यूपी के मुख्यमंत्री बने तो मेरठ में भाजपा विधायक के साथ एक आइपीएस ने दुव्र्यवहार...

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 प्रसंगवश : विशेषज्ञ नहीं, तरीका बदलें,  लेखक : अमन सिंह

 प्रसंगवश : विशेषज्ञ नहीं, तरीका बदलें, लेखक : अमन सिंह

अमन सिंह केंद्र सरकार ने संयुक्त सचिव के पद पर सीधी भर्ती का निर्णय लिया तो ऐसा लगा जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बर्रे के छत्ते में हाथ डाल दिया हो. एक आईएएस अधिकारी को पदोन्नति के बाद इस पद पर पहुंचने में 16-17 साल लग जाते हैं. इस पद...

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गरियाबंद विशेष लेख: घने जंगलों के बीच लिखी जा रही विकास की गाथा

गरियाबंद विशेष लेख: घने जंगलों के बीच लिखी जा रही...

आदिवासी बाहुल्य ग्राम सुखरीडबरी अब सुखीडबरी बनने की ओर मनरेगा से तैयार हुआ विकास का समन्वित माॅडल    जिला मुख्यालय से महज 35 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच बसा ग्राम पंचायत कोपेकसा का एक टोला सुखीडबरी इन दिनों विकास नई कहानी लिख रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी...

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जलवायु परिवर्तन भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा

जलवायु परिवर्तन भविष्य के लिए बहुत बड़ा खतरा

शशांक द्विवेदीदुनिया के जलवायु ढांचे में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। बेमौसम आंधी.तूफान और बरसात से हजारों लोगों की जान जा रही है। ऋतु चक्रों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर काफी बातें हो रही हैंए सम्मेलन.सेमिनार आदि आयोजित हो रहे हैं। लेकिन...

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जरा इनका भी पसीना सूंघेंं

जरा इनका भी पसीना सूंघेंं

कनक तिवारीऐसा नहीं है कि पुलिस व्यवस्था केवल खलनायकी है। तमाम विवशताओं के बावजूद भारतीय पुलिस बल में अपना रेकार्ड अच्छा रखने का हौसला है। कनिष्ठ पुलिसकर्मियों में अब भी ऐसे हैं जो अपने कर्तव्य के प्रति मुस्तैद हैं। उनकी आर्थिक स्थितियां चिन्तनीय हैं। अपराधियों की दुनिया अमीर, सुविधासम्पन्न, आधुनिकतम...

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आजादी का आन्दोलन और हिन्दू महासभा

आजादी का आन्दोलन और हिन्दू महासभा

कनक तिवारी 6 जुलाई डॉक्टर श्यामाप्रसाद मुखर्जी का जन्मदिन है। प्रख्यात शिक्षाशास्त्री, सांसद, संविधानविद, देशभक्त और हिन्दूवादी नेता के रूप में उनका महत्व और यश इतिहास में दर्ज रहेगा। उनकी सेवाओं का मूल्यांकन इतिहास करेगा ही। उनके राजनीतिक वंशज पौने तीन सौ की संख्या के पार संसद में पहुंच गए...

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