व्यापारी एकता पैनल का राजधानी में सघन जनसंपर्क

व्यापारी एकता पैनल का राजधानी में सघन जनसंपर्क

Chhattisgarh
रायपुर (नवप्रदेश) छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स चुनाव में व्यापारी एकता पैनल का प्रचार अभियान गुरूवार को पूरी तरह राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में केंद्रित रहा, हालांकि अन्य जिलों में पैनल के टीम प्रचारत्त रहे। विधायक व पैनल के अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी के नेतृत्व में सारे सदस्य सुबह 11 बजे शारदा चौक पर एकत्रित हुए और बंजारी चौक से शुरू किया गया प्रचार शहर के विभिन्न हिस्सों में दिन भर चला। व्यापारियों का भारी जनसमूह जब बंजारी चौक से लेकर गोलबाजार, चूडीलाईन, हलवाई लाइन, नयापारा इलाके में निकला तो एकतरफा माहौल देखकर व्यापारियों ने एक दूसरे को अग्रिम में जीत की बधाई देना शुरू कर दिया। सुंदरानी व बरलोटा ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि वर्षों से आपका और हमारा संबंध हैं, हमारे कार्यों को भी देखा है समय के साथ बदलाव की जो जरूरतें व्यापारिक हित में हैं सभी पूरा करने का यथासंभव प्रयास हम करेंगे। व्
कंगना ने सबकी बोलती बंद कर दी

कंगना ने सबकी बोलती बंद कर दी

Bollywood
नई दिल्ली। पिछले कुछ महीनों से खबर आ रही थी कि कंगना रनोट के पास अब कुछ खास ऑफर नहीं आ रहे हैं। एक के बाद एक हुए विवाद के चलते बॉलीवुड से जुड़े लोग उनसे किनारा कर रहे हैं। इंडस्ट्री के बड़े निर्देशक कंगना के साथ काम करने से कतरा रहे हैं क्योंकि कंगना की प्रोफेशनल लाइफ भी कुछ खास नहीं चल रही है। उनकी पिछली फिल्में 'रंगूनÓ और 'सिमरनÓ को भी दर्शकों ने नकार दिया। वहीं, कंगना अपने नाज-नखरों को लेकर भी आए दिन सुर्खियों में रहती हैं। खैर,जो भी है, अब कंगना ने लोगों की इस गलतफहमी को दूर कर दो और फिल्में साइन कर ली हैं। फरवरी में 'मर्णिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसीÓ की शूटिंग खत्म कर वह अपनी नई फिल्मों के काम में जुट जाएंगी। उनकी एक फिल्म थ्रिलर होगी और दूसरी फिल्म शेखर कपूर डायरेक्ट करेंगे। खुद कंगना ने इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा, 'मैंने दो नई फिल्में साइन कर ली हैं लेकिन अभी मैं आपको इनसे जुड़ी और
मड़वा प्लांट की सड़क गुजरने वाले की बदल देती है पहचान

मड़वा प्लांट की सड़क गुजरने वाले की बदल देती है पहचान

Chhattisgarh
जांजगीर चांपा. (नव प्रदेश) अरबों रूपए में बना मड़वा पावर प्लाण्ट एक अदद् सड़क के लिए तरस रहा है। जांजगीर व चांपा के बीच एनएच 49 से रास्ता कटकर मड़वा प्लाण्ट को जाता है। प्रवेश द्वार से लेकर प्लाण्ट तक मुरूम वाली सड़क की हालत यह है कि यहां से बाइक से गुजरने वालों की पहचान बदल जाती है। सड़क पर भारी वाहनों के गुजरने से उठने वाला धूल का गुबार सेहत के लिए खतरा बन चुका है। प्लाण्ट के सक्षम अधिकारी या जिला प्रशासन को इस समस्या से कोई मतलब नहीं है। प्लाण्ट द्वारा अपने मतलब से बनाई गई यह सड़क क्षेत्र के गांव के लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुकी है। सीएसपीजीपीएल मड़वा पावर प्लाण्ट का निर्माण हुए लगभग 8 वर्ष हो गए। इन आठ वर्षों में प्लाण्ट द्वारा एनएच 49 से प्लाण्ट के गेट तक पक्की सड़क नहीं बनाई जा सकी है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंपनी कितने मनोयोग से चलाई जा रही है। इस मार्ग से लगी हुई
कबाडिय़ों का कैसा याराना, जानकर आप भी रह जाएंगे दंग

कबाडिय़ों का कैसा याराना, जानकर आप भी रह जाएंगे दंग

Chhattisgarh
जांजगीर.चांपा (नव प्रदेश)। अंचल में कबाड़ का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। कबाडिय़ों पर पुलिस की मौन स्वीकृति तब जाहिर होता है जब शिकायत के बाद भी कबाडिय़ों पर कोई कार्रवाई नहीं करती। कबाडिय़ों पर कार्रवाई नहीं होने से एक ओर चोरी लूट की घटनाएं बढ़ती है वहीं काले कारोबार को भी बढ़ावा मिलता है। जिले के हर छोटे बड़े शहरों में चोरी-छिपे कबाड़ का कारोबार हो रहा है। तेजी से हो रहे औद्योगिकरण के चलते कबाड़ का व्यवसाय होना स्वाभाविक है। पॉवर प्लांटों से भी बड़ी तादाद में कबाड़ निकलता है। जिससे अपराधी तत्व के लोग कबाड़ चोरी करते हैं। इन पर पुलिस की नजर नहीं पडऩे के कारण कारोबार दिन ब दिन बढ़ रहा है। सबसे अधिक क्षेत्र में चार-चार पावर प्लांट हैं, जिससे कबाड़ का व्यवसाय बढ़ रहा है, वहीं मुलमुला अकलतरा क्षेत्र में भी पावर प्लांट की संख्या अधिक होने से इस क्षेत्र में कबाड़ का कारोबार अधिक हो रहा है।
ऑनलाइन फार्म भरते समय हुई चूक तो कॉलेज की परीक्षा से हो सकते हैं वंचित

ऑनलाइन फार्म भरते समय हुई चूक तो कॉलेज की परीक्षा से हो सकते हैं वंचित

Chhattisgarh
जांजगीर-चांपा. (नव प्रदेश) बिलासपुर विश्वविद्यालय के सत्र 2017-18 की मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरते समय जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। कोई भी जानकारी गलत अपलोड करने से परीक्षार्थियों की मुसीबत बढ़ सकती है। परीक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्र मुख्य परीक्षा से वंचित भी हो जाएंगे। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन फार्म जमा करने 30 दिसंबर तक पोर्टल खुला है। प्रतिदिन सैकड़ों परीक्षार्थी फार्म जमा कर रहे हैं। जागरूकता के अभाव में अधिकांश परीक्षार्थी फार्म भरते समय इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं या तो जानकारी का अभाव या लापरवाही के कारण वे गलत या त्रुटिपूर्ण फार्म अपलोड कर रहे हैं। प्रिंटआउट निकालने के बाद उन्हें गलत जानकारी अपलोड करने का एहसास होता है, इसके बाद फिर सुधार की गुंजाइश नहीं है। गलती सुधरवाने के लिए फिर विश्वविद्यालय जाना पड़ेगा। जिससे
अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुँचे, इसके लिए खर्च किए 26000 करोड़ रुपए

अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुँचे, इसके लिए खर्च किए 26000 करोड़ रुपए

Chhattisgarh
राजनांदगांव (नवप्रदेश) अंतिम गाँव के अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुँचे, इसके लिए राज्य सरकार ने विद्युत उत्पादन, वितरण जैसे कार्यों में 26000 करोड़ रुपए की राशि से आधारिक संरचना तैयार की। एकल बत्ती के माध्यम से बीपीएल घर रौशन हों, इसके लिए 1800 करोड़ रुपए सब्सिडी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने राज्य सरकार के चौदह वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित सौभाग्य योजना के प्रदेश स्तरीय शुभारंभ एवं श्रमिक सम्मेलन के अवसर पर यह बात कही। अप्रैल 2018 तक प्रदेश का हर मजरा-टोला रौशन होगा। सौभाग्य योजना के माध्यम से हर घर में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश के हर गाँव पूर्ण रूप से ऊर्जीकृत होंगे। इस अवसर पर चौदह वर्षों की उपलब्धि भी साझा की। सबको बिजली उपलब्ध कराने के मामले में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है। प्रदेश के वित्तीय प्रबंधन की प्रशंसा अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी ने भी की है। मुख्यमंत
क्षमता से दुगने कैदी एक बैरक में रहने को मजबूर

क्षमता से दुगने कैदी एक बैरक में रहने को मजबूर

Chhattisgarh
गरियाबंद (नव प्रदेश) नक्सल प्रभावित अतिसंवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद आज तक जिला जेल का दर्जा नही मिल पाया है जिसके चलते उपजेल गरियाबंद में असुविधा का आलम है जिला बनने के बाद गरियाबंद जिला जेल की दरकरार से जूझ रहा है कुछ सालों पूर्व 3 बार जेल ब्रेक की घटना भी हो चुकी है वर्तमान में जेल के चारों तरफ प्रकाश व्यवस्था भी कमजोर है 5 ब्लाकों वाले जिला मुख्यालय में महिला जेल नहीं होने के चलते महिला कैदियों को रायपुर रेफर किया जाता है इस बारे में जेल अधिकारी का कहना है कि उप जेल में व्यवस्था तो है लेकिन जिले में महिला अपराधियों के केस कम ही देखने जो मिलते है जिसके चलते साल दो साल में एकाध केस आता है एक कैदी के पीछे लगभग 4-5 लोगो का स्टाफ रखना पड़ेगा । जोकि काफी खर्चीला है इसलिए साल दो साल में महिला अपराधियों के जो एक दो केस आते भी है तो रायपुर जेल ही शिफ्ट कर दिया जाता है वैसे भी राज्य भर के ज्
गार्ड की भर्ती में गड़बड़ी की जांच जल्द : गागड़ा

गार्ड की भर्ती में गड़बड़ी की जांच जल्द : गागड़ा

Chhattisgarh
बीजापुर. (नव प्रदेश) वन मंत्री महेश गागड़ा ने कहा है कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए गेम गार्ड की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत की जांच के लिए उन्होंने सीसीएफ से कहा है। उन्होंने तिमेड़ पुल के निर्माण की धीमी गति से जुड़े सवाल पर कहा कि इसके लिए महाराष्ट्र सरकार से बातचीत की जाएगी। वन मंत्री महेश गागड़ा यहां सर्किट हाऊस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि सोशल मीडिया के जरिए उन्हें गेम गार्ड की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत मिली। उन्होंने सीसीएफ से जांच जल्द पूरी करने कहा है। रमन सरकार की 14 बरस की पूर्ति पर एक कार्यक्रम में शरीक होने आए वन मंत्री ने भाजपा सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को रेखांकित करते कहा कि इस दौरान बीजापुर जिले समेत समूचे छग ने आशातीत विकास किया है। इसी माह बीजापुर व भोपालपटनम में रिलायंस का नेटवर्क शुरू किया जाएगा। आवापल्ली में बीएसएनएल के के
प्रेमिका की हत्या के बाद थाने पहुंचा प्रेमी

प्रेमिका की हत्या के बाद थाने पहुंचा प्रेमी

Chhattisgarh
सरसीवां. (नव प्रदेश) प्रेमिका को घर लाकर तीन दिनों तक रखा, विवाद के बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी वहीं साक्ष्य को मिटाने के लिये नहर में गड्ढ़ा खोदकर उसके शव को दफन भी कर दिया करीब 12 घंठे बाद पे्रमी को अपने इस गलती का ऐहसास हुआ उसके बाद उसने सारंगढ़ थाना पहुंचकर अपने इस करतुत का खुलासा किया जिसे सुनकर पुलिस के अधिकारी व जवान भी हैरान हो गऐ। जब घटना स्थल पर पहुंच कर उक्त गड्ढ़े कि खुदाई की गई तो पे्र्रमिका की लाष बरामद हुई। पुलिस ने शव को पीएम के लिये भेज दिया है। और मामले की जांच में जुट गयें हैं। साहब मैने अपनी प्रेमिका की हत्या कर शव को गांव के पास वाले सुखे नहर में गड्ढ़ा खोदकर दफना दिया है। यह कोई फिल्मी डायलॉग नहीं बल्की यह एक पे्रमी की अपराधीक दासतां है। जिसका अफसोस होने के बाद उसने खुद थाने पहुंचकर मामले की जानकारी देने के साथ हीं खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। यह 22 वर्षीय धनेष
5 माह में शायद ही बन पाए सरकंडा को जोडऩे वाला पुल

5 माह में शायद ही बन पाए सरकंडा को जोडऩे वाला पुल

Chhattisgarh
बिलासपुर, (नव प्रदेश)। पुराने अरपा पुल के दोनों तरफ 15 करोड़ 26 लाख की लागत से नए पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे 19 मई 2018 तक पूरा किया जाना है। पुल के एप्रोच रोड में कुछ निजी जमीन भी आ रही है जिसका अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया जारी है। शहर में राज्य निर्माण के बाद जनसंख्या एवं वाहनों की संख्या में वृद्धि के साथ ही अरपा रिव्हर व्यू बन जाने के कारण पुराने अरपा पुल पर ट्रैफिक जाम की समस्या लगभग रोज हो रही है। इस समस्या से निजात पाने के लिए पुराने अरपा पुल के दोनों तरफ पृथक से पुल बनाने का निर्णय लेते हुए निविदा आदि की प्रक्रिया पूरी कर 20 अप्रैल 2017 को कार्यादेश लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किया गया। पुल के दोनों तरफ की लंबाई ढाई-ढाई सौ मीटर एवं चौड़ाई 8.4 मीटर है। पुल की लागत 15 करोड़ 26 लाख रुपए है, जिसका ठेका कोरबा के अशोक मित्तल को दिया गया है। जानकारी के मुताबिक उक्त ठेकेदार द्वा