सिमगा से कवर्धा तक हाईवे सड़क की हालत जर्जर

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दाढ़ी (नव प्रदेश)
करोड़ों रुपए की लागत से बनाई गई सिमगा से कवर्धा चिल्फी तक सीमेंटीकरण सड़क की हालत 8 महीने में ही जर्जर होकर हजारों की तादाद में सड़क में दरार उभर आई है केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय के माध्यम से निर्मित होने वाले गारंटीशुदा सड़क की हालत दिनोदिन अत्यंत जर्जर होते जा रही है 24 घंटे भारी से भारी वाहनों की आवा जाही निरंतर इस मार्ग में होता हैं यह हाईवे मार्ग छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर से सिमगा बेमेतरा कवर्धा होते हुए मध्य प्रदेश की शहर जबलपुर से आगरा एवं कानपुर की ओर जाने वाली सड़क में 24 घंटे भारी वाहनों की बराबर आवागमन होता है हाल ही में विधानसभा में इस बाबत मामला भी उठाया गया था सड़क की गुणवत्ता को लेकर विधानसभा में उठे इस मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग के मंत्री राजेश मूणत ने सड़क को गुणवत्तापरक बताते हुए किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलने की बात कही है तथा उन्होंने यह भी कहा है कि सड़क गुणवत्ता पूर्वक बनाई गई है किंतु हकीकत कोसों दूर है सड़क की हालत अत्यंत जर्जर हो गई है तथा सड़क दरारों में तब्दील होने लगी है आगामी बारिश की दिनों में हाईवे में वाहनों की आवाजाही भी बंद होने की स्थिति निर्मित होते देर नहीं लगेगी हालांकि सड़क निर्माता कंपनी के द्वारा बराबर सीमेंट वाली सड़क में आ रही दरारों को उच्च क्वालिटी वाले तकनीक के सामग्री के माध्यम से दरार में मटेरियल भरा जा रहा है ताकि दरार कम हो सके लेकिन वाहनों की आवाजाही को देखते हुए सड़क में निरंतर दरार बढ़ते ही जा रही है बेमेतरा शहर से कवर्धा की ओर जाने पर ग्राम लोलेसरा से लेकर कवर्धा के जाते तक सड़क अत्यंत खराब होने की स्थिति में पहुंच गई है अगर इसी तरह लोक निर्माण विभाग के द्वारा सड़क की ओर अनदेखी किया जाता रहा तो आने वाले बारिश के दिनों में हाईवे में आवागमन पूरी तरह बंद होने की स्थिति निर्मित हो सकती है एनएच- 30 के नाम से पहचान बना चुके हाईवे सड़क में दरार आने के बाद से कई स्थानों पर सड़क में सीसी रोड के दबने की भी घटनाएं परिलक्षित होने लगी है जिसके कारण अब ऐसा प्रतीत होने लगा है कि आगामी बारिश के दिनों में सड़क के अत्यंत खराब हो जाने की स्थिति निर्मित हो सकती है क्योंकि सड़क निर्माता विभाग का दफ्तर राजधानी स्थित रायपुर में होने के कारण इस क्षेत्र की समस्याओं एवं सड़क में आ रही परेशानी से शिकायत कर्ताओं के द्वारा अफसरों तक जान पहचान नहीं होने के कारण इस अंचल की शिकायतों से भी बड़े अफसर एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि बेखबर है इस संबंध में सड़क किनारे के बसाहट वाले गांव के पंचायत पदाधिकारियों के द्वारा दुर्ग के सांसद ताम्रध्वज साहू को सड़क में आ रही दरार एवं अन्य परेशानियों से मौखिक तौर पर अवगत कराने का कार्य होने लगा है लगातार गांव गांव से इसकी शिकायत भी पहुंचने लगी है इसके बावजूद शासन प्रशासन के द्वारा सड़क में दरार एवं गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की जांच पड़ताल अब तक नहीं शुरू हो पाई है।

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