आधुनिक मशीन से होगी टीबी मरीजों की जांच

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जांजगीर-चांपा (नव प्रदेश)। जिला अस्पताल में अगले माह से टीबी मरीजों की जांच आधुनिक सीबी नॉट मशीन से होगी। यह मशीन आटोमेटिक है, जिससे मरीज को दो से ढाई घंटे में रिपोर्ट मिल जाएगी। इस मशीन की खासियत यह है कि मरीज में टीबी के उस स्टेज का भी पता लगा लेगी, जिसकी जांच की सुविधा अब तक जिला अस्पताल में नहीं थी। टीबी से संबंधित पूरी जांच इस एक मशीनें से होगी।
जिला अस्पताल में अभी सामान्य टीबी मरीजों की जांच की सुविधा है। टीबी के घातक स्टेज एमडीआर की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग अभी कोरबा, रायगढ़ और बिलासपुर पर निर्भर है जिससे रिपोर्ट मिलने में पांच से सात दिन लग जाते हैं। टीबी पॉजिटिव मरीज द्वारा दवाओं का सेवन बीच में छोड़ देने से टीबी का सामान्य मरीज एमडीआर स्टेज में चला जाता है। एमडीआर मल्टी ड्रग रजिस्टेंस टीबी बीमारी का घातक स्टेज है। मरीज अगर सामान्य टीबी से ग्रसित है तो इसका पता माइक्रोस्कोप से लग जाता है, लेकिन एमडीआर की जांच केवल सीबी नॉट मशीन से हो पाती है। जिले में एमडीआर के मरीजों की संख्या 73 है। सीबी नॉट मशीन की सुविधा जिला अस्पताल में शुरू हो जाने से ऐसे मरीजों की जांच में जहां आसानी होगी, वहीं हफ्ते दिन की बजाए तत्काल रिपोर्ट मिल जाने से मरीज का इलाज शुरू हो पाएगा।
माइक्रोस्कोप से एक यूनिट बलगम में दस हजार बैक्टीरिया की जांच संभव हो पाती है, लेकिन सीबी नॉट मशीन में कम से कम बैक्टीरिया को भी डिटेक्ट करने की क्षमता है। इस मशीन में एक बार में चार रोगियों के सैंपलों की जांच संभव है।
जिले में एमडीआर से 9 की हो चुकी है मौत
जिले में एमडीआर के मरीज हर साल सामने आ रहे हैं। पांच साल में 73 मरीज एमडीआर पीडि़त मिले हैं जबकि 9 लोगों की इससे मौत भी हो चुकी है। तीन सालों का आंकड़ा ही देखे तो 2015 में 7, 2016 में 16 और2017 के 11 महीनों में 19 एमडीआर के मरीज पाए गए हैं। इसके बाद भी मरीज गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। रिकार्ड में अभी भी 10 लोग नियमित रूप से दवा लेने नहीं आ रहे हैं।
जिला अस्पताल में शीघ्र ही सीबी नॉट मशीन आने वाली है। इसके लिए क्षय नियंत्रण कक्ष के बगल में नया कमरा भी तैयार हो चुका है। मशीन मुंबई से जिले के लिए डिस्पेच हो चुकी है। संभवत: 10 दिन में यहां आ जाएगी। मशीन शुरू हो जाने से टीबी से संबंधित सभी प्रकार के जांच की सुविधा लोगों को जिले में मिलेगी।
प्राइवेट अस्पताल भी करा सकेंगे नि:शुल्क जांच. सीबी नॉट मशीन से प्राइवेट अस्पताल संचालक अपने अस्पताल में भर्ती मरीजों की भी जांच के लिए सैंपल भेज सकते हैं। यहां उनकी जांच की निशुल्क सुविधा दी जाएगी।
यह मशीन भारत सरकार द्वारा भेजी जा रही है, जो मुंबई से यहां आएगी। शुक्रवार को वहां से मशीन जिले के लिए रवाना हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अनुसार दस दिन में मशीन यहां पहुंच जाएगी। साफ्टवेयर इंस्टालेशन के बाद जांच शुरू होगी। कर्मचारियों को मशीन चलाने के लिए प्रशिक्षण देने भी तैयारी की जा रही है।

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