फर्जीवाड़े की जांच के लिए ग्रामीणों ने मंत्री को दिया ज्ञापन

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साजा (नवप्रदेश)। जिला पंचायत सीईओ ने पहले कहा था कि हमारे पास बहुत सारे प्रकरण है इनका निराकरण के बाद ही बेलगॉव पंचायत की जांच की जायेगी लेकिन दोबारा उन्हे फोन लगाकर पूछने पर उनका जवाब पहले के जवाब से मेल नहीं खाता अब उन्होने जनपद से जांच रिपोर्ट आने की बात कह रहे है जबकि जनपद पंचायत ने अभी तक कोई जांच की कार्रवाई ही शुरू नहीं किये है। अब ऐसा लग रहा है जेसे मामले को रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है। ग्राम पंचायत बेलगांव में 2013 से 2017 तक तक की मूलभूत और वित्तिय आयोग फर्जीवाडे मामले का खुलासा होने के बाद भी आज तक कोई जांच भी नहीं हो रही मानों गा्रमीणों की कोई सुनवाई ही नहीं है जनता की पैसो का खुलकर दुरपयोग हो रहा लेकिन अधिकारी भी मौन है। ग्रामीणों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर पंच और ग्रामीण कलेक्टर जनदर्शन में फर्जी कामों की जॉच कराने की मांग की गई थी। लेकिन कलेक्टर ने भी अभी तक कोई जंाच की दिशा में कदम नहीं उठाये है जिसको देखते हुए ग्रामीणों ने मंत्री दयालदास के पास पहुॅचकर जांच कराने की मांग की है। बेमेतरा जिले में इस तरह के मामले लगातार बढ़ रही है ग्राम पंचायत बेलगांव की तरह आज कई पंचायत और भी जहॉ वित्तीय आयोगों का पैसो का खुलकर दुरपयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायत बेलगांव के ग्रामीणों एवं शिकायतकर्ताओं ने नवप्रदेश के संवाददाता को सूचना के अधिकार के तहत निकाली गई जानकारी की कॉपी सौपतें हुए बताया था कि कहॉ कहॉ फर्जीवाड़ा हुआ है जिसके बाद नवप्रदेश में खबर को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था इसके बाद भी किसी के कानों में जूॅ तक नहीं रेगी ना ही कोई कार्रवाई की गई ऐसे लगता है जैसे दोषियों को बचाने की कोशिशे की जा रही हो। इससे पहले भी ग्रामीणों ने पूर्व में भी शौचालय निर्माण में गड़बडी की शिकायत जनदर्शन में कर चुके है जिस पर भी आज तक कोई कार्रवाई ही नहीं हुई। अब ग्रामीणों में ये चर्चा है कि जनदर्शन के नाम पर जनता को सरकार गुमराह कर रही है जनदर्शन में अधिकांश शिाकायतों पर आज पर्यन्त कोई कार्रवाई नहीं हुई है। शिकायतकर्ता जितेन्द्र साहू एवं ग्रामीणों ने बताया कि जो काम गांव में हुआ ही नही उसके नाम पर भी पैसों का आहरण किया गया है वही कई प्रकार के फर्जी बिल लगाकर पैसा निकाला गया है। 2013 से लेकर अब तक लाखों रूपये की हेराफेरी की गई है। अब सवाल ये उठता है कि इतने दिनों तक इतनी सारी फर्जी बिल का उपयोग होता रहा और जनपद पंचायत और जिला पंचायत को भनक तक नही लगी या फिर इसके पीछे जनपद में बैठे लोगों का भी हाथ हो सकता है।
जनपद पंचायत में हो रहा फर्जीवाडा – जनपद पंचायत साजा में विगत माह मनरेगा के मजदुरी भुगतान में वही के कंप्युटर आपरेटर द्वारा अपने स्वयं के खाते में फर्जी तरीके से भुगतान करने का केस अभी चल ही रहा है। जिसके उजागर होने पर वह कंप्युटर आपरेटर जेल में है। साथ ही केस अभी न्यायाल में चल रही है। जनपद पंचायत से शिकायत की जांच रिपोर्ट आयेगी। जांच में टाईम लगता है। जो जनदर्शन में शिकायत हुई है उसकी जंाच होने के बाद दोषीयों पर कार्यवाही की जायेगी।
– सच्चिदानंद आलोक, सीईआ,े जिला पंचायत बेमेतरा

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