भू-राजस्व संशोधन वापस लिया सरकार ने

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रायपुर(नवप्रदेश)। केबिनेट की बैठक में आज छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संशोधन विधेयक को वापस ले लिया गया। गौरतलब है कि इस विधेयक के विधानसभा में पारित होने के बाद से आदिवासी समाज में आक्रोश व्याप्त था और आईबी की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले चुनाव में सरकार को भारी नुकसान का अंदेशा था। इसलिए सरकार ने आज इस विधेयक को वापस लेने का निर्णय केबिनेट में लिया। आज की केबिनेट इसलिए भी महत्वपूर्ण थी नए मुख्य सचिव अजय सिंह की ताजपोशी पर मुहर लगी और उन्होंने कार्यभार भी ग्रहण किया वही पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड को रेरा का चेयर मेन बनाए जाने के बाद पूर्व और वर्तमान मुख्य सचिवों में चार्ज हेंड एंड टेक वोअर हुआ। मुख्यमंत्री समेत पूरी केबिनेट ने नए मुख्य सचिव का स्वागत किया और विवेक ढांड को बिदाई दी। इसके अलावा आज केबिनेट में जो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए उसमें कृषक जीवन ज्योति योजना के तहत किसानों को फ्लैट रेट पर बिल भुगतान की सुविधा- इस योजना में किसानों को 3 एचपी एवं 5 एचपी तक के सिंचाई पम्प कनेक्शनों पर प्रतिवर्ष क्रमश: 6000 और 7500 यूनिट तक बिजली नि:शुल्क देने का प्रावधान है। इससे अधिक बिजली खपत पर Óवन टाईम सेटेलमेंट Ó के तहत उन्हें फ्लैट रेट पर भुगतान की सुविधा देने के बारे में चर्चा की गई।
निर्णय लिया गया कि योजना के तहत ऐसे हितग्राही किसान जिन पर बिजली बिल भुगतान बकाया है, उन्हें 1 अप्रैल 2013 से फ्लैट रेट पर बिलों के भुगतान का विकल्प चुनने का अवसर दिया जाए। विकल्प चुनने पर 1 अप्रैल 2013 अथवा बिजली बिल की बकाया राशि की तारीख, जो भी बाद में हो, से उनके बिलों को 100 रूपए प्रतिमाह प्रति एचपी के मान से संशोधित कर सरचार्ज सहित भुगतान की मांग की जाएगी। इस निर्णय से प्रदेश के 82 हजार किसान लाभान्वित होंगे। उन पर 21 करोड़ रूपए का बिजली बिल बकाया है। यह सुविधा प्रत्येक हितग्राही किसान के एक एचपी से 5 एचपी तक एक सिंचाई पम्प पर दी जाएगी।
मंत्रिपरिषद के माननीय सदस्यों को राज्य में भारत नेट परियोजना के क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। बताया गया कि इस परियोजना के जरिये के प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों को इंटरनेट कनेक्विटी दी जाएगी। इससे गांवो और शहरों के बीच डिजिटल दूरी कम होगी। लोगों को शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ मिल सकेगा। गांवों में रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ेगी। छत्तीसगढ़ में इस परियोजना के तहत प्रथम चरण में 2131 ग्राम पंचायतों में कार्य पूर्ण कर लिया गया है। द्धितीय चरण में 5987 ग्राम पंचायतों को नेशनल आप्टिकल फाईवर नेटवर्क से जोडऩे का लक्ष्य है। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन के साथ दूरसंचार विभाग, भारत ब्रॉडबैण्ड नेटवर्क लिमिटेड और छत्तीसगढ़ शासन के उपक्रम चिप्स के बीच 4 पक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर 30 दिसम्बर 2017 को हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। योजना के तहत इन ग्राम पंचायतों में 32 हजार 500 किलोमीटर आप्टिकल फाईबर नेटवर्क बिछाया जाएगा। परियोजना के द्धितीय चरण के लिए 1624 करोड़ 74 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। लोक नायक जयप्रकाश नारायण (मीसा/डीआईआर राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरूद्ध व्यक्ति) सम्मान निधि नियम 2008 में आवेदन प्रस्तुत करने के लिए अंतिम तारीख 31 मार्च 2017 थी, जिसे संशोधित कर 31 दिसम्बर 2018 करने का निर्णय लिया गया।

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