मांगलिक कार्यों के लिए करना होगा इंतजार

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जांजगीर-चांपा. (नव प्रदेश)
मकरसंक्रांति इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी। 14 जनवरी को महापर्व रहेगा। इस दिन मकर राशि में भगवान सूर्य का प्रवेश रविवार दोपहर 11.47 बजे होगा। प्रदोष व्रत होने से इस दिन भगवान शिव सूर्य की उपासना श्रेष्ठ फलकारी रहेगी।
संक्रांति का प्रवेश दोपहर में होने से संपूर्ण दिन पुण्यकाल रहेगा। जातक इस दिन कभी भी दान पुण्य कर सकते हैं। गरीब जरूरतमंद को कंबल खिचड़ी पकाकर खिलाने से अत्यधिक पुण्य मिल सकेगा। इसके साथ ही मौसम में गर्मी आना शुरू हो जाएगा। मकर संक्रांति से मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं, लेकिन तारा शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण मंगल कार्य 4 फरवरी के बाद ही प्रारंभ होंगे। संक्रांति का पर्व सूर्यदेव का है। इस दिन रविवार और सर्वार्थ सिद्धि योग होने से इसकी महत्ता चार गुना बढ़ जाती है।
क्याहै संक्रांति – सूर्यके एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश को संक्रांति कहते हैं। इसमें धनु राशि से सूर्य निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है। ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्य की 12 संक्रांति होती है। उसमें मकर संक्रांति का सर्वाधिक महत्व है। इस दिन सूर्य अपनी चाल बदलते हुए दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करते हैं। संक्रांति पर स्नान और दान का विशेष महत्व माना जाता है। पंडित नवीनचंद्र शर्मा के अनुसार इस बार संक्रांति का वाहन भैंसा है तथा उप वाहन ऊंट है। रविवार को होने से धोरा नाम बनता है जिससे काले वस्त्र तथा हाथ में भाला धारण कर रखा है। संक्रांति के लक्षण आदिवासियों, अल्पसंख्यक वर्ग, गरीब व्यक्तियों के लिए शुभकारी रहेंगे। धार्मिक गुरुओं, विद्वान शिक्षकों, सुरक्षाकर्मियों के लिए कष्टकारी हो सकते हैं। सोना, चांदी, वाहन, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, दवाइयां, शेयर बाजार में तेजी रहेगी। सभी धान्य एवं तरल पदार्थ में भारी उतार-चढ़ावा के योग हैं।

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