मंगलवार को राज्यसभा में पेश होगा तीन तलाक बिल

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नई दिल्ली । लोकसभा में गुरुवार को चर्चा के बाद पारित हुए तीन तलाक बिल के पारति होने के बाद अब इसे अगले सप्ताह मंगलवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। सोमवार को सांसदों की मांग पर नए साल के पहले दिन सदन की बैठक न करने का फैसला किया गया है।
राज्यसभा में संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने सांसदों के अनुरोध पर सदन में ऐलान किया कि सोमवार यानि नए साल में एक जनवरी को सदन की बैठक नहीं होगी और इस दिन के कामकाज के नुकसान की भरपाई सदन को देर तक चलाकर पूरी की जाएगी। दरअसल लोकसभा में गुरुवार को सात घंटे से ज्यादा चली बहस के बाद एक बार में तीन तलाक को अवैध करार देने वाला ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक पारित किया गया है, जिसके बाद इस बिल को सोमवार में उच्च सदन में पेश किया जाना था, लेकिन सोमवार को सदन की बैठक स्थगित रखने का फैसला होने के बाद अब इस बिल को मंगलवार की कार्यसूची में शामिल किया जा रहा है। बिना किसी संशोधन के पास हुए इस विधेयक में एक साथ तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाया गया है और राज्यसभा से पास होने के बाद यह बिल एक कानून बन जाएगा।
एक साथ तीन तलाक अवैध
किसी व्यक्ति द्वारा उसकी पत्नी के लिए एक साथ तीन तलाक, चाहे बोले गए हों, लिखित हों या इलेक्ट्रानिक रूप में हो गैरकानूनी माना जाएगा।तीन साल तक की जेलरू एक साथ तीन तलाक देने वाले को एक से तीन साल तक कारावास और जुर्माना हो सकता है।गुजारा भत्ता मिलेगारू तीन तलाक पीडि़त पत्नी और बच्चों के जीवन यापन के लिए गुजारा भत्ता मिलेगा। पत्नी अव्यस्क बच्चों की अभिरक्षा की भी हकदार होगी।

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