टी-20 सीरीज : कटक में बढ़त के लिए उतरेगी रोहित एंड कंपनी

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कटक। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम बुधवार को श्रीलंका के खिलाफ सीरीज़ के पहले ट्वंटी 20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अपनी विजयी लय को बरकरार रखने के लिये उतरेगी जहां उसके कई खिलाडिय़ों के पास व्यक्तिगत रिकार्ड कायम करने के भी अवसर होंगे।भारत ने रविवार को श्रीलंका के खिलाफ 2-1 से तीन मैचों की वनडे सीरीज़ जीती थी जबकि इससे पहले वह तीन मैचों की टेस्ट सीरीज़ में 1-0 से विजयी रही है। विराट कोहली की अनुपस्थिति में अब कार्यवाहक कप्तान रोहित के कंधों पर ट्वंटी 20 सीरीज़ में भी जीत दिलाने की जिम्मेदारी है।
टीम इंडिया ने इसी वर्ष श्रीलंका के खिलाफ उसी के मैदान पर एकमात्र ट्वंटी 20 खेला था और उसमें जीत भी दर्ज की थी जबकि ओवरऑल भी उसका फटाफट प्रारूप में श्रीलंका के खिलाफ बेहतरीन रिकार्ड रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक पांच द्विपक्षीय ट्वंटी 20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सीरीज़ हो चुकी है जिसमें भारत ने कभी भी हार नहीं झेली है। वर्ष 2008-09 में भारत ने श्रीलंका से 1-0, वर्ष 2012 में 1-0 से, 2015-16 में 2-1 से और 2017 में 1-0 से ट्वंटी 20 अंतरराष्ट्रीय मैच जीते हैं जबकि 2009-10 में उसने सीरीज़ 1-1 से ड्रा खेली थी। लेकिन इस बार उसके पास घरेलू जमीन पर श्रीलंका को 3-0 से क्लीन स्वीप का मौका है।
भारतीय टीम पिछली गलतियों से सबक लेते हुये कटक में शुरूआत से ही बढ़त कायम करने के इरादे से उतरेगी ताकि वनडे सीरीज़ जैसी स्थिति पैदा न हो। अच्छी लय में चल रही टीम का हौंसला काफी बुलंद है जबकि श्रीलंका पर अब सीरीज़ के साथ सम्मान बचाने का भी दबाव है। श्रीलंकाई टीम को अपने मैदान पर इसी वर्ष हुई घरेलू सीरीज़ में तीनों प्रारूपों में भारत से व्हाइटवॉश झेलनी पड़ी थी लेकिन वह भारत की जमीन पर मौजूदा सीरीज़ में अब तक उसका बदला चुकता नहीं कर सकी है। ऐसे में उसके पास भी वापसी का यह सुनहरा मौका है। हालांकि इस प्रारूप में उसका हालिया प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा है और उसे इसी वर्ष यूएई में पाकिस्तान से ट्वंटी 20 सीरीज़ में 0-3 से करारी हार का सामना करना पड़ा था।
वहीं इस सीरीज़ में अब उसके अनुभवी गेंदबाज़ लसित मलिंगा को आराम दिया गया है जबकि सुरंगा लकमल भी टीम का हिस्सा नहीं है। अक्टूबर में पाकिस्तान के साथ हुई सीरीज़ के अब केवल छह खिलाड़ी ही भारत के खिलाफ सीरीज़ का हिस्सा हैं जबकि जिन खिलाडिय़ों ने लाहौर जाने से इंकार किया था वे भी वापसी कर रहे हैं। सचित पाथिराना और चतुरंगा डीसिल्वा के रूप में उसके पास ऑलराउंडर तो हैं लेकिन अकीला धनंजय के रूप में एकमात्र स्पिनर है।
बल्लेबाज़ी लाइनअप में कुशाल परेरा, सदीरा समरविक्रमा, दानुष्का गुनाथिलाका और उपूल थरंगा शीर्ष क्रम के दावेदारों में है। कुशाल ने जून में चैंपियंस ट्राफी के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है लेकिन उनकी अनुपस्थिति में निरोशन डिकवेला अहम बल्लेबाज़ रहे हैं। तेज़ गेंदबाज़ों में लकमल और मलिंगा की अनुपस्थिति में दुष्मंता चमीरा और नुवान प्रदीप से उम्मीदें होंगी। हालांकि जहां श्रीलंकाई खेमा बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में काफी अस्थिर दिखाई दे रहा है वहीं अच्छी लय में चल रही भारतीय टीम के पास ओपनर इसके बीच भारतीय खिलाडिय़ों में महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, दिनेश कार्तिक, मनीष पांडे जैसे अच्छे स्कोरर हैं जबकि स्पिन विभाग में उसकी नजऱें फिर से युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव पर टिकीं हैं।
वनडे सीरीज़ में रिकार्ड दोहरा शतक जडऩे वाले रोहित पर रन बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी और ओपनिंग क्रम में राहुल उनके अच्छे साझेदारी हो सकते हैं। वहीं मध्यक्रम में अनुभवी धोनी को स्थिति संभालनी होगी। रोहित के पास बाराबती स्टेडियम में 1500 ट्वंटी 20 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने का मौका होगा जिससे वह अभी 15 रन ही दूर हैं। वह ऐसा करने वाले विराट के बाद दूसरे भारतीय बल्लेबाज़ भी बन जाएंगे।
ऐसे ही विकेटकीपर बल्लेबाज़ धोनी को ट्वंटी 20 में सुरेश रैना को पीछे छोड़कर तीसरा सर्वाधिक स्कोरर बनने का मौका है जिनके अभी तक 1281 रन हैं। साथ ही धोनी के पास इस बार स्टम्प्स के पीछे एक और व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने का मौका है। धोनी को ट्वंटी 20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेट के पीछे सर्वाधिक शिकार करने के एबी डीविलियर्स (72 स्टम्पिंग) के रिकार्ड को पीछे छोडऩे के लिये अब केवल तीन शिकार और करने हैं।
गेंदबाजी विभाग में सौराष्ट्र के बायें हाथ के तेज़ गेंदबाज़ जयदेव उनादकट की भी टीम में वापसी हुई है जिन्होंने गत वर्ष जून में जिम्बाब्वे के खिलाफ आखिरी ट्वंटी 20 खेला था। वहीं टीम में तीन गैर अनुभवी खिलाडिय़ों वाशिंगटन सुंदर, बासिल थम्पी और दीपक हुड्डा हैं। दीपक का सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन रहा था। वनडे सीरीज़ में प्रभावित करने वाले स्पिनर युजवेंद्र इस वर्ष के सर्वश्रेष्ठ विकेट लेने वाले गेंदबाज़ बनने से भी तीन विकेट दूर हैं। उनके नाम अब तक 15 विकेट हैं वहीं जसप्रीत बुमराह(12) उनसे पीछे हैं। तेज़ गेंदबाज़ों में भुवनेश्वर कुमार की अनुपस्थिति में बुमराह पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी जबकि टीम में केरल के यार्कर मैन बासिल थम्पी भी शामिल हैं।

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