कोसा उत्पादन में प्रदेश में नंबर वन बना कोरबा जिला

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कोरबा. (नव प्रदेश)
राज्य निर्माण के पश्चात प्रदेश में गत चैदह साल के भीतर विकास की अविरल गंगा बही है। नित नये कार्ययोजना बनने के साथ रोजगारन्मुखी कार्य से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन स्तर को उपर उठानें में शासन के रेशम विभाग का भी बड़ा योगदान है। रेशम विभाग की पहल से आज कोरबा जिला कोसा उत्पादन में नंबर वन तो बना ही, विभाग की कार्ययोजना से इस जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में कोसा उत्पादन की नई शुरूआत और यहा बेरोजगार बैठे ग्रामीणों, पहाड़ी कोरवाओं को काम मिला। यही वजह है कि अब कोसा कृमि पालन को आमदनी का आधार मानकर लोग इससे जुडऩे लगे है और आत्मनिर्भर बनने लगे है। जिले में 1250 हेक्टेयर क्षेत्र में कोसा कृमिपालन किया जा रहा है। गत वर्ष एक करोड़ 57 लाख 86 हजार नग कोसा उत्पादन हुआ और 15 सौ हितग्राही लाभान्वित हुये। रिकार्ड उत्पादन के साथ कोरबा जिला कोसा उत्पादन में सिरमौर बन गया है, वही जिले के छुरीकला ग्राम की पहचान कोसा वस्त्र उद्योग के रूप में स्थापित है।
जिले में वृहत पैमाने पर कोसा उत्पादन किया जा रहा है। भौगोलिक परिििस्थ्तयों तथा हरे भरे वन की वजह से यहा कोसा उत्पादन को और बढ़ाने कृमि पालन की अपार संभावनायें भी है। इसी संभावनाओं को आधार बनाकर रेशम विभाग हर साल कोसा उत्पादन बढ़ा रहा है। जिले में 19 विभागीय एवं 22 विस्तार केंद्र है।
रकबा बढऩे के साथ बढ़ा उत्पादन
जिले मेें कोसा उत्पादन को बढ़ावा देने विभाग की कार्ययोजना काम आई। वर्ष 2003-04 में 800 हेक्टयेयर क्षेत्र में ही उत्पादन होता था। इससे 52 लाख 21 हजार नग कोसाफल का उत्पादन और 800 हितग्राही लाभान्वित हुये थे। विभाग के अधिकारी ए के बाजपेयी ने बताया कि विभागीय एवं मनरेगा मद से हर साल नये वनक्षेत्रों का चयन एवं पौधरोपण कार्य को बढ़ावा देकर कोसा कृमि पालन एवं उत्पादन में लगातार वृद्धि की गई। परिणाम स्वरूप वर्ष 2013-14 में 1100 हेक्टयेर में एक करोड़ 30 लाख् 79 हजार नग कोसाफल का उत्पादन हुआ और 1200 हितग्राही लाभान्वित हुये। वर्ष 2014-15 में 1200 हेक्टयेर में एक करोड़ 32 लाख 62 हजार नग कोसाफल का उत्पादन हुआ और 1400 हितग्राही लाभान्वित हुये। वर्ष 2015-16 में 1250 हेक्टयेर में एक करोड़ 41 लाख 25 हजार नग टसर कोसाफल का उत्पादन हुआ और 1450 हितग्राही लाभान्वित हुये। गत वर्ष 2016-17 में 1250 हेक्टयर क्षेत्र में एक करोड़ 57 लाख 86 हजार नग टसर कोसाफल उत्पादन कर कोरबा जिला सर्वाधिक उत्पादन वाला जिला बन गया।

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