किडनी विशेषज्ञ डा पुनीत गुप्ता ने किया सुपेबेड़ा का दौरा

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देवभोग. (नव प्रदेश)
किडनी विशेषज्ञ डाँ पुनीत गुप्ता ने गुरूवार को सुपेबेड़ा का दौरा किया। इस दौरान गांव में घंटे भर तक रहकर ग्रामीणों से पूरी वस्तुस्थिति की जानकारी ली। इस दौरान नाराज ग्रामीणों ने डाँ गुप्ता से कहा कि उन्हें अब स्वास्थ्य विभाग पर भरोसा नहीं रह गया है। ऐसे में वे अब आयुर्वेंदिक पध्दति से ही अपना उपचार करवाना चाह रहे हैं। इस पर श्री गुप्ता ने कहा कि पूरी स्वास्थ्य विभाग की टीम सुपेबेड़ा के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उपर स्तर पर वे चर्चा कर आए है कि ग्रामीणों के मांग के अनुरूप ही शासन काम करते हुए उन्हें राहत देगी। इस पर ग्रामीणों ने बताया कि उनकी मांग है कि देवभोग में ही सुपेबेड़ा के लिए अलग से ईलाज को लेकर व्यवस्था की जानी चाहिए। वहीं उनका उपचार सीएससी में ही किया जाए। इस पर श्री गुप्ता ने ग्रामीणों से कहा कि देवभोग सीएससी में जल्द ही डायलिसिस की मशीन लगवाई जाएगी। वहीं किडनी रोगियों का डायलिसिस यहां सीएससी में ही करवाया जाएगा। वहीं टेली डायलिसिस के माध्यम से इसे जोड़ा जाएगा,जहां राजधानी में बैठे-बैठे विशेषज्ञ डायलिसिस को देख पाएंगे। वहीं उन्होंने कहा कि महीने में किडनी विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम भी यहां देवभोग सीएससी आकर मरीजों का उपचार करेगी। 15 से 20 को हैं डायलिसिस की जरूरत-: डाँ पुनीत गुप्ता किडनी प्रभावित गांव सुपेबेड़ा में करीब घंटे भर तक रहे। इस दौरान मरीजों ने अपनी-अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत करवाया। इसके बाद श्री गुप्ता ने मरीजों को उपचार संबंधी सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि उनकी टीम गांव के लोगों के साथ खड़ी हुई हैं। हर परिस्थिति से लडऩे को वे तैयार है। ऐसे में ग्रामीणों को भी जागरूक होकर ईलाज के लिए गंभीर होना होगा। ग्रामीणों से चर्चा करने के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान श्री गुप्ता ने बताया कि अभी गांव में करीब सवा दो हजार मरीजों की जांच की गई थी,जिसमें लगभग 190 मरीजों को किडनी की तकलीफ है। वहीं 15 से 20 मरीजों को ऐसा महसूस होता है कि उन्हें डायलिसिस किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी कोशिश है कि मरीजों को अस्पताल में हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करवाते हुए उनका बेहतर ईलाज करे। मेकाहारा में ईलाज करवाए जाने की बात कहे जाने पर ग्रामीणों ने मेकाहारा प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए वहां ईलाज न करवाने की बात श्री गुप्ता से कही। ग्रामीणों ने यह आरोप लगाया कि मेकाहारा में जाने के बाद वहां ईलाज को लेकर ध्यान नहीं दिया जाता। बार-बार डाक्टर और नर्स के पीछे मरीज के परिजन चक्कर काटते रहते है। इसके बाद भी ईलाज को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं होते। इस पर डाँ गुप्ता ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि अब पहली जैसी परिस्थितियां नहीं रहेगी उन्हें मेकाहारा में किसी भी परेशानी से जूझना नहीं पड़ेगा। इस पर ग्रामीणों ने मांग की कि यदि उनके लिए मेकाहारा में अलग से वार्ड बनाकर वहां चार से पांच बेड की व्यवस्था की जाती है तो वह वहां जाकर ईलाज करवाने को तैयार है। इस पर श्री गुप्ता ने कहा कि शासन स्तर पर चर्चा करने के बाद उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि एक वार्ड बनाकर वहां चार से पांच बेड लगाकर उसे सुपेबेड़ा वार्ड का नाम वहां दिया जाए। दौरे के दौरान डाँ पुनीत गुप्ता द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद ग्रामीण पूरी तरह से संतुष्ट नजर आए। ग्रामीणों के मुताबिक यदि देवभोग में इस तरह की सुविधा हो जाती है तो कई लोगों की जान बच जाएगी।

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