सरस्वती सायकल योजनांतर्गत ४३,०६३ बालिकाएं हुई लाभान्वित

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बेमेतरा. (नव प्रदेश)
समाज को सशक्त और सुदृढ़ बनाने के लिए परिवार की महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी है। परिवार की एक महिला की शिक्षित होने से वह संपूर्ण परिवार को शिक्षित बना सकती है। राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने अभिनव पहल किये गए है। इनमें से एक महत्वकांक्षी योजना सरस्वती सायकल येाजना भी है। इसके माध्यम से कक्षा नवमीं और दसवीं में अध्ययनरत बालिकाओं को राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क सायकलें प्रदान की जा रही है। प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी के मंशा के अनुरूप शासन द्वारा वर्ष २००४-०५ से प्रारंभ की गई सरस्वती सायकल योजना आज बालिकाओं के विद्या अध्ययन के लिए वरदान साबित हुई है। इससे न केवल बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में सहुलियत हुई है बल्कि उच्च शिक्षा के प्रति ललक भी पैदा हुई है। वर्तमान में जिले के १५४ हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूलों में बालिकाओं की दर्ज संख्या में अपेक्षा से अधिक वृद्धि हुई है। बेमेतरा जिले में सरस्वती सायकल योजनांतर्गत वर्ष २००४-०५ से लेकर अब तक ४३,०६३ सायकलें वितरित की गई है। योजना के प्रारंभ वर्ष २००४-०५ से २००६-०७ तक कक्षा नवमी एवं दसवीं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की बालिकाओं को नि:शुल्क सायकलें प्रदाय की जा रही थी। वर्ष २००७-०८ में इसका विस्तार करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के बी.पी.एल. बालिकाओं को भी नि:शुल्क सरस्वती सायकलें प्रदाय की जा रही है। योजना के प्रारंभ वर्ष २००४-०५ में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के ७० बालिकाओं को नि:शुल्क सायकलें प्रदाय की गई। वर्ष २००५-०६ में ३९७ बालिकाओं को और वर्ष २००६-०७ में ४८९ बालिकाओं को नि:शुल्क सायकलें प्रदाय की गई। वर्ष २००७-०८ से कक्षा नवमी में अध्ययनरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग की बी.पी.एल. सहित कुल १३०८ बालिकाओं को, वर्ष २००८-०९ में १६३६ बालिकाओं को, वर्ष २००९-१० में २३९५ बालिकाओं को, वर्ष २०१०-११ में ३२६४ बालिकाओं को, वर्ष २०११-१२ में ४००० बालिकाओं को, वर्ष २०१२-१३ में ३८१८ बालिकाओं को, वर्ष २०१३-१४ में ४४०७ बालिकाओं को, वर्ष २०१४-१५ में ५३५० बालिकाओं को, वर्ष २०१५-१६ में ५१०१ बालिकाओं, वर्ष २०१६-१७ में ५०५८ बालिकाओं को तथा वर्ष २०१७-१८ में ५७७२ बालिकाओं को नि:शुल्क सरस्वती सायकल वितरित की गई है। शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय जेवरा की कक्षा बारहवीं में अध्ययनरत कु. रजनी निषाद, शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अंधियाखोर की कक्षा बारहवीं में अध्ययनरत कु. रामेश्वरी, शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय कारेसरा की कक्षा ग्यारहवीं में अध्ययनरत कु. डाली सहित योजना से लाभान्वित छात्राएं कु. भारती, कु. प्रीति, कु. गायत्री शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अंधियाखोर, कु. गीता, कु. कमलेश्वरी शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय कारेसरा, कु. टिकेश्वरी वर्मा, कु. पेमिन ठाकुर शासकीय हाईस्कूल निनवा, कु. दुर्गेश्वरी, कु. हलिमा शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय कठिया, कु. गोदवरी, कु. दामिनी वर्मा, कु. लुकेश्वरी नवरंगे, कु. प्रतिमा यादव शासकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय बेमेतरा, कु. कंचन, कु. भावना, कु. चांदश्री शासकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय बेरला, कु. दामिनी निषाद, कु. हेमिन, कु. चंपा शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय जेवरी, कु. ज्योति सिन्हा, कु. प्रिया डहरिया, कु. सुष्टि राजपूत शासकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय साजा, कु. पुन्नी कु. पिंकी, कु. विद्या शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय बावामोहतरा तथा कु. प्रियंका साहू व कु. वीणा कलार शासकीय कन्या उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय थानखम्हरिया ने सरस्वती सायकल मिलने पर खुशी का ईजहार करते हुए बताया कि वे अब सायकल से समय पर स्कूल पहुंच रही है। स्कूल से घर की दूरियॉ अब कम हो गई है।

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