भारत ने श्रीलंका को पारी और 239 रन से रौंदा, सीरीज में 1-0 से बढ़त

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नागपुर। स्पिनरों और तेज़ गेंदबाज़ों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने श्रीलंकाई क्रिकेट टीम को दूसरे क्रिकेट टेस्ट के चौथे ही दिन सोमवार को लंच के कुछ देर बाद 166 रन के मामूली स्कोर पर समेटते हुये मैच में पारी और 239 रन से धमाकेदार जीत अपने नाम कर ली। इसी के साथ मेजबान टीम ने तीन मैचों की सीरीज़ में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त भी हासिल कर ली है।
भारत ने इस तरह अपने टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी जीत की बराबरी भी कर ली है। भारत ने इससे पहले मई 2007 में बंगलादेश को ढाका में पारी और 239 रन से हराया था और अब उसने श्रीलंका को भी पारी और 239 रन से हराकर अपने ही रिकार्ड की बराबरी कर ली है। कोलकाता में ड्रा हुये पहले ईडन टेस्ट की गलतियों से सबक लेते हुये दुनिया की नंबर एक टीम भारत ने इस मैच में शुरूआत से ही अपना नियंत्रण बनाये रखा। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने लाहिरू गमागे(शून्य) का आखिरी विकेट लेकर न सिर्फ श्रीलंकाई पारी को समेटा बल्कि इसी के साथ टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज़ 300 विकेट की उपलब्धि भी अपने नाम कर ली। अश्विन ने मैच में कुल आठ विकेट लिये। श्रीलंका के खिलाफ कप्तान विराट कोहली के दोहरे शतक सहित चार शतकों से सजी अपनी पहली पारी में छह विकेट पर 610 रन बना पारी घोषित करने वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका की दूसरी पारी चौथे ही दिन लंच के कुछ देर बाद 49.3 ओवर में 166 रन पर समेटते हुये पारी और 239 रन से जीत अपने नाम की।
भारत के लिये इस बड़ी जीत में बल्लेबाज़ों के बाद उसके गेंदबाज़ों की भी अहम भूमिका रही जिसमें अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 63 रन पर चार विकेट, लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा ने 28 रन पर दो विकेट निकाल अपनी फिरकी की अहमियत फिर जता दी। तेज़ गेंदबाज़ों में इशांत शर्मा ने 43 रन पर दो विकेट और उमेश यादव ने 30 रन देकर दो विकेट निकाले।
मेरी फिटनेस की वजह से देर तक खेल सका: विराट
नागपुर,(वार्ता) भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में मिली जीत में दोहरी शतकीय पारी के लिये मैन ऑफ द मैच चुने जाने पर कहा कि उनकी फिटनेस की वजह से ही वह इतनी देर तक टिककर रन बनाते रहे और विदेशी दौरों में भी ऐसा ही खेलना चाहते हैं। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में चौथे ही दिन सोमवार को पारी और 239 रन से जीत दर्ज कर ली। इस मैच में भारत ने अपनी पहली पारी में छह विकेट पर 610 रन बनाकर इसे घोषित कर दिया था जिसमें कप्तान विराट ने 213 रन का योगदान दिया था।
वहीं मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा और रोहित शर्मा ने शतक बनाये थे।
विराट को उनके इस दोहरे शतक के लिये मैन ऑफ द मैच चुना गया। श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज़ में 1-0 की बढ़त के बाद कप्तान ने कहा” यह पिच बल्लेबाजी के लिये बहुत बढिय़ा थी। यह थोड़ी धीमी थी और इस पर ज्यादा कुछ नहीं हो रहा था। मैं जिस तरह से बल्लेबाजी करना चाहता था वैसा ही कर रहा था। मैं चाहता था कि स्ट्राइक रोटेट करूं और ज्यादा स्कोर कर सकूं ताकि हमारे गेंदबाजों के पास विपक्षी टीम को आउट करने का समय हो।”
उन्होंने कहा” हम विदेशी दौरों में भी ऐसा ही कारनामा दोहराना चाहते हैं। मैं हमेशा ही खुद को बेहतर करना चाहता हूं। मैं हमेशा सिर्फ इसलिये शतक बनाने के बारे में सोचता हूं ताकि मेरी टीम को इससे फायदा मिल सके। शतक के बाद जब आपका ध्यान भटक जाता है तो आप जल्द विकेट गंवा देते हैं। जो बल्लेबाज़ टिका रहता है वह नये के मुकाबले ज्यादा बेहतर खेलता है।”29 वर्षीय स्टार बल्लेबाज़ ने कहा” मैं बस यही सोच रहा था कि नये बल्लेबाज़ के आने से पहले खुद ही इतना स्कोर कर दूं कि गेंदबाज़ों को मदद मिल सके। मेरी फिटनेस भी इसमें मददगार रही जिसकी वजह से मैं देर तक क्रीज पर टिककर रन बना सका।” विराट ने पारी में 384 मिनट क्रीज़ पर बिताये और 267 गेंदों का सामना किया। उन्होंने 17 चौके और दो छक्के लगाकर 213 रन बनाये।
अन्य बल्लेबाजों के प्रदर्शन को लेकर कप्तान ने कहा” पुजारा हमारे निरंतर अच्छा खेलने वाले बल्लेबाज हैं। विजय कुछ समय के बाद खेल रहे हैं। वह टेस्ट क्रिकेट खेलने में गर्व महसूस करते हैं। वह टीम से बाहर हुये लेकिन अच्छी तरह वापसी की। रोहित ने भी जबरदस्त वापसी कर भविष्य के लिये स्थिति को मजबूत किया है। हम जब भी संयोजन की बात करेंगे तो वह हमेशा हमारे दिमाग में होंगे।”
विराट ने साथ ही कहा कि अब टीम में कई नये टेस्ट क्रिकेटर भी आ रहे हैं। कई गेंदबाज़ भी हैं। भुवनेश्वर ने पिछले कुछ महीनों में भारत के लिये बहुत क्रिकेट खेला है। इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और उमेश यादव उतना नहीं खेल सके हैं। लेकिन इन गेंदबाजों ने प्रथम श्रेणी में बहुत खेला है जिससे इनकी लय बनी रहती है और इसीलिये इस पिच पर भी उमेश, इशांत ने बहुत अच्छा खेला।
कप्तान ने कहा” हमारे स्पिनरों ने हमारे लिये बहुत अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन इशांत का प्रदर्शन हमारे लिये सबसे महत्वपूर्ण रहा। हम ऐसा सोच कर खेल रहे हैं कि हम दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारियों में लगे हैं और इसीलिये हमने इस तरह की पिचों की मांग की थी जहां तेज़ गेंदबाजों को मदद मिले। हमारे पास अगले दौरे के लिये ज्यादा समय नहीं है तो ऐसे में हमने यहां इस प्रदर्शन से उन आगामी बड़े दौरों की तैयारियां की हैं।

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