कई देशों ने भारत से पूछा, शांति के साथ कैसे सुलझ गया डोकलाम विवाद

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नई दिल्ली। चीन से विवाद का सामना कर रहे कई देश भारत से यह जानना चाहते हैं कि उसने डोकलाम विवाद इतनी शांति के साथ कैसे सुलझा लिया। विवाद शांत होने के बावजूद डोकलाम के पास चीन के सैनिकों की जमावड़े के मद्देनजर भारत की ऑपरेशनल तैयारी पूरी है। यह जानकारी देते हुए शीर्ष सरकारी सूत्रों ने सोमवार को बताया कि चीन के सैनिकों की गतिविधियां उनके अपने इलाके में हैं और इस बात को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए कि पूरे मुद्दे को अबतक बातचीत से सुलझाया गया है और इस रुख की विश्व मंच पर सराहना की गई है।
हाल में आसियान प्लस के रक्षा मंत्रियों की फिलीपींस में बैठक हुई थी। आसियान प्लस में दक्षिण पूर्व एशिया के 10 देशों के साथ अमेरिका, चीन, रूस, भारत और जापान जैसी प्रमुख ताकतें हैं। शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब दुनिया में भविष्य को लेकर चिंता है। बैठक में मौजूद दक्षिण एशियाई देशों के प्रतिनिधियों की दिलचस्पी यह जानने में थी कि भारत ने डोकलाम के विवाद को जिस तरीके से हैंडल किया, उसका राज क्या है।
गौरतलब है कि कुछ देशों का दक्षिण चीन सागर पर चीन के साथ विवाद है और वे भी इन विवादों को सुलझाने में लगे हैं। दक्षिण चीन सागर के एक बड़े हिस्से पर चीन के अतिरिक्त 5 दूसरे देश वियतनाम, मलयेशिया, इंडोनेशिया, ब्रुनेई और फिलिपिंस अपना दावा जताते हैं। चीन ने यहां कई कृत्रिम द्वीपों के निर्माण के जरिए यहां दबदबा कायम करने की कोशिश की है जिसका ये तमाम देश विरोध करते रह हैं, लेकिन चीन अपनी मनमानी से बाज नहीं आता। इस बैठक में चीन के साथ रूस और अमेरिका के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। अमेरिकी रक्षा मंत्री मैटिस के साथ रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन की मुलाकात से भी भारत और अमेरिका के बीच गठजोड़ पर नजरें टिकी रहीं। बैठक के दौरान ही भारत और रूस के बीच सैन्य अभ्यास चल रहा था, जबकि रूस को हाल ही में चीन और पाकिस्तान के बीच देखा जा रहा है। बैठक में मौजूद सभी देश जानना चाहते थे कि भारत अपनी डिप्लोमैसी को किस तरह सबके साथ आगे ले जा रहा है।

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