जिला अस्पताल में बेड की कमी का बहाना, डॉक्टर नहीं करते इलाज

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बिलासपुर, (नव प्रदेश)। जिला अस्पताल परिसर में तीन घंटे तक एक बुजुर्ग मरीज तड़पता रहा, मगर उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था। लंबे इंतजार के बाद डाक्टर पहुंचे तो मामूली जांच कर उसे सिम्स अस्पताल ले जाने की सलाह देकर चलता कर दिए। लक्ष्मण प्रसाद उम्र 75 वर्ष ग्राम लखराम की गिरने की वजह से करम की हड्डी फैक्चर हो गई जिसे उपचार के लिए परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर सुबह 11.30 बजे पहुंचे तो डॉक्टरों की कमी के कारण लंबा इंतजार करना पड़ा। तकरीबन तीन घंटे के बाद डा. एसएस भाटिया ने मरीज को देखकर अस्पताल में बेड की कीम का हवाला देकर सिम्स ले जाने की बात कह अपने कक्ष में चल दिए। परिजनों ने काफी गुहार लगाई, लेकिन डॉक्टर ने इलाज करने के बजाए कन्नी काट लिया। बुजुर्ग की गंभीर स्थिति को देख सिविल सर्जन डाक्टर एसएस बाजपेयी से संपर्क किया और डाक्टर भाटिया की शिकायत करने के बाद तत्काल भर्ती कर उपचार शुरु किया। मरीज के पुत्र राजेश दिनकर ने बताया कि जिला अस्पताल में घंटों डाक्टरों का इंतजार करना पड़ा। लगातार डाक्टर से मिलने की कोशिश की गई, लेकिन उनके कक्ष के बाहर बैठे कर्मचारी नहीं आने और राउंड में होने का हवाला देते रहे। प्राइवेट हास्पिटल में उपचार करवाने की स्थिति नहीं है इसलिए जिला अस्पताल आना पड़ा पर यहां इलाज करवाने यहां-वहां भटकना पड़ता है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में चिकित्सा की स्थिति दयनीय है जहां सुबह ओपीडी में गिनती के डॉक्टर मरीजों के इलाज के लिए मौजूद रहते हैं। कई मरीजों को बीमारी से संबंधित डाक्टर नहीं मिलने से उल्टे पांव वापस होना पड़ता है। वहीं गंभीर अवस्था में पहुंचे मरीजों का इलाज करने से मौजूद डाक्टर बचते नजर आते हैं और किसी न किसी प्रकार का बहाना बनाकर सिम्स रिफर कर दिया जाता है। हालात ऐसे हैं कि जिला अस्पताल सिर्फ ओपीडी बनकर रह गया है।

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