बची फसल पर कीट का प्रकोप शुरु

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देवभोग. (नव प्रदेश)
अंचल के किसान इन दिनों कीट के प्रकोप से बहुत ज्यादा परेशान है। ब्लाक में खंड वर्षा के चलते अकाल जैसी स्थिति निर्मित हो गई है,वहीं जहां पानी की अच्छी व्यवस्था है,वहीं फसल कुछ हद तक ठीक हुई है। ऐसी जगहों पर कीट के प्रकोप के चलते किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इन दिनों वैसे भुरा माहु,बंकी गैंदी बांग बीमारी फसल में देखी जा रही है। किसान इन बीमारियों को दूर करने में दवा की तलाश में दुकानों में भटकते नजर आ रहे है। वहीं देवभोग ब्लाक को इस बार सूखा घोषित नहीं किए जाने के चलते किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। बची कुछ फसल को किसान सजेहने में लगे हुए है,लेकिन कीट के बढ़ते प्रकोप के चलते फसल भी पूरी तरह से खराब होती दिख रही है। देवभोग ब्लाक के करीब 90 गांवों में कीट का प्रकोप इस बार नजर आ रहा है। कीट के प्रकोप से परेशान हो चुके टीकरापारा के किसान गुंनधर मांझी बताते हैं कि खंड वर्षा के चलते नाला किनारे के खेतों में कुछ फसल बच गई थी। इसे किसी तरह नाला के पानी से सिंचाई कर बचाया गया था। वहीं कीट लगने के कारण पूरी फसल बर्बाद हो चुकी है। वहीं आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक भी अंचल में करीब 60 प्रतिशत फसल अच्छी है। ऐसे में किसानों के अंदर उम्मीद जग गई थी कि कुछ फसल अच्छी होगी तो वे त्यौहार भी अच्छे से मना पाएंगे। वहीं पौधों में बालियां तो आ गई हैं लेकिन बालियों में भी तना छेदक रोग लग गया है। जिसके लिए किसान कृषि दवाई दुकानों में चक्कर लगा रहे है। कुछ दिनों तक हरा दिखने वाला खेत अब कीटों के प्रकोप के चलते काला पडऩे लगा है।
पानी गिरने से खराब हो सकती हैं फसल
अंचल में बारिश शुरू होने के बाद से कई गांवों में सूखा जैसी स्थिति हो गई थी। वहीं जिस समय फसल को पानी की आवश्यकता थी,उस दौरान पानी नहीं मिल पाया। वहीं फसल के पकने के दौरान पानी गिरने के चलते फसल खराब होने जैसी आशंकाएं भी जताई जाने लगी है। अंचल के किसानों के मुताबिक ले-देकर 30-35 प्रतिशत फसल बची थी,उसे भी कीट प्रकोप निगल रहा है। दवाईयां डालने के बाद भी अब स्थिति यह बन गई है कि कीट उसे तेजी से निगल रहा है।
वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी ललित यादव बताते हैं कि फसल में कीट प्रकोप की जानकारी उन्हें भी कुछ किसानों से मिली है।

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