कांग्रेस ने लिया श्रेय, माना फिर भी है वादा अधूरा

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रायपुर, (नव प्रदेश)। किसानों को बोनस और समर्थन मूल्य पर राजनीति अब चरम पर पहुंच चुकी है। एक तरफ प्रदेश का मुखिया जहां ऐन वक्त पर पूर्व चुनावी ब्रम्हास्त्र छोड़ते हुए किसानों को 2 साल का बोनस और समर्थन मूल्य देने की घोषणा करती है वहां प्रदेश कांग्रेस इसका श्रेय अपने सिर लेते हुए कहते हैं कि बोनस की घोषण आधी अधूरी है। किसानों के साथ छलावा है। आज पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने धान बोनस पर प्रेस कांफ्रेंस लेते हुए अपनी प्रतिक्रिया कुछ इस तरह दिया। उन्होंने आगे कहा कि बोनस की घोषणा आधी अधूरी है। राज्य में सूखा पड़ा है। उन्होंने कहा कि सीएम किसानों की कर्ज माफी की घोषणा करें। उन्होंने कहा कि ये बोनस एक साल का है सरकार को तीन साल का बोनस देना चाहिए। भूपेश ने कहा कि किसानों के मामले में सीएम संवेदनशील नहीं हैं। उन्होंने ये घोषणा मंत्रालय की जगह बीजेपी कार्यलय में की।
भूपेश ने सरकार से पूछा है कि राज्य में कुल 36 लाख किसान हैं, जिसमें से महज 13 लाख पंजीकृत हैं, तो क्या बाकी किसानों को बोनस नहीं मिलेगा।
कांग्रेस का लगातार आंदोलन का नतीजा: सत्यनारायण शर्मा
वहीं कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा ने कहा है कि सरकार का ये चुनावी बोनस है। किसानों का धान का बोनस सरकार दे। सरकार को सिर्फ एक साल का नहीं बल्कि तीन साल का बोनस देना चाहिए। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और किसानों ने जो लगातार बोनस और धान के समर्थन मूल्य को लेकर आंदोलन किया है उसी का नतीजा है कि सरकार को ये फैसला लेना पड़ा।पूर्व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू ने कहा कि ये घोषणा को चुनाव को देखते हुए की गई है। किसानों के साथ छलावा करते हुए 300 रुपये की घोषणा की है। एक-एक दाना धान की खरीदी नहीं हो पा रही है। किसानों को खेती में काफी घाटा हो रहा है। जबकि कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर ने कहा कि 3 साल का बोनस और 4 साल की खरीदी कीमत का अंतर है। 5 हजार 360 करोड़ रुपये बोनस का बकाया है।
दवाब में लिया गया फैसला: टीएस सिंहदेव
नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि राज्य सरकार का ये फैसला दवाब में लिया गया फैसला कहा है। कांग्रेस ने लगातार धान का बोनस दिये जाने की मांग की है, जिसके बाद राज्य सरकार को दवाब में आकर ये कदम उठाना पड़ा। लेकिन राज्य सरकार क्या उन किसानों को बोनस देगी, जिनके फसल हुए हैं, लेकिन सूखे और अल्प बारिश की वजह से जिन किसानों की फसल नहीं हुई। उन किसानों का क्या होगा।
बस चुनावी पैंतरा: अजीत जोगी
अजीत जोगी ने कहा कि राज्य सरकार का ये फैसला महज चुनावी दांव है। किसानों के मुद्दे पर लगातार जोगी कांग्रेस अपनी आवाज उठाती रही है। किसानों को सिर्फ बीजेपी वोट बैंक के लिए रिझाती आ रही है। पिछली बार भी ऐसा ही हुआ था और इस बार भी बीजेपी यही कर रही है।

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