पर्यटक स्थल रानीदहरा में सुविधाओं की दरकार

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कवर्धा (नवप्रदेश)।
जिले के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मे शुमार बैरख पंचायत के रानीदहरा वॉटरफाल मे पर्यटक सुविधाओं के लिए पर्यटकों को भटकना पड़ रहा है। सतपुड़ा पर्वत के सुरम्य वादियों प्रकृति के गोद में रानीदहरा जलप्रपात में बारीश के शुरू होते ही पर्यटकों का आना शुरू हो जाता है, ऐसे में पर्यटको की सुविधाओं को लेकर शासन प्रशासन द्वारा ध्यान नही दिये जाने से पर्यटकों को परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है।
रानीदहरा जलप्रपात मे पर्यटकों को सुविधाओं के नाम पर शासन प्रशासन के द्वारा 1 सिमेंट सेड का निमार्ण व दूसरा फॉल तक पहुंचने के लिए सीढ़ीयां बनाई गई है, देख रेख के आभाव मे दोने ही संसाधनों का बुरा हाल है। झरना तक पहुचनें के लिए बनायें गये सीढ़ीयों के लोहे के रैलिंग लगातार चोरी हो रही है, सीढ़ीयो में पेड़ पौधे गिर जाने के कारण पर्यटको को फॉल तक पहुंचने के लिए नदी के बीचोबीच होकर जाना पड़ता है, जिससें दुर्घटना की संभावना हमेशा बनी रहती है। रानीदहरा के दसरू सिंह, छोटे लाल , ने बताया की बारिश के समय मे जंगल के नाले मे अचानक बाढ़ आ जाता है पर्यटको के द्वारा फॉल तक पहुंचने के लिए नदी मे से गुजरने से उनके नदी में बह जाने का खतरा हमेशा बना रहता है।
रानीदहरा गांव से झरना तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को डेढ किलोमीटर कच्ची सड़क से गुजरना होता है, लगातार छोट बड़े वाहनो के आवागमन से मार्ग जर्जर हो चुका है। बस्ती के पास कीचड़ होने से लोगो को काफी समस्या होती थी, लोगो को खेत लांघकर डेढ किलोमीटर गाड़ी छोड़कर पैदल सफर करना पड़ता था। लोगो के शिकायत पर शासन प्रशासन द्वारा कच्ची सड़क का निमार्ण कर दिया गया है, वाहनो की संख्या सड़क मे बढ़ जाने से वह कच्ची सड़क जवाब देने लगा है।
रानीदहरा झरना में बारीश के दिनो में काफी संख्या मे जिले व दूसरे जिले के पर्यटक वॉटर फाल का नजारा देखने पहुंचते है, यहां बेमेतरा, मुंगेली, राजनांदगांव, जिले से काफी पर्यटक मोटर व चारपहिया वाहनो से पहुंचते है, गाड़ीयों की सुरक्षा के लिए वाहन स्टेण्ड व पर्यटको के लिए सेड की आवश्यकता महसुस की जा रही है, बारीश से बचने के लिए बनायें गये एक मात्र सेड पर्यटकों के लिए नाकाफी है, ऐसे में बारिश एवं धूप बचने लिए पर्यटको का जान जोखिम में डालकर पेड़ आदि का सहारा लेना पड़ता है।
रानीदहरा वॉटर फॉल की दूरी स्थानीय पुलिस थाना से 14 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है, जंगल के बीचो बीच होने के कारण अक्सर युवाओं के द्वारा शराब आदि का सेवन किया जाता है, फलस्वरूप परिवार के साथ यहां पहुचने वाले लोगो को अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ता है, इसलिए वहां पुलिस की व्यवस्था की मंाग ग्रामीणो व पर्यटको के द्वारा की जा रही है।

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