कर्नाटक: बीजेपी बनी नंबर-1, लेकिन पिक्‍चर अभी बाकी है, बड़े उलटफेर का अंदेशा

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कर्नाटक: बीजेपी बनी नंबर-1, लेकिन पिक्‍चर अभी बाकी है, बड़े उलटफेर का अंदेशा

कर्नाटक में बीजेपी भले ही सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े से रुझानों के मुताबिक करीब 5-6 सीटों की कसर देखने को मिल रही है. निर्दलीय प्रत्‍याशी दो सीटों पर आगे दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में इनको जोड़ने के बाद भी बहुमत का आंकड़ा बीजेपी के पास फिलहाल इस वक्‍त नहीं दिखता. इस लिहाज से बीजेपी तब तक सत्‍ता में नहीं आ सकती, जब तक कांग्रेस या जेडीएस खेमे में से उसे समर्थन नहीं मिलता. इन दोनों दलों के मुताबिक रुझानों के मुताबिक क्रमश: कांग्रेस और जेडीएस के पास 73 और 41 सीटों पर बढ़त दिख रही है. ऐसे में ये दल यदि गठबंधन कर लेते हैं तो बीजेपी की सत्‍ता की राह मुश्किल हो सकती है.

मौजूदा सियासी परिदृश्‍य में विश्‍लेषकों के मुताबिक कांग्रेस और जेडीएस के पास एक-दूसरे से हाथ मिलाने के अलावा कोई विकल्‍प नहीं है. इसमें सबसे ज्‍यादा फायदा जेडीएस का इस लिहाज से है क्‍योंकि बीजेपी के साथ यदि वह गठबंधन करती है तो वहां उसको मुख्‍यमंत्री की हॉट सीट से वंचित होना पड़ सकता है क्‍योंकि वहां पर बीजेपी की बड़ी बढ़त के बाद वहां पर इसको सहयोगी पार्टी के रूप में ही रहना पड़ सकता है. जबकि कांग्रेस के साथ जाने की स्थिति में जेडीएस के पास सियासी सौदेबाजी में ज्‍यादा फायदा हो सकता है. इसी कड़ी में फिलहाल बेंगलुरू में कांग्रेस के दिग्‍गज नेताओं की बैठक हो रही है और जेडीएस नेता और एचडी देवगौड़ा के पुत्र कुमारस्‍वामी को मुख्‍यमंत्री की कुर्सी के लिए समर्थन देने की बात कांग्रेस सूत्रों की तरफ से की जा रही है.

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