विडंबना : गोहटियामुड़ा के लोग कई वर्षों से तरस रहे सड़क के लिए

Sharing it

 

  • गांव के हेडपंप का पानी लाल होने के कारण कुंआ खोदकर पानी पीने को हैं मजबूर

देवभोग (नवप्रदेश)। राज्य सरकार डिजिटल छत्तीसगढ़ करने का दावा कर रही है, सरकार का दावा है कि विकास की अलख गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। वहीं सिहारलाठी पंचायत का एक आश्रित गांव गोहटियामुड़ा ऐसा भी है, जहां के लोग पिछले कई सालों से सड़क के लिए तरस रहे है। मामले में ग्रामीण हर लोकसुराज के साथ ही अधिकारियों को आवेदन कर सड़क बनाए जाने की गुहार लगाते है, लेकिन जिम्मेदारों की तरफ से आज तक आवेदन को लेकर कोई पहल नहीं की गई है। इसी के चलते ही ग्रामीणों का भरोसा भी अब शासन-प्रशासन से उठ गया है। किसी तरह मजबूरीवश गांव के पूरे 250 लोग मेड़ के सहारे होकर सिहारलाठी पहुंचते हैं। वहीं बरसात के दिनों में दुपहिया वाहन तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। गांव के मेघनाथ बताते हैं कि स्थिति तो तब ज्यादा खराब हो जाती है,जब किसी की तबियत बिगड़ जाती है। उसके किसी तरह खटिया में डालकर लाना पड़ता है। मेघनाथ के मुताबिक शासन-प्रशासन की निष्क्रियता के चलते ही इस तरह की परिस्थितियों के बीच ग्रामीण रहने को मजबूर है।

कुंआ का पानी बना सहारा- वार्ड पंच मेघनाथ प्रधान बताते हैं कि कई बार आवेदन किए जाने के बाद किसी तरह गोहटियामुड़ा में एक हेडपंप खोदा गया। हेडपंप खोदे जाने के बाद ग्रामीणों के बीच पानी को लेकर निराशा दूर हो गई थी। वहीं हेडपंप में लाल पानी निकलने के बाद ग्रामीण भी मजबूरीवश कुंए का पानी पीने को मजबूर हो गए। ग्रामीणों की माने तो वे कुंए का पानी पीना नहीं चाहते,लेकिन मजबूरीवश पी रहे है। ग्रामीण बताते हैं कि हेडपंप का पानी से खाना बनाने पर चावल पूरी तरह से लाल हो जाता है। वहीं पानी ज्यादा खारा होने से पीने भी नहीं बनता। आपको बताते चले कि ग्रामीण पूरे बारह महीने अपने हाथ से खोदे गए कुंए के पानी के सहारे ही अपनी जिन्दगी जीने को मजबूर है।
बरसात में टापू में तब्दील हो जाता हैं पूरा गांव-
वार्ड पंच मेघनाथ प्रधान के मुताबिक अभी हाल ही में लगातार तीन दिनों तक हुई बारिश के बाद पूरा गोहटियामुड़ा चारों तरफ से टापू में तब्दील हो गया था। मेघनाथ के मुताबिक तीन दिनों तक कोई भी गांव का व्यक्ति चाहकर भी गांव से बाहर नहीं जा पाया था। ग्रामीणों की माने तो उन्होंने तीन महीने के राशन की व्यवस्था पहले से कर लिया है। ग्रामीण पहले से ही गांव की स्थिति देखकर राशन के साथ ही कुछ जरूरी दवाईयां भी अपने साथ रख लेते है,ताकि बाढ़ वाली स्थिति में उन्हें ज्यादा परेशान न होना पड़े।

हमने भी पंचायत के माध्यम से कई बार जानकारी दी हैं कि वहां इस तरह की परिस्थितियां है। वहां सड़क नहीं होने के चलते ग्रामीणों को परेशानी होती है। मामले में उच्चाधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है।
उपेन्द्र नेताम, सचिव, ग्राम पंचायत सिहारलाठी
मामले की जानकारी आपके माध्यम से मिली है। मैं दिखवाता हूं कि वहां क्या स्थिति है।
बीआर साहू, एसडीएम, देवभोग
गोहटियामुड़ा को देखकर सरकार के सारे विकास संबंधी दावों की पोल खुल जाती हैं। मैं भी वहां गया था,गोहटियामुड़ा गांव आज भी विकास के लिए तरस रहा है। मैं मामले को लेकर कलक्टर से चर्चा करूंगा कि वहां के ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेकर प्रशासन काम करे।
जनक धु्रव, नेता कांग्रेस

 

 

Sharing it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *